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कांकेर का कीर्तिमान: खनिज राजस्व लक्ष्य से 103% अधिक, DMF फंड से पूरे हुए 3793 विकास कार्य






कांकेर का नया कीर्तिमान: खनिज राजस्व में लक्ष्य से 103% अधिक वसूली, DMF फंड से बदलेगी वनांचल की तस्वीर | Pradesh Khabar


उत्तर बस्तर कांकेर | 20 अप्रैल 2026

कांकेर का ‘विकास मॉडल’: खनिज राजस्व वसूली में 103% की ऐतिहासिक वृद्धि, 811 करोड़ के 5000 कार्यों से संवर रहा जिला

उत्तर बस्तर कांकेर: छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले कांकेर ने विकास और खनिज राजस्व के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (DMF) के प्रभावी उपयोग और राजस्व वसूली में किए गए बेहतर प्रदर्शन के चलते जिले के सातों विकासखण्डों—कांकेर, चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, दुर्गूकोंदल, अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा—में विकास की एक नई लहर देखी जा रही है।

बड़ी उपलब्धि: 31 जनवरी 2026 तक की स्थिति में कुल 811 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से 5,089 विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 76.7% राशि (622.69 करोड़ रुपये) पहले ही विकास कार्यों में व्यय की जा चुकी है।

DMF फंड: शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर

प्रशासन ने खनिज निधि का उपयोग उन क्षेत्रों में किया है जहाँ इसकी सर्वाधिक आवश्यकता थी। स्वीकृत कार्यों में से 3,793 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 161.17 करोड़ रुपये और भौतिक आधारभूत संरचना (सड़क, भवन आदि) के निर्माण में 249.14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

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खनन प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों जैसे अंतागढ़, कोयलीबेड़ा और दुर्गूकोंदल में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता रही है। नल-जल योजनाओं के माध्यम से अब वनांचल के अंतिम छोर तक साफ पानी पहुँच रहा है।

राजस्व वसूली: लक्ष्य से आगे निकला कांकेर

कांकेर जिला लगातार खनिज राजस्व की वसूली में अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है:

वित्तीय वर्ष निर्धारित लक्ष्य (करोड़ में) वास्तविक वसूली (करोड़ में) उपलब्धि प्रतिशत
2025-26 ₹453.88 ₹471.30 103.80%
2024-25 ₹250.20 ₹330.54 132.11%

उल्लेखनीय है कि पिछले 10 वर्षों में जिले में डीएमएफ अंशदान में भारी उछाल आया है। जो अंशदान कभी महज 1.44 करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर 150 करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है, जो जिले की आर्थिक मजबूती का परिचायक है।

अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’

सख्त कार्रवाई: कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के नेतृत्व में खनिज विभाग ने माफियाओं पर नकेल कसी है। वर्ष 2025-26 में अब तक 135 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:

  • अवैध परिवहन: 117 मामलों में 38 लाख रुपये का जुर्माना।
  • अवैध भंडारण: 13 मामलों में 9.81 लाख रुपये की वसूली।
  • अवैध खनन: 05 मामलों में 7.45 लाख रुपये का अर्थदंड।

कुल मिलाकर 55 लाख 29 हजार 508 रुपये का अर्थदंड वसूल कर सरकारी खजाने में जमा कराया गया है।

कलेक्टर का वक्तव्य: “प्रभावित परिवारों का कल्याण सर्वोपरि”

कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व का एक-एक पैसा खनन प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों के उत्थान पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “राजस्व में वृद्धि से डीएमएफ और मजबूत हुआ है, जिससे स्कूल, अस्पताल और सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। अवैध उत्खनन के खिलाफ हमारा अभियान और तेज होगा।”

कांकेर जिले की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक मॉडल पेश करती है कि कैसे प्राकृतिक संसाधनों का सही दोहन और पारदर्शिता के साथ उनका उपयोग समाज के सबसे निचले तबके का जीवन बदल सकता है।

© 2026 प्रदेश खबर नेटवर्क – निष्पक्ष समाचार, सटीक विश्लेषण।


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