
शांति की नई सुबह: मणिपुर के मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक जिरीबाम दौरा, हिंसा के बाद पहली बार ‘सड़क मार्ग’ से तय किया 217 किमी का सफर
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने अशांति के बाद पहली बार सड़क मार्ग से किया जिरीबाम का दौरा। कुकी-बहुल क्षेत्रों से गुजरते हुए NH-37 पर सुरक्षा का लिया जायजा। शांति बहाली की बड़ी पहल।
शांति की नई सुबह: मणिपुर के मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक जिरीबाम दौरा, हिंसा के बाद पहली बार ‘सड़क मार्ग’ से तय किया 217 किमी का सफर
By Pradesh Khabar News Network | Updated: April 5, 2026
इम्फाल/जिरीबाम: मणिपुर में पिछले करीब तीन वर्षों से जारी जातीय संघर्ष और तनाव के बीच एक बड़ी उम्मीद की किरण नजर आई है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) ने शनिवार को राज्य की राजधानी इम्फाल से जिरीबाम जिले तक का सफर सड़क मार्ग (By Road) से तय किया। मई 2023 में हिंसा भड़कने के बाद यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने संवेदनशील माने जाने वाले National Highway-37 के जरिए यह साहसिक यात्रा की है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा महज एक प्रशासनिक यात्रा नहीं, बल्कि राज्य के अलग-अलग समुदायों के बीच विश्वास बहाली (Confidence Building) का एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। उनके साथ राज्य बीजेपी अध्यक्ष ए. शारदा देवी और आठ विधायक भी इस काफिले में शामिल रहे।
NH-37 का सफर: क्यों है यह दौरा चुनौतीपूर्ण?
इम्फाल से जिरीबाम की दूरी लगभग 217 किलोमीटर है। यह पहाड़ी रास्ता कांगपोकपी (Kangpokpi) जैसे संवेदनशील जिलों से होकर गुजरता है, जहाँ कुकी-ज़ो (Kuki-Zo) समुदाय की बहुलता है। संघर्ष की शुरुआत के बाद से इस मार्ग पर मैतई और कुकी समुदायों की आवाजाही लगभग बंद थी।
- Security Convoy: जून 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी इसी मार्ग से जाने की कोशिश की थी, लेकिन उनके सुरक्षा काफिले पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया था।
- Normalcy Signal: इस बार मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह का सड़क मार्ग चुनना यह दर्शाता है कि सुरक्षा बल अब इन संवेदनशील इलाकों पर नियंत्रण पाने में सफल हो रहे हैं।
- Public Connect: यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का लेइंगांगपोकपी (Leingangpokpi) पुलिस चौकी पर भव्य स्वागत किया गया।
जिरीबाम: शांति और एकता का ‘मॉडल’
जिरीबाम पहुँचकर मुख्यमंत्री ने न्यू अलीपुर रोंगमेई नागा गाँव में एक सामुदायिक संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने जिरीबाम के लोगों की सराहना करते हुए इसे राज्य का पहला ऐसा जिला बताया जहाँ सभी समुदायों (Meitei, Kuki, Paite, Hmar) के लोग एक साथ बैठकर शांति बहाली पर चर्चा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जिरीबाम ने पूरे मणिपुर के लिए एक मिसाल पेश की है। यहाँ के लोग सबसे उदार सोच वाले हैं।” उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हिंसा से प्रभावित विस्थापितों (IDPs) के पुनर्वास और उनके घरों के निर्माण के लिए हर संभव मदद करेगी।
विकास और स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण
तीन दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्यों का भी जायजा लिया:
- District Hospital Inspection: निंगसिंगखुल (Ningsingkhul) स्थित 50 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और वहां डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए नई ‘ट्रांसफर पॉलिसी’ लाने की बात कही।
- Foundation Stone: रविवार को मुख्यमंत्री चंद्रपुर में ‘इंटर-स्टेट ट्रक टर्मिनल’ और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
दिल्ली में समीक्षा के बाद बड़ा कदम
यह दौरा केंद्रीय गृह मंत्री **अमित शाह** के साथ नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक के तुरंत बाद हुआ है। गृह मंत्री ने राज्य सरकार को शांति प्रक्रिया तेज करने और सांप्रदायिक सौहार्द मजबूत करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री का यह ‘रोड ट्रिप’ उसी शांति अभियान (Peace Initiative) का हिस्सा माना जा रहा है।












