Heatwave Red Alert: इन राज्यों में पारा पहुंचेगा 48°C पार, मौसम विभाग का रेड अलर्ट






IMD Heatwave Alert 2026: देश के कई राज्यों में भीषण लू का रेड अलर्ट

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मौसम विभाग (IMD) की बड़ी चेतावनी: पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ में भीषण लू का ‘रेड अलर्ट’ जारी! दोपहर 12 से 3 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।

तत्काल मौसम चेतावनी (IMD)

भीषण गर्मी का तांडव: उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में लू का महा-अलर्ट

तापमान 45°C से 48°C के पार; मौसम विभाग ने जारी किया कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट।

अपडेटेड: मई 2026
नई दिल्ली (राष्ट्रीय बुलेटिन)

देशभर में सूर्यदेव का रौद्र रूप, रिकॉर्ड तोड़ रहा है पारा

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से में अगले 5 से 6 दिनों तक खतरनाक और जानलेवा लू (Heatwave to Severe Heatwave) चलने की आधिकारिक घोषणा की है। मैदानी इलाकों में शुष्क और गर्म पछुआ हवाओं के कारण तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के मिले-जुले असर के कारण इस साल मई का महीना इतिहास का सबसे गर्म हफ्ता साबित हो रहा है। देश के 90 से अधिक शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार जा चुका है, जबकि कुछ पॉकेट्स में पारा 48 डिग्री सेल्सियस को भी छू चुका है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जब तक मानसून की मजबूत दस्तक नहीं होती, तब तक इस झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

1. भीषण लू का ‘रेड अलर्ट’ (Severe Heatwave Red Alert)

रेड अलर्ट का सीधा मतलब है कि इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति अत्यंत गंभीर है। यहाँ सभी आयु वर्ग के लोगों को “हीट स्ट्रोक” (लू लगना) और गंभीर डिहाइड्रेशन होने का खतरा बहुत ज्यादा है। प्रशासन को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

पूर्वी मध्य प्रदेश

तापमान: 46°C – 48°C
खतरा: अत्यधिक गंभीर

उत्तर प्रदेश

तापमान: 45°C – 47.5°C
खतरा: लू का प्रचंड दौर

विदर्भ (महाराष्ट्र)

तापमान: 46°C – 47°C
खतरा: गर्म हवाओं का प्रकोप

2. लू की सामान्य चेतावनी (Heatwave Orange Alert Regions)

निम्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लू (Heatwave Conditions) लगातार बनी रहेगी। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा है। संवेदनशील लोगों (बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों) को विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

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प्रभावित राज्य और क्षेत्र:
दिल्ली एनसीआर
पंजाब
हरियाणा
चंडीगढ़
राजस्थान
बिहार
छत्तीसगढ़
झारखंड
ओडिशा
तटीय आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
पश्चिमी मध्य प्रदेश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश

क्षेत्रीय विश्लेषण: दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में राजस्थान के मरुस्थल से आ रही अत्यधिक शुष्क और झुलसाने वाली हवाओं ने हवा में नमी के स्तर को सिंगल डिजिट (6% से 8%) तक गिरा दिया है। नमी कम होने से शरीर का पसीना तेजी से सूखता है, जिससे डिहाइड्रेशन का पता नहीं चलता और व्यक्ति अचानक गश खाकर गिर सकता है। वहीं बिहार, झारखंड और ओडिशा में थर्मल डिस्कम्फर्ट (तापमान जनित बेचैनी) चरम पर है।

3. गर्म और अत्यधिक उमस भरा मौसम (Hot & Humid Alert)

मौसम विभाग के अनुसार, कुछ तटीय और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में तापमान भले ही 45 डिग्री न पहुंचे, लेकिन वहां हवा में उच्च नमी (High Humidity) के कारण स्थिति लू से भी ज्यादा कष्टदायक बनी हुई है। यहाँ ‘रियल फील’ या हीट इंडेक्स (Heat Index) 50 डिग्री से ऊपर महसूस हो रहा है।

क्षेत्र/राज्य मौसम का प्रकार संभावित प्रभाव व स्थिति
गंगा से सटा पश्चिम बंगाल (Gangetic WB) अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम कोलकाता सहित आसपास के जिलों में भारी उमस से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रहेगा।
तमिलनाडु तटीय गर्म और उमस भरी हवाएं चेन्नई और भीतरी जिलों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहने के कारण उमस भरी रातें (Warm Nights) होंगी।
पुडुचेरी और कराईक्काल भारी नमी युक्त हीट स्ट्रेस समुद्र से आने वाली नमी हवा को भारी बनाएगी, जिससे अत्यधिक पसीना आएगा और थकान होगी।

इस भीषण गर्मी और लू का मुख्य कारण क्या है?

मौसम वैज्ञानिकों (Meteorologists) के अनुसार, इस अप्रत्याशित हीटवेव के पीछे तीन मुख्य कारक काम कर रहे हैं:

  1. एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Anti-Cyclonic Circulation): मध्य भारत के ऊपर एक उच्च वायुदाब का क्षेत्र बना हुआ है, जो हवा को नीचे की तरफ दबाता है। इसके कारण गर्म हवाएं ऊपर नहीं उठ पा रही हैं और धरातल के पास ही फंसकर संपीड़ित (Compress) होकर और गर्म हो रही हैं।
  2. कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Weak Western Disturbances): इस बार उत्तर भारत के पहाड़ों पर कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ, जिससे मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी या प्री-मानसून की बौछारें नहीं पड़ीं। इसके अभाव में धूप सीधे धरती को तपा रही है।
  3. शुष्क पछुआ हवाएं: पाकिस्तान के बलूचिस्तान और थार मरुस्थल की ओर से आने वाली बेहद गर्म और सूखी हवाएं बिना किसी रुकावट के उत्तर-मध्य भारत के मैदानों में प्रवेश कर रही हैं।

डिसक्लेमर: यह समाचार बुलेटिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी तात्कालिक चेतावनियों के आधार पर जनहित में तैयार किया गया है। स्थानीय मौसम के सटीक बदलावों के लिए अपने जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाइडलाइंस का पालन करें।

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