Advertisement

चैत्र नवरात्रि 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें उपाय, मंत्र और शुभ भोग

चैत्र नवरात्रि 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें अचूक उपाय, मंत्र और शुभ भोग

चैत्र नवरात्रि 2026: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें अचूक उपाय, मंत्र और शुभ भोग

रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क

चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है।
कहा जाता है कि उनकी एक मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई और उन्होंने अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाया।

नवरात्रि के इस पावन दिन पर श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।


चौथे नवरात्रि के अचूक उपाय

  • पान के पत्ते में गुलाब की 7 पंखुड़ियां रखकर मां लक्ष्मी मंत्र पढ़ते हुए देवी को अर्पित करें। इससे धन की कमी दूर होती है।
  • मां कूष्मांडा को गुलाब के फूल में कपूर रखकर अर्पित करें, इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • इमली की डली घर लाकर उस पर 11 बार मंत्र जाप करें और तिजोरी में रखें, धन वृद्धि होती है।
  • बेल के पेड़ की जड़ में दही, मिट्टी और इत्र अर्पित कर टहनी लाकर तिजोरी में रखें, इससे आर्थिक स्थिरता आती है।

मां कूष्मांडा के शक्तिशाली मंत्र

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च,
दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्माण्डा शुभदास्तु मे।

ॐ कूष्माण्डायै नमः
ऐं ह्रीं देव्यै नमः

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।


प्रिय भोग: मां को क्या चढ़ाएं?

मां कूष्मांडा को मालपुआ अत्यंत प्रिय है। इस दिन मालपुआ का भोग लगाने से माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पूजा के बाद प्रसाद को सभी में बांटना शुभ माना जाता है।


शुभ रंग

इस दिन का शुभ रंग नारंगी माना जाता है। मां को नारंगी फूल अर्पित करें और स्वयं भी इसी रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करें।


मां कूष्मांडा की पूजा से लाभ

  • जीवन के कष्ट दूर होते हैं
  • निरोगी काया का आशीर्वाद मिलता है
  • धन और समृद्धि बढ़ती है
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
  • दुश्मनों से रक्षा मिलती है

कहा जाता है कि मां की कृपा से आयु, यश, बल और बुद्धि में वृद्धि होती है।


चैत्र नवरात्रि चौथा दिन: तिथि

22 मार्च 2026 (रविवार) को चौथा नवरात्रि मनाया जाएगा। इस दिन भरणी नक्षत्र में मां कूष्मांडा की विशेष पूजा की जाएगी।


पूजन विधि

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें
  2. कलश और देवी-देवताओं की पूजा करें
  3. मां कूष्मांडा का ध्यान करें और मंत्र जाप करें
  4. फल, फूल, सूखे मेवे अर्पित करें
  5. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
  6. आरती करें और प्रसाद बांटें
  7. अंत में क्षमा प्रार्थना करें

मां कूष्मांडा का महत्व

मां कूष्मांडा का संबंध सूर्य से माना जाता है। वे ऊर्जा, प्रकाश और जीवन की प्रतीक हैं। उनके तेज से ही दसों दिशाएं प्रकाशित होती हैं।

कूष्मांडा नाम का अर्थ है – “कुम्हड़ा (कद्दू) से सृष्टि की रचना करने वाली”। मां की 8 भुजाएं हैं, इसलिए उन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47