
अंबिकापुर हाईवे नरसंहार: बेकाबू स्कॉर्पियो ने 3 महिलाओं को रौंदा, चालक की भी मौत; दहला छत्तीसगढ़ – प्रदेश खबर
"अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे (NH-130) पर ग्राम भिट्ठी कला के पास भीषण सड़क हादसा। स्कॉर्पियो की टक्कर से 3 महिलाओं और चालक की मौत। ग्रामीणों का चक्काजाम और भारी बवाल। पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट।"
खूनी नेशनल हाईवे: अंबिकापुर में बेकाबू स्कॉर्पियो ने महिलाओं को चीरा, 3 की मौत; गुस्साई भीड़ ने सड़क पर उतारा ‘तांडव’
हताहत: 3 राहगीर महिलाएं और 1 स्कॉर्पियो चालक (कुल 4 मृत)
कारण: अत्यधिक रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना
ग्राउंड जीरो से आँखों देखी: “हवा से बातें कर रही थी गाड़ी”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भिट्ठी कला के पास साप्ताहिक बाजार से कुछ महिलाएं सब्जी खरीदकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान अंबिकापुर की ओर से आ रही सफेद रंग की स्कॉर्पियो अचानक लहराने लगी। महिलाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला और गाड़ी उन्हें रौंदते हुए निकल गई। घटना के तुरंत बाद सड़क पर खून की नदियां बह निकलीं और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
आक्रोश का ज्वालामुखी: ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
हादसे के बाद भिट्ठी कला गांव के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर शवों को रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है और आए दिन मासूम लोग काल के गाल में समा रहे हैं।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोगों ने कार चालक के साथ मारपीट करने की कोशिश की, हालांकि बाद में पता चला कि चालक ने भी दम तोड़ दिया है। मौके पर पहुंची मणिपुर थाना पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर देर रात जाम खुलवाया।
विशेष विश्लेषण: मौत का जाल बनता NH-130
अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग अब दुर्घटनाओं का हब बनता जा रहा है। पिछले 6 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मार्ग पर हादसों की संख्या में 25% की वृद्धि हुई है।
| क्षेत्र (Spot) | हादसों का मुख्य कारण | प्रशासनिक कदम |
|---|---|---|
| भिट्ठी कला (Bhitthi Kala) | अंधा मोड़ और ओवरस्पीडिंग | स्पीड ब्रेकर की कमी |
| लखनपुर बेरियर (Lakhanpur) | गलत साइड से ओवरटेकिंग | चेक पोस्ट पर ढिलाई |
| दरिमा मोड़ (Darima) | अंधेरा और साइन बोर्ड की कमी | स्ट्रीट लाइट का अभाव |
राजनीतिक हलचल: सरकार और विपक्ष आमने-सामने
इस हादसे पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। नेशनल हाईवे पर गश्त (Patrolling) पूरी तरह बंद है, जिसके कारण ड्राइवर नशे की हालत में और तेज रफ्तार से गाड़ियां चला रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों ने इसे एक दुखद दुर्घटना बताते हुए परिवहन विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।
संपादकीय टिप्पणी: कब रुकेगा सड़कों पर खून?
प्रदेश खबर के संपादक आशीष सिन्हा का मानना है कि भिट्ठी कला जैसी घटनाएं केवल दुर्घटनाएं नहीं बल्कि ‘सिस्टम की नाकामी’ हैं। जब तक हाईवे पर सीसीटीवी कैमरों और इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए निगरानी नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक निर्दोष महिलाएं और बच्चे इसी तरह अपनी जान गंवाते रहेंगे। हाईवे अथॉरिटी को तुरंत ‘ब्लैक स्पॉट्स’ की पहचान कर वहां सुरक्षा घेरा मजबूत करना चाहिए।
निष्कर्ष
भिट्ठी कला हादसे ने पूरे सरगुजा को शोक में डुबो दिया है। मृतकों के घरों में आज चूल्हे नहीं जले हैं। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। स्कॉर्पियो और ट्रेलर दोनों को जब्त कर लिया गया है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही दूसरों के पूरे परिवार को उजाड़ सकती है।












