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आज का पंचांग 19 अप्रैल 2026: अक्षय तृतीया पर बना महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल






आज का पंचांग: 19 अप्रैल 2026


आज का पंचांग: 19 अप्रैल 2026, रविवार

“शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥”

आज का विशेष पर्व: अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती

आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जिसे अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के नाम से जाना जाता है। आज का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही आज भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी की जयंती भी मनाई जा रही है।

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सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय (Sunrise) 05:52 AM
सूर्यास्त (Sunset) 06:49 PM
चन्द्रोदय (Moonrise) 06:52 AM
चन्द्रास्त (Moonset) 09:09 PM
सूर्य राशि मेष
चंद्र राशि मेष (दोपहर 12:31 तक), फिर वृषभ

आज की पंचांग गणना

तिथि (Tithi) द्वितीया (10:49 AM तक), फिर तृतीया (अक्षय तृतीया)
पक्ष (Paksha) शुक्ल पक्ष
वार (Day) रविवार (Sunday)
नक्षत्र (Nakshatra) भरणी (07:10 AM तक), फिर कृत्तिका
योग (Yoga) आयुष्मान (08:02 PM तक), फिर सौभाग्य
करण (Karana) कौलव (10:49 AM तक), फिर तैतिल
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत 1948 (पराभव)

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

अभिजीत मुहूर्त: 11:55 AM से 12:46 PM
विजय मुहूर्त: 02:30 PM से 03:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:23 AM से 05:08 AM
अमृत काल: 09:50 AM से 11:18 AM
त्रिपुष्कर योग: 07:10 AM से 10:49 AM
गोधूलि मुहूर्त: 06:48 PM से 07:10 PM

अशुभ समय (Inauspicious Timings)

राहुकाल: 05:12 PM से 06:49 PM
यमगण्ड: 12:20 PM से 01:58 PM
गुलिक काल: 03:35 PM से 05:12 PM
दुर्मुहूर्त: 05:05 PM से 05:57 PM

आज का दिशाशूल

आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दलिया, घी या पान खाकर यात्रा प्रारंभ करें।

अक्षय तृतीया का महत्व और दान

अक्षय तृतीया के दिन किए गए दान और पुण्य का फल कभी समाप्त नहीं होता (अक्षय रहता है)। आज के दिन सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही जल से भरे पात्र, सत्तू, पंखा, और मौसमी फलों का दान करना चाहिए।

आज का उपाय:

चूंकि आज रविवार है और अक्षय तृतीया भी है, इसलिए सूर्य देव को जल में लाल चंदन और गुड़ मिलाकर अर्घ्य दें। इससे मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

© 2026 प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क | धार्मिक डेस्क

नोट: पंचांग के समय में स्थान के अनुसार कुछ सेकंड का अंतर हो सकता है।


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