Advertisement

बकरीद पर दिल्ली सरकार की गाइडलाइंस: नियमों के उल्लंघन पर दर्ज होगा आपराधिक केस






बकरीद 2026: दिल्ली सरकार की सख्त गाइडलाइंस जारी, प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर दर्ज होगा आपराधिक मुकदमा


📢 राष्ट्रीय / दिल्ली सरकार की एडवाइजरी

बकरीद पर दिल्ली सरकार की कड़ी गाइडलाइंस जारी: गाय, बछड़ा और ऊंट की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध, सार्वजनिक स्थलों पर नियम तोड़ने वालों पर दर्ज होगा आपराधिक मुकदमा

मुख्य समाचार: आगामी पर्व बकरीद (ईद-उल-अजहा) को लेकर दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कानून व्यवस्था, पशु कल्याण और सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से बेहद कड़े दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी कर दिए हैं। दिल्ली सरकार के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने इस संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में आगामी त्योहार बकरीद को शांतिपूर्ण, स्वच्छ और कानूनी दायरे में मनाने के लिए दिल्ली सरकार मुस्तैद हो गई है। दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर पशु क्रूरता निवारण कानूनों और स्वच्छता नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। इस संबंध में विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने एक उच्च स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें दिल्ली पुलिस, स्थानीय नगर निगमों (MCD) और पशुपालन विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।

समीक्षा बैठक के बाद मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से सरकार द्वारा तय की गई चार सबसे महत्वपूर्ण गाइडलाइंस को सार्वजनिक किया। सरकार ने साफ कर दिया है कि धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और देश के मौजूदा कानूनों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से पशुओं के परिवहन, प्रतिबंधित जीवों की कुर्बानी और खुले में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन को ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाने को कहा गया है।

📜 दिल्ली सरकार द्वारा जारी आधिकारिक गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु

दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में चार मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर कानूनन सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। नागरिकों की सुविधा और समाज में शांति बनाए रखने के लिए जारी गाइडलाइंस इस प्रकार हैं:

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

🚨 इन 4 नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य:

  • प्रतिबंधित जानवरों पर पूर्ण रोक: बकरीद के पावन पर्व पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट और कानून द्वारा अन्य सभी प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह से गैरकानूनी और दंडनीय है। यदि कोई भी व्यक्ति इन जानवरों की कुर्बानी देते या इसके लिए उकसाते हुए पाया गया, तो उस पर तत्काल प्रभाव से आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
  • सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी प्रतिबंधित: दिल्ली की सड़कों, गलियों, पार्कों, रिहायशी कॉलोनियों के खुले स्थानों या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पशुओं की कुर्बानी देने की अनुमति बिल्कुल नहीं है। ऐसा करने वालों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत कानूनी कार्रवाई करेगी। कुर्बानी केवल सरकार और निगम द्वारा निर्धारित वैध स्थलों पर ही दी जा सकती है।
  • कचरा और वेस्ट डिस्पोजल पर कड़े नियम: कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निकलने वाले अवशेषों (Animal Waste), खून या अन्य अंगों को खुले में फेंकना, सार्वजनिक नालियों या सीवर लाइनों में बहाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इससे महामारी फैलने का खतरा रहता है, इसलिए वेस्ट का निस्तारण केवल निगम द्वारा तय किए गए वैज्ञानिक और सुरक्षित डस्टबिन या स्थलों पर ही करना होगा।
  • उल्लंघन की शिकायत के लिए तंत्र: यदि दिल्ली का कोई भी नागरिक इन सरकारी गाइडलाइंस का उल्लंघन होते हुए देखता है, तो वह तुरंत इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे सकता है। इसके अलावा दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय के कंट्रोल रूम को भी सीधे सूचित किया जा सकता है, ताकि तत्काल एक्शन लिया जा सके।

⚖️ पशु कल्याण और क्रूरता निवारण अधिनियम का कड़ाई से पालन

विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act) के सभी प्रावधानों को जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहार के नाम पर अवैध पशु बाजारों का संचालन या सड़कों पर अवैध रूप से जानवरों की खरीद-फरोख्त पूरी तरह से वर्जित है। पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते समय उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना अनिवार्य होगा।

मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पशुओं की सुरक्षा और उनके प्रति क्रूरता को रोकना न केवल हमारी कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारा सांस्कृतिक और नैतिक कर्तव्य भी है। दिल्ली के सभी संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके।”

“पर्व की आड़ में दिल्ली की सड़कों पर खून बहने या सीवर जाम होने की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी नागरिक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। नियमों के दायरे में रहकर त्योहार मनाएं, ताकि समाज के अन्य वर्गों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दिल्ली स्वच्छ बनी रहे।” — कपिल मिश्रा, विकास मंत्री, दिल्ली सरकार

📊 दिल्ली सरकार की एडवाइजरी: त्वरित संदर्भ तालिका

क्र.सं. गतिविधि / विषय कानूनी स्थिति / सरकारी निर्देश संभावित कार्रवाई / सजा
1 गाय, बछड़ा, गौवंश और ऊंट की कुर्बानी पूर्णतः प्रतिबंधित आपराधिक मुकदमा और तत्काल गिरफ्तारी
2 सड़कों, गलियों और सार्वजनिक पार्कों में कुर्बानी अवैध पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई व भारी जुर्माना
3 अवैध पशु बाजार (सड़कों और रिहायशी इलाकों में) अनुमति नहीं है जानवरों को जब्त करना और बाजार हटाना
4 पशु वेस्ट और खून को नाली/सीवर में बहाना पूरी तरह प्रतिबंधित पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
5 कुर्बानी के लिए सही स्थान केवल वैध और निर्धारित स्थल प्रशासन द्वारा अधिकृत बूचड़खाने व चिन्हित क्षेत्र

🧹 सार्वजनिक स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कड़े निर्देश

दिल्ली नगर निगम (MCD) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को त्योहार के दौरान विशेष रूप से अलर्ट मोड पर रहने के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के अवशेषों के खुले में पड़े रहने से संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसके लिए निगम को अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती करने और विशेष कचरा वाहनों को संवेदनशील इलाकों में लगातार राउंड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

धार्मिक गुरुओं और मौलवियों से भी अपील की जा रही है कि वे मस्जिदों से इस बात का ऐलान करवाएं कि कोई भी श्रद्धालु खुले में कचरा न फेंके। पशुओं के अवशेषों को दफनाने या डिस्पोज करने के लिए निगम द्वारा तय किए गए वैज्ञानिक तरीकों का ही उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय राजधानी की आबो-हवा और स्वच्छता प्रभावित न हो।

📞 जनता से सहयोग की अपील: तुरंत करें शिकायत

दिल्ली सरकार ने इस बार आम जनता को भी इस पूरी प्रक्रिया में साझीदार बनाया है। विकास मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना केवल सरकार का काम नहीं है, इसमें नागरिकों की भूमिका सबसे बड़ी है। यदि किसी भी इलाके में प्रतिबंधित जानवरों को लाया जा रहा है, या अवैध रूप से कुर्बानी की तैयारी की जा रही है, तो नागरिक तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा विकास विभाग के आधिकारिक ईमेल और सोशल मीडिया हैंडल पर भी सीधे साक्ष्य (तस्वीरें या वीडियो) साझा किए जा सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और त्वरित एक्शन लिया जाएगा।

सरकार ने सभी समुदायों से भाईचारे और शांति के साथ नियमों के दायरे में रहकर त्योहार मनाने की अपील की है, ताकि दिल्ली की कानून व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।


ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM