बलरामपुर: जिला अस्पताल और कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
जिला अस्पताल: मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधा देने पर जोर
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने देर शाम जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों, आपातकालीन ओपीडी और उपचार कक्षों का जायजा लिया। कलेक्टर ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर दवाइयों की उपलब्धता और सेवाओं पर फीडबैक लिया।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: महिला वार्ड में प्रसूता महिलाओं से चर्चा कर शासन की योजनाओं की जानकारी दी। एसएनसीयू कक्ष का निरीक्षण कर नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- भोजन और स्वच्छता: अस्पताल की रसोई का निरीक्षण कर मरीजों को निर्धारित मेनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन समय पर देने को कहा।
- उपकरण और रखरखाव: डायलिसिस रूम और एक्स-रे कक्ष में मशीनों के रखरखाव की स्थिति देखी और तकनीकी स्टाफ को नियमित रूप से मरीजों को सेवाएं देने के निर्देश दिए।
- बायो-मेडिकल वेस्ट: जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा।
संयुक्त जिला कार्यालय: कार्यशैली और अनुशासन पर सख्त
जिला अस्पताल के बाद, कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने संयुक्त जिला कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व, शिक्षा, भू-अभिलेख, आबकारी, श्रम और निर्वाचन शाखा सहित विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को परखा।
- अनुशासन: कलेक्टर ने बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
- बायोमेट्रिक मॉनिटरिंग: विभाग प्रमुखों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया है।
- दस्तावेज प्रबंधन: कार्यालयों में दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण और स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विजय सिंह, सिविल सर्जन शशांक गुप्ता, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, आर. एन. पाण्डेय सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









