ED का बड़ा एक्शन: खुद को शिव का अवतार बताने वाला ढोंगी बाबा ‘कैप्टन’ गिरफ्तार, ₹13.92 करोड़ कैश जब्त






ED का बड़ा एक्शन: खुद को भगवान शिव का अवतार बताने वाला ढोंगी बाबा ‘कैप्टन’ गिरफ्तार, करोड़ों की बेनामी संपत्ति और कैश जब्त

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‘अवतार पूजा’ और तंत्र-मंत्र के नाम पर करोड़ों की ठगी: स्वघोषित भगवान शिव का अवतार बाबा अशोक कुमार खरात उर्फ ‘कैप्टन’ ED की गिरफ्त में, भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद

अहम बरामदगी और कार्रवाई पर एक नजर:

  • गिरफ्तारी और रिमांड: ईडी मुंबई आंचलिक कार्यालय ने आरोपी को 19.05.2026 को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने 26.05.2026 तक 7 दिनों की ईडी कस्टडी में भेजा।
  • नकद राशि जब्त: अलग-अलग परिसरों में छापेमारी के दौरान 13.92 करोड़ रुपये कैश बरामद।
  • सोना और विदेशी मुद्रा: 1.12 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और 5,500 अमेरिकी डॉलर (करीब 5.11 लाख रुपये) जब्त।
  • लक्जरी गाड़ियां और बैंक फ्रीज: 2.25 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस को होल्ड पर डाला गया और एक आलीशान मर्सिडीज कार (MH15GL8181) फ्रीज।

मुंबई/नाशिक: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई आंचलिक कार्यालय ने धार्मिक आस्था और अंधविश्वास की आड़ में करोड़ों रुपये का जबरन वसूली रैकेट चलाने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताने वाले स्वघोषित बाबा अशोककुमार एकनाथ खरात उर्फ “कैप्टन” को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया है। विशेष पीएमएलए कोर्ट मुंबई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 26 मई, 2026 तक 7 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

काला जादू और मौत का डर दिखाकर करता था ब्लैकमेल

ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, आरोपी अशोककुमार एकनाथ खरात ने खुद को अलौकिक शक्तियों और दिव्य ज्ञान से संपन्न बताकर लोगों के बीच अंधविश्वास फैलाया। वह लोगों को मौत का खौफ दिखाता था और उनके परिवारों पर काला जादू होने का झूठा डर पैदा करता था। इस मानसिक और भावनात्मक हेरफेर के जरिए उसने एक सुव्यवस्थित वसूली रैकेट (Extortion Racket) खड़ा कर लिया था।

वह पीड़ित परिवारों को संकट से मुक्ति दिलाने और धार्मिक उपचार के नाम पर “अवतार पूजा” आयोजित करता था। इसी धार्मिक आड़ में उसने कई भोले-भाले लोगों से उनकी गाढ़ी कमाई और मूल्यवान संपत्तियां जबरन वसूल कीं।

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एक ही शिकायतकर्ता से वसूले 5.62 करोड़ रुपये: खरीदी मर्सिडीज और फार्महाउस

एजेंसी की जांच में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें इस ढोंगी बाबा ने सिर्फ एक शिकायतकर्ता को डरा-धमकाकर करीब 5.62 करोड़ रुपये की मोटी रकम वसूल ली थी। इस काली कमाई का इस्तेमाल आरोपी ने अपनी ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जीने के लिए किया। जांच में पता चला है कि इस पैसे से आरोपी ने अपने लिए एक लक्जरी मर्सिडीज कार खरीदी, महंगे विदेशी दौरों पर गया, अमेरिका में इलाज का खर्च उठाया और कई कीमती फार्महाउस संपत्तियों का सौदा किया।

फर्जी और बेनामी बैंक खातों में छिपाई ‘अपराध की कमाई’

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि जबरन वसूली और धोखाधड़ी से कमाए गए इस काले धन (Proceeds of Crime) को वैध बनाने के लिए आरोपी ने शातिर तरीका अपनाया। उसने विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों और दो सहकारी साख समितियों (पत संस्थाओं) में कई खाते खुलवाए। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई बेनामी और प्रॉक्सी खाते ऐसे लोगों के नाम पर खोले गए थे, जिन्हें इस बात की कानों-कान भनक तक नहीं थी और न ही उनकी कोई सहमति ली गई थी।

इन खातों में पहले भारी मात्रा में नकदी जमा कराई जाती थी, फिर उसे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में बदला जाता था और बाद में धीरे-धीरे नकद रूप में निकाल लिया जाता था। इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और बैंक खातों पर आरोपी का सीधा नियंत्रण था, जिसके लिए वह अपने खुद के मोबाइल नंबर का उपयोग करता था।

ED की ताबड़तोड़ छापेमारी: बरामदगी का पूरा विवरण

इस रैकेट की जड़ें काटने के लिए ईडी ने धारा 17 (PMLA) के तहत अप्रैल और मई के महीनों में ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चलाए। जांच एजेंसी ने 13 अप्रैल, 14 अप्रैल, 17 अप्रैल, 23 अप्रैल, 5 मई और आखिरी बार 18 मई, 2026 को आरोपी और उसके करीबियों से जुड़े कई आवासीय व व्यावसायिक परिसरों, बैंक लॉकरों और वाहनों पर सघन छापेमारी की।

इस मैराथन छापेमारी के दौरान ईडी के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है, जिसका पूरा विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:

बरामद/फ्रीज की गई संपत्ति मात्रा / विवरण अनुमानित मूल्य (रुपये में)
भारतीय मुद्रा (कैश) छापेमारी के दौरान नकद जब्ती ₹ 13.92 करोड़
सोना एवं चांदी कीमती आभूषण और जेवरात ₹ 1.12 करोड़
बैंक बैलेंस (फ्रीज) विभिन्न खातों में जमा राशि ₹ 2.25 करोड़
विदेशी मुद्रा 5,500 अमेरिकी डॉलर (USD) ₹ 5.11 लाख (लगभग)
लक्जरी वाहन मर्सिडीज कार (नंबर MH15GL8181) जांच के तहत फ्रीज

इन धाराओं के तहत दर्ज की गई थी मूल FIR

इस पूरे मामले की शुरुआत नाशिक शहर के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में अशोककुमार एकनाथ खरात और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) से हुई थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं और ‘महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, अनिष्टकारी व अघोरी प्रथाएं और काला जादू रोकथाम व उन्मूलन अधिनियम’ के तहत दर्ज किया गया था।

इसके बाद जांच का दायरा बढ़ने पर अहिल्यानगर के शिर्डी पुलिस स्टेशन, राहता पुलिस स्टेशन और अन्य जगहों पर भी प्राथमिकियां दर्ज की गईं। इन्हीं सभी मामलों को समाहित करते हुए ईडी ने अपना प्रवर्तन मामला सूचना पत्र (ECIR) दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत वित्तीय तफ्तीश शुरू की थी। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है और कई अन्य राजफाश होने की उम्मीद है।