द हेग में गूंजा भारत का नाम: पीएम नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड में प्रवासी भारतीयों को किया संबोधित, देखें बड़ी बातें | Pradesh Khabar






पीएम नरेंद्र मोदी का नीदरलैंड दौरा 2026: द हेग में प्रवासी भारतीयों को संबोधन, ‘विकसित भारत’ और वैश्विक साझेदारी पर बड़ी बातें | Pradesh Khabar

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द हेग में गूंजा भारत का नाम: पीएम नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड में प्रवासी भारतीयों को किया संबोधित; बोले- ‘अब वैश्विक स्तर पर असीमित हैं भारत के प्रयास और आकांक्षाएं’

विशेष रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क |
स्थान: द हेग, नीदरलैंड |
दिनांक: 16 मई, 2026

द हेग (नीदरलैंड)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के ऐतिहासिक विदेशी दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड की प्रशासनिक राजधानी द हेग पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीय समुदाय ने उनका अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया। ‘द हेग’ में आयोजित एक विशाल सामुदायिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में उपस्थित प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत न केवल बड़े सपने देख रहा है, बल्कि उन्हें रिकॉर्ड समय में साकार भी कर रहा है। प्रवासियों के असीम उत्साह और स्नेह से गदगद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों की ऊर्जा और मातृभूमि से उनका जुड़ाव बेहद खास है, जिसने सात समंदर पार भी भारत के जीवंत उत्सव का माहौल पैदा कर दिया है।

वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान: ‘परिवर्तन नहीं, अब सर्वश्रेष्ठ की चाह’

सामुदायिक कार्यक्रम में लगभग 40 मिनट से अधिक लंबे अपने ओजस्वी संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत के आत्मविश्वास और विकास की तीव्र गति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत केवल बदलाव की बात करता था, लेकिन आज का भारत कहता है कि हमें न केवल बदलाव चाहिए, बल्कि हमें ‘सर्वश्रेष्ठ’ और ‘सबसे तेज’ परिणाम चाहिए। देश के भीतर चल रहे अभूतपूर्व ढांचागत, आर्थिक और तकनीकी सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आकांक्षाएं अब केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई हैं।

“आज जब भारत में असीमित आकांक्षाएं हैं, तो देश के प्रयास भी उतने ही असीम और अनंत हो चुके हैं। आज का युवा आसमान को छूने का हौसला रखता है। भारत आज स्टार्टअप इकोसिस्टम में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन चुका है, जो इस बात का गवाह है कि हमारे युवाओं में रिस्क लेने और दुनिया को राह दिखाने का कितना सामर्थ्य है।”
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (द हेग में संबोधन के दौरान)

प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत में आयोजित हुए विश्व के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट और जी-20 (G20) शिखर सम्मेलन की सफलताओं का हवाला देते हुए कहा कि ये बड़े वैश्विक आयोजन अब कोई एक बार की घटना नहीं रह गए हैं, बल्कि यह आज के भारत के स्थायी चरित्र और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारत को वैश्विक शांति, स्थिरता और आर्थिक प्रगति के एक मजबूत स्तंभ के रूप में देख रही है।

ऐतिहासिक संयोग: 16 मई की तारीख और जनविश्वास का सफर

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रवासियों को याद दिलाया कि आज 16 मई की ही वह ऐतिहासिक तारीख है, जब साल 2014 में लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे और देश की जनता ने दशकों बाद पूर्ण बहुमत की एक स्थिर सरकार के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की करोड़ों जनता और दुनिया भर में फैले प्रवासियों का जो अटूट विश्वास और समर्थन उन्हें मिला है, वही उन्हें बिना थके, बिना रुके राष्ट्र सेवा के मार्ग पर निरंतर कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा देता है।

सांस्कृतिक विविधता का भव्य नजारा: कथक से लेकर गरबा तक

नीदरलैंड में प्रधानमंत्री के आगमन पर भारतीय समुदाय ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत कोलाज प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में ही देश के कोने-कोने से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रधानमंत्री ने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन कलाकारों की सराहना की। स्वागत समारोह में भारत के प्रमुख शास्त्रीय नृत्य रूपों जैसे कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम की एक के बाद एक बेहद खूबसूरत प्रस्तुतियां दी गईं।

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इसके अलावा, कार्यक्रम में उपस्थित प्रवासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में एक भव्य गरबा नृत्य का भी आयोजन किया। इस सांस्कृतिक उत्सव ने द हेग के माहौल को पूरी तरह से भारतीय रंग में सराबोर कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की कई महान सभ्यताएं समय के साथ इतिहास के पन्नों में सिमट गईं, लेकिन भारत की सांस्कृतिक विविधता और चेतना आज भी दुनिया भर में रहने वाले हर भारतीय के दिल में पूरी धड़कन के साथ जीवित है।

प्रमुख क्षेत्र भारत-नीदरलैंड सहयोग के मुख्य बिंदु (वर्ष 2026)
व्यापारिक दर्जा नीदरलैंड, यूरोप में भारत का सबसे बड़ा और वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है।
द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 27.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
निवेश और कंपनियां नीदरलैंड भारत में चौथा सबसे बड़ा निवेशक देश है। वर्तमान में 300 से अधिक डच कंपनियां भारत में सक्रिय हैं।
रणनीतिक क्षेत्र सेमीकंडक्टर चिप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन हाइड्रोजन, जल प्रबंधन और रक्षा विनिर्माण।

सुरिन्यामी-हिंदुस्तानी समुदाय और प्रवासियों के योगदान की सराहना

प्रधानमंत्री ने मुख्य भूमि यूरोप में सबसे बड़ी भारतीय मूल की आबादी की मेजबानी करने के लिए नीदरलैंड की सराहना की। उल्लेखनीय है कि नीदरलैंड में करीब 2,00,000 से अधिक सदस्य सुरिन्यामी-हिंदुस्तानी समुदाय के रहते हैं, जिनका भारत के साथ सदियों पुराना और अटूट ऐतिहासिक रिश्ता है। प्रधानमंत्री ने इस समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पीढ़ियों से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को विदेशी धरती पर न केवल संजोकर रखा है, बल्कि उसे और समृद्ध किया है।

डच समाज और अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रवासियों की भूमिका की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां के राजनीतिक नेतृत्व और स्थानीय नागरिक भी भारतीय समुदाय के अनुशासन, प्रतिभा और योगदान की हमेशा मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हैं। उन्होंने बताया कि डच विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या और तकनीकी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल (Living Bridge) का काम कर रहे हैं, जो समकालीन साझेदारी को नई रणनीतिक गहराई दे रहे हैं।

ओसीआई (OCI) पात्रता में बड़ी राहत की घोषणा

प्रवासियों से अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरिन्यामी-हिंदुस्तानी प्रवासियों के लिए भारत सरकार ने ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड की पात्रता के नियमों में ढील दी है। अब इसे चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी (6th Generation) तक विस्तारित कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से उन परिवारों को अपनी जड़ों और मातृभूमि भारत से दोबारा जुड़ने में बहुत मदद मिलेगी, जो सदियों पहले भारत से दूर चले गए थे। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय नागरिक और प्रवासियों के कल्याण और सुरक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।

खेल और अनुसंधान के जरिए मजबूत होते आपसी संबंध

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच खेल डिप्लोमेसी और जन-दर-जन (People-to-People) संपर्कों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के संबंध केवल व्यापार और राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल के मैदान पर भी दोनों देश एक-दूसरे के बेहद करीब आ रहे हैं। उन्होंने भारत में आयोजित हुए टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में डच क्रिकेट टीम के शानदार और जुझारू प्रदर्शन की तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने हॉकी के क्षेत्र में दोनों देशों के ऐतिहासिक जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि खेल के प्रति यह साझा जुनून दोनों देशों के युवाओं के बीच आपसी तालमेल और जीवंतता को एक नया आयाम दे रहा है।

‘विकसित भारत @ 2047’: वैश्विक विकास में भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासियों के सामने भारत के भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश इस समय आजादी के अमृत काल से गुजर रहा है और हमारा एकमात्र संकल्प साल 2047 तक भारत को एक पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र (Viksit Bharat) बनाना है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा और पारदर्शी प्रणालियों के व्यापक विस्तार के जरिए स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

उन्होंने प्रवासियों से आह्वान किया कि वे नीदरलैंड में रहकर जो अनुभव, ज्ञान और विशेषज्ञता हासिल कर रहे हैं, उसका उपयोग भारत की इस विकास यात्रा को गति देने में करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज न केवल अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रहा है, बल्कि वह अपनी आर्थिक और तकनीकी प्रगति के जरिए पूरी दुनिया के सतत विकास और वैश्विक समृद्धि में भी एक बड़ा योगदान दे रहा है।

द्विपक्षीय वार्ता और पांच देशों के दौरे का अगला पड़ाव

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री का नीदरलैंड दौरा कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण और भविष्योन्मुखी है। विशेष रूप से हाल ही में संपन्न हुए भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) की पृष्ठभूमि में यह दौरा दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। द हेग में प्रधानमंत्री नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से शिष्टाचार मुलाकात करेंगे।

इसके बाद, वे नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन (Rob Jetten) के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित बनाने, सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और रक्षा सहयोग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा होगी और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। जल संरक्षण के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को प्रदर्शित करने के लिए प्रधानमंत्री नीदरलैंड के एक प्रसिद्ध अत्याधुनिक डाइक (Dyke) परियोजना का भी दौरा करेंगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई, 2026 तक पांच देशों (संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) के दौरे पर हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अपनी सफल यात्रा पूरी करने के बाद वे नीदरलैंड पहुंचे हैं। इसके बाद वे स्वीडन और नॉर्वे के लिए रवाना होंगे, जहां वे ओस्लो में आयोजित होने वाले तीसरे ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे और अंत में इटली के नेतृत्व के साथ रणनीतिक वार्ताओं के साथ अपने इस अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण दौरे का समापन करेंगे।