छत्तीसगढ़ खरीफ सीजन 2026: उर्वरक उपलब्धता और वितरण पर विशेष अपडेट
प्रदेश में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आगामी खरीफ सीजन के लिए प्रदेश के किसानों को समय पर खाद और कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
केंद्र से प्राप्त उर्वरक आबंटन (लक्ष्य)
केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
| उर्वरक का प्रकार | लक्ष्य (मीट्रिक टन में) |
|---|---|
| यूरिया | 7.25 लाख |
| डी.ए.पी. | 3.00 लाख |
| एन.पी.के. | 2.50 लाख |
| एस.एस.पी. | 2.00 लाख |
| एम.ओ.पी. | 0.80 लाख |
किसानों के लिए वितरण नीति
सुचारू वितरण के लिए भूमि की उपलब्धता के आधार पर यूरिया के वितरण की किश्तें निर्धारित की गई हैं:
- सीमांत कृषक (ढाई एकड़ तक): यूरिया की मात्रा एकमुश्त प्रदाय की जाएगी।
- लघु कृषक (ढाई से पांच एकड़): उर्वरक का उठाव दो किश्तों में करने की सुविधा।
- बड़े कृषक (पांच एकड़ से अधिक): यूरिया का प्रदाय तीन किश्तों में सुनिश्चित किया जाएगा।
अनियमितता पर सख्त कार्रवाई
उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी की जा रही है। कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में अनियमितता पाए जाने पर समिति प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है और विभागीय जांच प्रारंभ की गई है।
नैनो उर्वरकों को बढ़ावा
राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। नैनो यूरिया और नैनो डी.ए.पी. के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो सके। यह उपयोग पूरी तरह वैकल्पिक है।











