देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों और पैनिक बाइंग से बचें: पेट्रोलियम मंत्रालय






देश में पेट्रोल-डीजल आपूर्ति पर पेट्रोलियम मंत्रालय का बड़ा बयान: पैनिक बाइंग से बचने की अपील

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राष्ट्रीय सुरक्षा एवं उपभोक्ता मामले

देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, पैनिक बाइंग से बचें नागरिक: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का आधिकारिक बयान

नई दिल्ली: देश के कुछ हिस्सों में ईंधन किल्लत की अफवाहों और कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर देखी जा रही भारी भीड़ के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है। मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर देशवासियों को आश्वस्त किया है कि पूरे भारत में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और देश के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन का स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी) से पूरी तरह बचें।

1. पेट्रोलियम मंत्रालय का आधिकारिक रुख: अफवाहों पर लगाम

पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय स्तरों पर ईंधन की कमी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिसके बाद कुछ शहरों के रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर अचानक वाहनों की लंबी कतारें देखी जाने लगीं। इस स्थिति पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश के ऊर्जा सुरक्षा ढांचे में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है।

मंत्रालय ने अपने संदेश में कहा, “भारत के पास पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपलब्धता है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ईंधन का वितरण सामान्य रूप से और स्थिरता के साथ जारी है। उपभोक्ताओं को घबराने की या जरूरत से ज्यादा ईंधन का भंडारण करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।”

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2. कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी दबाव का कारण और समाधान

मंत्रालय ने इस बात को स्वीकार किया है कि अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ स्थानीय रिटेल आउटलेट्स पर अस्थायी रूप से दबाव (Temporary Pressure) देखा गया है। जब लोग सामान्य से अधिक मात्रा में ईंधन खरीदने लगते हैं, तो पंपों पर लगे अंडरग्राउंड टैंक उम्मीद से पहले खाली हो जाते हैं, जिसे दोबारा भरने में तार्किक रूप से थोड़ा समय लगता है। इसी को किल्लत मान लेना पूरी तरह गलत है।

सरकार द्वारा उठाए जा रहे त्वरित कदम:

  • सतत आपूर्ति निगरानी (Continuous Supply Monitoring): तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के साथ मिलकर मंत्रालय चौबीसों घंटे रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि किसी भी डिपो या स्टेशन पर ईंधन की कमी न हो।
  • समन्वित वितरण प्रयास (Coordinated Distribution): जिन क्षेत्रों या हाईवे रूट्स पर वाहनों का दबाव अधिक है, वहां के रीफ्यूलिंग टैंकरों की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी गई है। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को इस तरह री-रूट किया जा रहा है कि मांग के अनुसार तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

3. उच्च मांग का दौर और जिम्मेदार उपभोग की आवश्यकता

यह समय देश के कई हिस्सों में शादियों के सीजन, गर्मियों की छुट्टियों के कारण पर्यटन में उछाल और कृषि कार्यों की अधिकता के चलते ईंधन की उच्च मांग (High-Demand Period) का दौर है। ऐसे समय में जब इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रहा होता है, उपभोक्ताओं का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

मंत्रालय की ओर से आम जनता के लिए मुख्य दिशा-निर्देश:

  • केवल वास्तविक आवश्यकता के अनुसार खरीदें: अपने वाहनों के टैंकों को केवल जरूरत के अनुसार ही भरवाएं। ड्रमों या जार में अनावश्यक रूप से घर पर ईंधन सुरक्षित करने का प्रयास न करें, यह असुरक्षित भी है।
  • सार्वजनिक सहयोग: पेट्रोल पंपों पर कानून-व्यवस्था और धैर्य बनाए रखें ताकि तेल कंपनियों के कर्मचारियों को काम करने में सुगमता हो।
  • अफवाहें न फैलाएं: सोशल मीडिया पर बिना किसी प्रामाणिक स्रोत के ईंधन की कमी से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी या अपुष्ट खबरों को फॉरवर्ड करने से बचें।

4. तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का आश्वासन

देश की प्रमुख तेल कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि रिफाइनरियों से लेकर मुख्य डिपो तक परिचालन सामान्य है। कच्चे तेल का आयात और देश के भीतर उसका प्रविश बिल्कुल सुचारू रूप से चल रहा है। कंपनियों ने अपने डीलरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जमाखोरी को बढ़ावा न दें और पारदर्शी तरीके से हर आने वाले वाहन को ईंधन उपलब्ध कराएं। सरकार की इस मुस्तैदी से उम्मीद है कि अगले 24 से 48 घंटों में देश के सभी प्रभावित पेट्रोल पंपों पर स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का यह त्वरित स्पष्टीकरण जनता के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए बेहद जरूरी था। जिम्मेदार उपभोग और सार्वजनिक सहयोग के माध्यम से इस उच्च-मांग वाले दौर को बिना किसी बाधा के पार किया जा सकता है। सरकार की मुस्तैदी और तेल कंपनियों के अथक प्रयास यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि देश के हर कोने में प्रगति का पहिया बिना रुके घूमता रहे।


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