
कोरिया मॉडल की देश भर में चर्चा: PM मोदी ने ‘मन की बात’ में की सराहना, जानें क्या है ‘आवा पानी झोंकी’ अभियान।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का जल संरक्षण मॉडल अब राष्ट्रीय उदाहरण बन गया है। PM मोदी ने सराहना की और भूजल स्तर में 5.41 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
जल संरक्षण का ‘कोरिया मॉडल’ बना राष्ट्रीय मिसाल: प्रधानमंत्री मोदी ने की जमकर सराहना
“आवा पानी झोंकी” अभियान ने बदला भूजल स्तर; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- जनभागीदारी से सशक्त होगा हमारा संकल्प
रायपुर/कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले ने जल संरक्षण की दिशा में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। जिले में संचालित “आवा पानी झोंकी” अभियान और “कैच द रेन” पहल की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में की है। प्रधानमंत्री ने कोरिया मॉडल को जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का एक प्रेरक उदाहरण बताया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि कोरिया का यह प्रयास अब राष्ट्रीय उदाहरण बन चुका है। जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना ही हमारा मुख्य संकल्प है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने भी इस मॉडल को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया है।
क्या है कोरिया का ‘5% मॉडल’?
कोरिया जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी थी कि भारी वर्षा (1370 मिमी) के बावजूद पानी तेजी से बह जाता था। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने “जल संचय जन भागीदारी अभियान” शुरू किया। इसके तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया। इसके साथ ही मनरेगा के तहत सोखता गड्ढे और अन्य वैज्ञानिक संरचनाएं बनाई गईं।
भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि (2025)
कुल जल पुनर्भरण (2.8 MCM)
2026 में प्रगतिरत जल संरक्षण कार्य
नीर नायिका और जल दूतों की भूमिका
इस अभियान की सफलता के पीछे सामुदायिक समन्वय का बड़ा हाथ रहा है। ग्रामीण महिलाओं ने ‘नीर नायिका’ और युवाओं ने ‘जल दूत’ के रूप में घर-घर जाकर जल संरक्षण का संदेश पहुँचाया। ग्राम सभाओं के माध्यम से योजना को विकेंद्रीकृत किया गया, जिससे ग्रामीण स्वयं इस आंदोलन के कार्यान्वयनकर्ता बन गए।
“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी होते हैं। हमारा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
— श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, जिला कलेक्टर, कोरिया
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब वैज्ञानिक योजना और प्रशासनिक नेतृत्व को जनता का साथ मिलता है, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में बदला जा सकता है। CGWB की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले के भूजल स्तर में आई 5.41 मीटर की वृद्धि इस मॉडल की सबसे बड़ी जीत है।












