
जम्मू नवरेह समारोह: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नवदुर्गा की शक्ति और आध्यात्म का बताया महत्व
जम्मू में नवरेह समारोह के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नवदुर्गा के नौ स्वरूपों और उनकी आध्यात्मिक शक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जम्मू: Jammu में आयोजित नवरेह समारोह के अवसर पर Manoj Sinha ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्म और शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा,
“सप्तमं कालरात्रि महागौरी चाष्टमं नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा प्रकीर्तिताः। मां Maa Shailputri, मां Maa Brahmacharini, मां Maa Chandraghanta, मां Maa Kushmanda, मां Maa Skandamata, मां Maa Katyayani, मां Maa Kalaratri, मां Maa Mahagauri, मां Maa Siddhidatri—ये नौ दुर्गा के विविध स्वरूप हैं।”
उन्होंने कहा कि देवी के इन स्वरूपों में प्रकृति और ऊर्जा के सभी मूल तत्व समाहित हैं।
“इन रूपों में सूर्य की ज्योति, अग्नि की तीव्रता, पृथ्वी का धैर्य और वायु की स्वतंत्रता का संगम दिखाई देता है,” उन्होंने कहा।
आध्यात्मिकता और शक्ति का संदेश
उपराज्यपाल ने आगे कहा कि मां दुर्गा की साधना केवल धार्मिक अनुष्ठान या आध्यात्मिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह उस मूल शक्ति का सम्मान है, जिससे सृष्टि और सभी साधनाओं का जन्म होता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस आध्यात्मिक परंपरा को समझें और अपने जीवन में शक्ति, संयम और संतुलन का समावेश करें।
नवरेह का महत्व
Navreh कश्मीरी नववर्ष का प्रतीक है, जिसे विशेष रूप से कश्मीरी पंडित समुदाय द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ नए साल की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा और संकल्पों के साथ की जाती है।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जहां सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।











