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सरगुजा ओलंपिक 2026 का भव्य समापन: बाइचुंग भूटिया ने युवाओं में भरा जोश

"अम्बिकापुर में सरगुजा ओलंपिक 2026 का शानदार समापन, बाइचुंग भूटिया ने खिलाड़ियों को दिया सफलता का मंत्र। 2000 से अधिक प्रतिभागियों ने 12 खेलों में लिया हिस्सा।"

सरगुजा ओलंपिक 2026 का भव्य समापन: बाइचुंग भूटिया ने युवाओं में भरा जोश

अम्बिकापुर | 23 मार्च 2026

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सरगुजा संभाग के लिए गर्व का क्षण उस समय बना जब तीन दिवसीय सरगुजा ओलंपिक 2026 का भव्य समापन सोमवार को पीजी कॉलेज ग्राउंड, अम्बिकापुर में हुआ। इस आयोजन में संभाग के सभी जिलों से आए 2000 से अधिक खिलाड़ियों ने 12 विभिन्न खेल विधाओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह में भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान, पद्मश्री एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बाइचुंग भूटिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया।

बाइचुंग भूटिया ने दिया सफलता का मंत्र

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए बाइचुंग भूटिया ने कहा कि सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी है कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सिक्किम के एक छोटे से गांव से निकलकर भारत के लिए खेलने तक पहुंचे हैं।

उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “यह मायने नहीं रखता कि आप कहां से आते हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि आप कितनी मेहनत करते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति कितने समर्पित हैं।”

उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को दी जा रही प्राथमिकता का सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में जरूर देखने को मिलेगा।

मंत्री रामविचार नेताम का संदेश

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि यदि किसी भी कार्य को जुनून, अनुशासन और समर्पण के साथ किया जाए, तो सफलता निश्चित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर मंच प्रदान कर रही है और इसका लाभ उठाकर खिलाड़ी अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

पारंपरिक खेलों को भी मिलेगा स्थान

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस आयोजन में पारंपरिक खेलों को भी शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

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उन्होंने यह भी बताया कि 26 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत होगी, जिसमें सरगुजा, बस्तर और रायपुर में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

2000 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाया दम

इस तीन दिवसीय आयोजन में सरगुजा संभाग के सभी जिलों से आए 2000 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिताएं एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, कुश्ती, कराते सहित कुल 12 खेल विधाओं में आयोजित की गईं।

खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया।

रस्साकशी मुकाबले ने जीता दिल

समापन समारोह के दौरान जशपुर और बलरामपुर की महिला टीमों के बीच रस्साकशी का रोमांचक प्रदर्शन मुकाबला हुआ। दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन अंत में जशपुर की टीम विजेता रही।

जैसे ही विजेता की घोषणा हुई, पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

विजेताओं को किया गया सम्मानित

प्रतियोगिता के अंत में सभी विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न आयु वर्गों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और अपने-अपने जिलों का नाम रोशन किया।

खेलों के जरिए उभर रही नई प्रतिभाएं

सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। इससे नई प्रतिभाओं को पहचान मिलती है और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे आयोजन लगातार होते रहें, तो छत्तीसगढ़ देश के खेल मानचित्र पर एक मजबूत पहचान बना सकता है।

सरकार के प्रयास रंग ला रहे हैं

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अब धीरे-धीरे रंग ला रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और युवा बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

सरकार की योजनाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और मंच प्रदान करना है।

सरगुजा ओलंपिक 2026 का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवा भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

बाइचुंग भूटिया जैसे महान खिलाड़ियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में सरगुजा के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।

Ashish Sinha

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