Central Zonal Council Meeting: बस्तर में होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक, अमित शाह करेंगे अध्यक्षता, विष्णु देव साय ने की समीक्षा






बस्तर में होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की समीक्षा, गृहमंत्री अमित शाह करेंगे अध्यक्षता

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बस्तर में सजेगा राष्ट्रीय मंच: मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की हाई-लेवल समीक्षा

प्रादेशिक ब्यूरो, रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रशासनिक न्यूज़ अपडेट
तारीख: 16 मई, 2026

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में जल्द ही देश की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक बैठक का आयोजन होने जा रहा है। रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में आयोजित होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की 26वीं बैठक की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस आगामी बैठक की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी अध्यक्षता खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मेजबान राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री समेत चारों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कैबिनेट मंत्री शामिल होने बस्तर पहुंचेंगे।

मंत्रालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से उन सभी एजेंडों, स्थानीय मुद्दों और अंतर-राज्यीय विषयों की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी, जिन्हें छत्तीसगढ़ सरकार इस परिषद के मंच पर उठाने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रस्तुतीकरण के एक-एक बिंदु की बारीकी से समीक्षा की और बस्तर में होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां: तैयारियों में न रहे कोई कमी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की संवेदनशीलता और गरिमा को देखते हुए शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि देश के तीन बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, प्रोटोकॉल, आवास और परिवहन की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कोताही या कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय और पूरी गंभीरता के साथ तैयारियों को समय पर सुनिश्चित करें।

बैठक में यह भी तय किया गया कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और बस्तर के पारंपरिक लोक जीवन की झलक भी इस आयोजन के दौरान आगंतुकों के सामने प्रदर्शित की जाएगी, ताकि बस्तर की सकारात्मक और सांस्कृतिक छवि राष्ट्रीय पटल पर और मजबूत होकर उभरे।

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मध्य क्षेत्रीय परिषद: आपसी सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकसित भारत के निर्माण में मध्य क्षेत्रीय परिषद के अंतर्गत आने वाले राज्यों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह परिषद देश की एकमात्र ऐसी क्षेत्रीय परिषद है जहां सदस्य राज्यों (छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) के बीच किसी भी प्रकार का गंभीर सीमा या जल विवाद नहीं है। यह आपसी सहयोग, साझा विकास और बेहतर प्रशासनिक समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का महत्वपूर्ण वक्तव्य: “मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं और इसी मूल भावना के साथ क्षेत्रीय परिषदें देश के भीतर विकास, प्रशासनिक सुदृढ़ता और राष्ट्रीय एकता को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन परिषदों ने राज्यों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सकारात्मक सहयोग और विकासोन्मुखी सोच को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केंद्र और राज्यों के बीच संवाद का यह एक सबसे प्रभावी मंच बन चुका है।”

बस्तर में बैठक होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात

मुख्यमंत्री ने बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक आयोजित किए जाने को पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण बताया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक बस्तर को केवल नक्सलवाद और अशांति के चश्मे से देखा जाता था, लेकिन अब वहां की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। बस्तर में शांति स्थापना के बाद इस स्तर की राष्ट्रीय बैठक का आयोजन यह साबित करता है कि राज्य और केंद्र सरकार इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और यहां नई संभावनाओं को तलाशने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।

उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व को देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में चलाए गए प्रभावी अभियानों और सुरक्षा बलों के कड़े परिश्रम से क्षेत्र में अमन-चैन बहाल हुआ है। अब बस्तर बंदूक की आवाज से नहीं, बल्कि विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास जताया कि इंद्रावती की गोद से बस्तर अब विकास की एक नई और सुनहरी गाथा लिखेगा तथा मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह 26वीं बैठक इस क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे को एक नई गति प्रदान करेगी।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की रूपरेखा और मुख्य बिंदु

इस आगामी बैठक में मुख्य रूप से चार राज्यों से जुड़े सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक के मुख्य आयामों को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

क्र.सं. मुख्य आयाम / विषय चर्चा और रणनीति के संभावित बिंदु
1 अध्यक्षता एवं मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (अध्यक्षता) और चार राज्यों के मुख्यमंत्री।
2 शामिल होने वाले राज्य छत्तीसगढ़ (मेजबान), मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड।
3 सुरक्षा और वामपंथी उग्रवाद नक्सल उन्मूलन, अंतर-राज्यीय सीमा सुरक्षा और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान।
4 इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी सड़क नेटवर्क का विस्तार, बस्तर में रेल कनेक्टिविटी और टेलीकॉम टावरों की स्थापना।
5 सामाजिक-आर्थिक विकास जनजातीय क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार, पोलावरम परियोजना और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT)।

इस बैठक में चारों राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्रीय गृह मंत्रालय के आला अधिकारी भी शामिल होंगे, जो गृहमंत्री के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बस्तर में इस बैठक के आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के भी बेहद पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।