
छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर भूकंप के झटके: कोरापुट में था केंद्र, बस्तर और गरियाबंद में भी कांपी धरती
छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर आज सुबह 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। कोरापुट (ओडिशा) केंद्र होने के कारण बस्तर और गरियाबंद में भी कंपन। जानें भूकंप का समय, स्थान और सुरक्षा अपडेट। पूरी रिपोर्ट 'प्रदेश खबर' पर।
छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर भूकंप के झटके: कोरापुट में था केंद्र, बस्तर और गरियाबंद में भी कांपी धरती
By Pradesh Khabar News Network | Updated: April 5, 2026
जगदलपुर/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और सीमावर्ती इलाकों में आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब लोगों ने जमीन में हल्के कंपन (Vibrations) महसूस किए। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर आए इस भूकंप की तीव्रता Richter Scale पर 4.4 मापी गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र ओडिशा का Koraput क्षेत्र था।
राहत की बात यह है कि छत्तीसगढ़ के प्रभावित इलाकों जैसे बस्तर, गरियाबंद और महासमुंद के कुछ हिस्सों से अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान (Loss of life or property) की आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
भूकंप का समय और तीव्रता (Epicenter Details)
मौसम विभाग और सीस्मोलॉजी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके आज सुबह महसूस किए गए।
- Magnitude: 4.4 (Moderate)
- Epicenter: कोरापुट, ओडिशा (छत्तीसगढ़ सीमा के करीब)
- Depth: जमीन से लगभग 5 से 10 किलोमीटर नीचे
- Duration: झटके लगभग 5 से 8 सेकंड तक महसूस किए गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की गहराई (Depth) कम होने के कारण झटके काफी स्पष्ट महसूस किए गए, जिससे सीमावर्ती गाँवों के लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए।
छत्तीसगढ़ के इन जिलों में रहा असर
भूकंप का केंद्र ओडिशा में होने के बावजूद, इसकी लहरें छत्तीसगढ़ के कई जिलों तक पहुँचीं:
- बस्तर (Bastar): जगदलपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने बेड और बर्तनों के हिलने की शिकायत की।
- गरियाबंद (Gariyaband): ओडिशा सीमा से सटे देवभोग और मैनपुर ब्लॉक में कंपन का असर अधिक देखा गया।
- धमतरी और महासमुंद: इन जिलों के भी कुछ दूरस्थ क्षेत्रों में हल्के झटके महसूस किए जाने की खबरें हैं।
“हम सुबह चाय पी रहे थे कि अचानक खिड़कियाँ बजने लगीं। कुछ देर के लिए समझ नहीं आया, फिर अहसास हुआ कि यह भूकंप है।” – स्थानीय निवासी, देवभोग
प्रशासन अलर्ट, डरने की जरूरत नहीं
छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। संबंधित जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों के सरपंचों और पटवारियों से फीडबैक लें। शुरुआती जांच में कच्चे घरों में मामूली दरारों के अलावा किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्षेत्र ‘Seismic Zone 2’ और कुछ हिस्सा ‘Zone 3’ में आता है, जहाँ मध्यम श्रेणी के भूकंप आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आफ्टरशॉक (Aftershocks) की स्थिति में सतर्क रहें।
सुरक्षा के लिए क्या करें? (Safety Tips)
- भूकंप महसूस होने पर तुरंत खुले मैदान की ओर जाएं।
- यदि घर के अंदर फंसे हों, तो मजबूत मेज या बेड के नीचे शरण लें (Drop, Cover, Hold on)।
- लिफ्ट (Elevator) का प्रयोग बिल्कुल न करें, सीढ़ियों का उपयोग करें।
- बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूर रहें।












