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बलरामपुर: पश्चिम एशिया संकट के बीच रसद और ईंधन की सुरक्षा सुनिश्चित, कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने जारी किए कड़े निर्देश।





बलरामपुर विशेष रिपोर्ट: पश्चिम एशिया संकट और जिला प्रशासन की तैयारी


ब्यूरो रिपोर्ट | बलरामपुर | 31 मार्च 2026

वैश्विक अस्थिरता के बीच बलरामपुर में रसद और ईंधन की सुरक्षा सुनिश्चित: जिला प्रशासन ने कसी कमर

कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, कालाबाजारी पर नियंत्रण और जन-सुविधाओं के लिए जारी किए कड़े दिशा-निर्देश।

बलरामपुर। पश्चिम एशिया (West Asia) में उत्पन्न वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन एवं रसद की आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं के मद्देनजर, बलरामपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए कड़े निर्देशों के परिपालन में, कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, आपूर्ति विभाग और कानून व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों की एक व्यापक समीक्षा बैठक ली।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उथल-पुथल का प्रभाव जिले के आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर न पड़े। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (एलपीजी) और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपना रहा है।

आपूर्ति श्रृंखला की गहन समीक्षा और सीसीटीवी निगरानी

बैठक के दौरान कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने आपूर्ति व्यवस्था, भंडारण, वितरण और परिवहन की एक-एक कड़ी की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि वर्तमान में जिले में ईंधन और रसद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए रसद विभाग को बफर स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि वहां उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए। इन कैमरों की जांच के लिए औचक निरीक्षण दल गठित किए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) पैदा न की जाए।

“जिले के प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास होना चाहिए कि उनकी बुनियादी जरूरतों की पूर्ति के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। जमाखोरी करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर पेश करेगी।” – जिला प्रशासन

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सर्जिकल स्ट्राइक

कलेक्टर ने सख्त लहजे में अधिकारियों से कहा है कि कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण और एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायतों पर त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके लिए राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो बाजारों में गुप्त रूप से निगरानी रखेगी।

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सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के अवैध परिवहन पर 24 घंटे नजर रखी जाए। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाकों में नाकेबंदी और पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा गया है ताकि जिले के कोटे का ईंधन बाहर न जा सके।

खरीफ सीजन और किसानों के लिए अग्रिम कार्ययोजना

आगामी खरीफ सीजन के महत्व को देखते हुए, कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने उर्वरकों के गैर-कृषि उपयोग पर पूर्ण नियंत्रण रखने और अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। खाद के भंडारण और वितरण की एक पारदर्शी अग्रिम कार्ययोजना तैयार की गई है ताकि मानसूनी सीजन में किसानों को भटकना न पड़े।

ईंधन अंतराल नियम

शहरी क्षेत्रों में एलपीजी रीफिलिंग के लिए 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया है ताकि सभी को समान वितरण मिल सके।

जिला स्तरीय समिति

अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति नियमित रूप से स्टॉक और कीमतों की समीक्षा करेगी।

भ्रामक खबरों पर लगाम: मीडिया सेल सक्रिय

अक्सर संकट के समय सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जिससे जनता में घबराहट (Panic Buying) पैदा होती है। इसे रोकने के लिए जिला स्तरीय मीडिया सेल को 24/7 सक्रिय कर दिया गया है। कलेक्टर ने अपील की है कि नागरिक केवल आधिकारिक हैंडल्स और न्यूज़ पोर्टल्स से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें। किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आएगा और प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा।

हेल्पलाइन: जनता के लिए सीधा संपर्क सूत्र

किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत या कालाबाजारी की सूचना देने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर

राज्य स्तरीय: 1800-233-3663 / 1967
जिला नियंत्रण कक्ष: 92026-08795
राज्य कंट्रोल रूम: 0771-2511975

इन नंबरों पर किसी भी समय शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

एलपीजी बुकिंग और व्यावसायिक उपयोग के नियम

घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी दिशा-निर्देश स्पष्ट किए गए हैं। वर्तमान परिस्थितियों में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। सभी गैस एजेंसियों को अनिवार्य रूप से अपने स्टॉक की जानकारी बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी और प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजनी होगी।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, अभिषेक गुप्ता, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सभी जनपद सीईओ और खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और रसद आपूर्ति सुचारू रखने के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने अंत में जिले की जनता को आश्वस्त किया है कि जिले में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक खरीदारी (Panic Buying) न करें। प्रशासन की सक्रियता और पुख्ता इंतजामों से जिले की अर्थव्यवस्था और दैनिक रसद व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है।

प्रकाशित: 31 मार्च 2026 | माध्यम: न्यूज़ नेटवर्क बलरामपुर

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