सूरजपुर-विश्रामपुर में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना: न्याय की मांग के साथ लोकतंत्र का संघर्ष
विश्रामपुर (सूरजपुर): छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सरगुजा संभाग का केंद्र चर्चाओं में है।
शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के दौरान उपजे विवाद और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के विरुद्ध दर्ज आर्म्स एक्ट की कार्यवाही के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। विश्रामपुर थाना परिसर के सामने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना अब एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि और कारण
शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के घर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर किए गए विवाद और हंगामे के बाद, प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेता के खिलाफ ही आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी कार्यवाही राजनीतिक दुर्भावना और भाजपा की हार के डर से प्रेरित है। पार्टी का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जो प्रशासन के पक्षपाती रवैये को उजागर करता है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और हुंकार
इस आंदोलन को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रदेश भर के शीर्ष कांग्रेस नेता धरना स्थल पर एकजुट हुए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरना स्थल पर मौजूद प्रमुख हस्तियां:
- पूर्व मुख्यमंत्री: भूपेश बघेल
- पूर्व उपमुख्यमंत्री: टी.एस. सिंह देव
- पूर्व मंत्रीगण: प्रेमसाय सिंह टेकाम, अमरजीत भगत
- जिला अध्यक्ष व अन्य: शशि सिंह (सूरजपुर), बालकृष्ण पाठक (सरगुजा), अशोक श्रीवास्तव (एमसीबी), प्रदीप गुप्ता (कोरिया), गुलाब कमरो (पूर्व विधायक), अम्बिका सिंहदेव (पूर्व विधायक), महेश्वर पैकरा (पूर्व विधायक), भानुप्रताप सिंह, आदित्येश्वर शरण सिंह देव, शफी अहमद, दानिश रफीक, नरेश राजवाड़े, सुनील अग्रवाल, संजय डोसी और वेदांती तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता।
प्रशासन को चेतावनी और आमरण अनशन का निर्णय
आंदोलन के दूसरे और तीसरे दिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव ने प्रशासन के अड़ियल रवैये की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि शाम 6 बजे तक मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं हुई, तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
न्याय की पहली जीत: एफआईआर दर्ज
कांग्रेस के इस निरंतर संघर्ष का असर दिखाई देने लगा है। देर रात लगभग 12:00 बजे कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगों में से एक मांग पूरी कर ली गई। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे कार्यकर्ताओं के संघर्ष की पहली बड़ी जीत बताया है।
संघर्ष जारी: शिवनंदनपुर का चुनावी रण
कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि भाजपा की दमनकारी राजनीति और पुलिसिया आतंक के सामने पार्टी झुकने वाली नहीं है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव का संचालन अब थाने के बाहर से किया जाएगा। तपती गर्मी और पुलिसिया दबाव के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला बुलंद है।
विश्रामपुर थाने के सामने चल रहा यह धरना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में विपक्ष द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक संदेश है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा सरकार भले ही सत्ता और बल का प्रयोग करे, लेकिन कांग्रेस का संघर्ष सत्ता के अहंकार से कहीं अधिक बड़ा है।
आवाज़ दो, हम एक हैं! न्याय की जीत निश्चित है।









