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आज का पंचांग 28 अप्रैल 2026: भौम प्रदोष व्रत और त्रिपुष्कर योग का खास संयोग |






आज का पंचांग 28 अप्रैल 2026: भौम प्रदोष व्रत और त्रिपुष्कर योग का खास संयोग | Aaj Ka Panchang


दैनिक हिंदू पंचांग: 28 अप्रैल 2026, मंगलवार

वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी | विक्रम संवत 2083 | स्थान: छत्तीसगढ़

आज का विशेष: आज 28 अप्रैल को भौम प्रदोष व्रत है। मंगलवार के दिन प्रदोष तिथि होने के कारण इसे ‘भौम प्रदोष’ कहा जाता है, जो कर्ज मुक्ति और मंगल दोष के निवारण के लिए सर्वश्रेष्ठ है। साथ ही आज परशुराम द्वादशी और रुक्मणी द्वादशी का पर्व भी मनाया जा रहा है।

🌞 सूर्योदय और चंद्रोदय (Sunrise & Moonrise)

सूर्योदय (Sunrise) सुबह 05:47 AM
सूर्यास्त (Sunset) शाम 06:50 PM
चंद्रोदय (Moonrise) शाम 04:00 PM
चन्द्रास्त (Moonset) अगले दिन 04:03 AM (29 अप्रैल)

📅 तिथि और नक्षत्र (Tithi & Nakshatra)

आज की ग्रह गणना के अनुसार तिथियों का विवरण इस प्रकार है:

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  • तिथि: द्वादशी (शाम 06:52 PM तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)
  • नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी (रात 10:36 PM तक, इसके बाद हस्त नक्षत्र)
  • योग: व्याघात (रात 09:04 PM तक, इसके बाद हर्षण योग)
  • करण: बालव (शाम 06:52 PM तक, इसके बाद कौलव)
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • वार: मंगलवार

✅ शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए आज के श्रेष्ठ मुहूर्त:

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52 AM से 12:44 PM तक
अमृत काल दोपहर 02:59 PM से 04:40 PM तक
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:10 AM से 04:58 AM तक
विजय मुहूर्त दोपहर 02:30 PM से 03:22 PM तक

⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)

इस समय के दौरान शुभ कार्यों और नई शुरुआत से बचना चाहिए:

राहुकाल (Rahukaal) दोपहर 03:34 PM से शाम 05:12 PM तक
यमगण्ड सुबह 09:02 AM से 10:40 AM तक
गुलिक काल दोपहर 12:18 PM से 01:56 PM तक
दुर्मुहूर्त सुबह 08:23 AM से 09:15 AM तक

🔭 आज की ग्रह स्थिति (Planetary Position)

  • सूर्य राशि: मेष (सूर्य देव अपनी उच्च राशि में विराजमान हैं)
  • चंद्र राशि: कन्या
  • दिशा शूल: उत्तर दिशा (आज उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें, यदि आवश्यक हो तो गुड़ खाकर निकलें)

🕉️ आज के उपाय और महत्त्व

भौम प्रदोष व्रत का महत्त्व

आज मंगलवार को प्रदोष व्रत का संयोग होने से शिव और शक्ति के साथ हनुमान जी की कृपा भी प्राप्त होगी। जो लोग कर्ज से परेशान हैं, उन्हें आज शाम के समय भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए और ‘ऋणमोचक मंगल स्तोत्र’ का पाठ करना चाहिए।

परशुराम द्वादशी

आज भगवान विष्णु के छठे अवतार श्री परशुराम जी की पूजा का विधान है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना और दान देना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।


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