डिंपल यादव का सरकार पर तीखा प्रहार: “भाजपा के समय में सबसे ज्यादा जवान शहीद हुए”
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी की सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी श्रीमती डिंपल यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। उन्होंने हालिया घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में आतंकवाद की घटनाओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिसका खामियाजा देश के जवानों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
“सबसे ज्यादा घटनाएं आतंकवाद की अगर हुई है तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हुई है, सबसे ज्यादा हमारे जवान शहीद हुए हैं तो भारतीय जनता पार्टी के समय में शहीद हुए हैं।”
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
मैनपुरी सांसद ने संसद के भीतर और बाहर सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवाद को लेकर बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। डिंपल यादव के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से आतंकी हमले बढ़े हैं, वह खुफिया तंत्र और सुरक्षा प्रबंधन की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए सुरक्षा के मुद्दों का उपयोग करती है, जबकि वास्तविक चुनौती से निपटने में उसकी नीतियां अपर्याप्त साबित हो रही हैं। डिंपल यादव ने शहीद हुए जवानों के परिवारों की पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बलिदानों पर राजनीति करने के बजाय सरकार को ठोस जवाबदेही तय करनी चाहिए।
राजनीतिक मायने: विपक्ष की एकजुटता
डिंपल यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ‘INDIA’ गठबंधन लगातार भाजपा को आंतरिक सुरक्षा और विदेश नीति पर घेर रहा है। जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे बड़े मुद्दों पर भी भाजपा को चुनौती देने की रणनीति अपना रही है।
भाजपा के “जीरो टॉलरेंस” पर तंज
सरकार के ‘आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस’ के नारे पर कटाक्ष करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार श्वेत पत्र (White Paper) जारी करे और बताए कि पिछले एक दशक में कितनी आतंकी घटनाएं हुईं और उनमें कितने जवानों ने शहादत दी।
सपा सांसद ने कहा, “जब भी हम सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं, हमें राष्ट्रविरोधी करार दिया जाता है। लेकिन क्या हमारे जवानों की शहादत पर सवाल पूछना गलत है? जनता को यह जानने का हक है कि आखिर कब तक सीमा पर और घाटी में खून बहता रहेगा।”
विपक्ष का रुख और आगामी रणनीति
समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी डिंपल यादव के सुर में सुर मिलाया है। पार्टी का कहना है कि वे संसद के आगामी सत्रों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा असली मुद्दों जैसे बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए सुरक्षा का हौवा खड़ा करती है, लेकिन जब सुरक्षा की बात आती है तो उसके पास कोई ठोस रोडमैप नहीं होता।










