जल जीवन मिशन: अंबिकापुर के ग्राम जनकपुर में घर-घर पहुँचा शुद्ध जल, ग्रामीणों को मिली वर्षों पुरानी समस्या से मुक्ति
अम्बिकापुर | 26 मई 2026
जिले के विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत गणेशपुर के आश्रित ग्राम जनकपुर में जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन ने ग्रामीणों के जीवन में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। वर्षों से पेयजल की किल्लत से जूझ रहे इस गाँव के लिए यह योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई है।
पेयजल के लिए कठिन संघर्ष का दौर
जिला मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर दूर स्थित जनकपुर एक छोटा सा गांव है, जहां 11 परिवार निवासरत हैं। लंबे समय तक यहाँ के ग्रामीण अपनी दैनिक पेयजल आवश्यकताओं के लिए केवल हैंडपंप और कुओं पर निर्भर थे। स्थिति तब और भी विकट हो जाती थी जब बरसात के दिनों में हैंडपंपों से गंदा पानी निकलने लगता था, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता था।
गर्मी के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती थी। भू-जल स्तर गिरने के कारण कुएं पूरी तरह सूख जाते थे और हैंडपंप भी हांफने लगते थे। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पानी भरने के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उनके घरेलू कामकाज और कृषि कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था।
जल जीवन मिशन से मिली ‘हर घर जल’ की सौगात
केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ के तहत अब पूरे जनकपुर गांव की तस्वीर बदल गई है। गाँव में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लिए एक सुनियोजित ढांचा तैयार किया गया है:
- नल कनेक्शन: गाँव के सभी 11 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
- आधुनिक भंडारण: गाँव में 10,000 लीटर क्षमता वाली स्टील स्ट्रक्चर टंकी का निर्माण किया गया है।
- शुद्धता की गारंटी: कार्य पूर्ण होने के बाद अब प्रत्येक घर में स्वच्छ पानी निर्बाध रूप से उपलब्ध है।
‘हर घर जल ग्राम’ की उपलब्धि
ग्राम सरपंच वृक्षमनिया देवी बताती हैं कि ग्राम जनकपुर को अब अधिकारिक रूप से “हर घर जल ग्राम” घोषित किया गया है। इस उपलब्धि पर पूरे गाँव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें पानी के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं है।
सतत निगरानी और सामुदायिक भागीदारी
योजना की सफलता को बनाए रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए दो मुख्य कदम उठाए गए हैं:
- ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति: योजना के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए समिति का गठन किया गया है।
- जल वाहिनी समूह: 5 स्थानीय महिलाओं द्वारा गठित ‘जल वाहिनी समूह’ नियमित रूप से पानी की शुद्धता की जांच कर रहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ग्रामीणों तक पहुँचने वाला पानी पूरी तरह सुरक्षित है।
महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
उपसरपंच अनिल ने बताया कि पहले का समय पेयजल ढोने में व्यर्थ हो जाता था। घर-घर नल पहुँचने से विशेषकर महिलाओं को सबसे बड़ी राहत मिली है। अब समय पर पानी उपलब्ध होने से वे अपने अन्य घरेलू कार्यों और कृषि कार्यों को बेहतर तरीके से निपटा पा रही हैं।
जल जीवन मिशन ने न केवल गाँव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार लाया है। जनकपुर की यह सफलता कहानी अन्य गाँवों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।









