कोरिया मॉडल की देश भर में चर्चा: PM मोदी ने ‘मन की बात’ में की सराहना, जानें क्या है ‘आवा पानी झोंकी’ अभियान।






कोरिया मॉडल की देश भर में गूंज: PM मोदी ने ‘मन की बात’ में की जल संरक्षण अभियान की सराहना

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0


जल संरक्षण का ‘कोरिया मॉडल’ बना राष्ट्रीय मिसाल: प्रधानमंत्री मोदी ने की जमकर सराहना

“आवा पानी झोंकी” अभियान ने बदला भूजल स्तर; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- जनभागीदारी से सशक्त होगा हमारा संकल्प

ब्यूरो रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क
दिनांक: 29 मार्च, 2026
स्थान: रायपुर/कोरिया, छत्तीसगढ़

रायपुर/कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले ने जल संरक्षण की दिशा में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। जिले में संचालित “आवा पानी झोंकी” अभियान और “कैच द रेन” पहल की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में की है। प्रधानमंत्री ने कोरिया मॉडल को जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का एक प्रेरक उदाहरण बताया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
मुख्यमंत्री का संदेश:
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि कोरिया का यह प्रयास अब राष्ट्रीय उदाहरण बन चुका है। जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना ही हमारा मुख्य संकल्प है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने भी इस मॉडल को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया है।

क्या है कोरिया का ‘5% मॉडल’?

कोरिया जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी थी कि भारी वर्षा (1370 मिमी) के बावजूद पानी तेजी से बह जाता था। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने “जल संचय जन भागीदारी अभियान” शुरू किया। इसके तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया। इसके साथ ही मनरेगा के तहत सोखता गड्ढे और अन्य वैज्ञानिक संरचनाएं बनाई गईं।

5.41 मीटर
भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि (2025)
28 लाख घन मीटर
कुल जल पुनर्भरण (2.8 MCM)
20,612+
2026 में प्रगतिरत जल संरक्षण कार्य

नीर नायिका और जल दूतों की भूमिका

इस अभियान की सफलता के पीछे सामुदायिक समन्वय का बड़ा हाथ रहा है। ग्रामीण महिलाओं ने ‘नीर नायिका’ और युवाओं ने ‘जल दूत’ के रूप में घर-घर जाकर जल संरक्षण का संदेश पहुँचाया। ग्राम सभाओं के माध्यम से योजना को विकेंद्रीकृत किया गया, जिससे ग्रामीण स्वयं इस आंदोलन के कार्यान्वयनकर्ता बन गए।

कलेक्टर का वक्तव्य:
“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी होते हैं। हमारा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
— श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, जिला कलेक्टर, कोरिया

राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब वैज्ञानिक योजना और प्रशासनिक नेतृत्व को जनता का साथ मिलता है, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में बदला जा सकता है। CGWB की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले के भूजल स्तर में आई 5.41 मीटर की वृद्धि इस मॉडल की सबसे बड़ी जीत है।

प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क – छत्तीसगढ़ की धड़कन, आपकी आवाज़

© 2026 Pradesh Khabar News Network | विश्वसनीय पत्रकारिता