छत्तीसगढ़ के 4.5 लाख कर्मचारियों में डीए (DA) को लेकर भारी आक्रोश: 10 जून को होगा कलेक्ट्रेट घेराव
रायपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ के करीब साढ़े चार लाख शासकीय सेवकों और पेंशनर्स का सब्र अब जवाब दे गया है। प्रदेश में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) को लेकर सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारी अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले राज्य के कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
सरकार पर भेदभाव का आरोप
कर्मचारी संघ का कहना है कि राज्य सरकार दोहरी नीति अपना रही है। जहां एक ओर राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) तथा आईएफएस (IFS) अधिकारियों को 01 जनवरी 2026 से 2% बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता स्वीकृत कर दिया गया है, वहीं प्रदेश के साढ़े चार लाख अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा गया है।
इस भेदभाव के चलते प्रदेश भर में कर्मचारियों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। संघ के नेताओं का कहना है कि महंगाई की मार झेल रहे आम कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
आंदोलन की रूपरेखा: 10 जून को होगा ज्ञापन
संघ के प्रांतीय आह्वान पर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए दिनांक 10 जून 2026, दिन बुधवार को भोजनावकाश (Lunch Break) के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
दुर्ग जिले में इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए कर्मचारी नेताओं ने सभी साथियों से बड़ी संख्या में दुर्ग कलेक्ट्रेट के सामने उपस्थित होने की अपील की है।
प्रमुख मांगे:
- केंद्र की तिथि के अनुरूप महंगाई भत्ता (DA) तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
- लंबे समय से लंबित लगभग 80 महीने के डीए एरियर्स का भुगतान किया जाए।
- अधिकारी-कर्मचारी वर्ग के बीच डीए वितरण में किए जा रहे भेदभाव को समाप्त किया जाए।
संघ के पदाधिकारियों ने की अपील
इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से अपील की है:
- विजय लहरे – प्रांतीय महामंत्री
- प्रदीप चौहान (बाबा भाई) – वरिष्ठ उपाध्यक्ष
- भानु प्रताप यादव – जिलाध्यक्ष
- शिवदयाल घृतलहरे – जिला सचिव
- अनुरूप साहू, व्ही.एस. – कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग
- सुरेश कुमार साहू – संयोजक, पशु चिकित्सा विभाग
- दीपक दुबे – संयोजक, भू अभिलेख विभाग
- धर्मेन्द्र देशमुख
- सूखेंद्र देवांगन – संयोजक, शिक्षा विभाग
- यशवंत कुमार साहू – संयोजक, राजस्व विभाग
- मोतीराम खिलाड़ी – जिला अध्यक्ष, लघु वेतन कर्मचारी संघ
- संजय कुमार साहू – आदिम जाति कल्याण विभाग
- चतुर यादव
संघ के जिला सचिव शिवदयाल घृतलहरे ने कहा कि यह लड़ाई केवल डीए की नहीं, बल्कि कर्मचारियों के आत्मसम्मान की है। यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसके लिए शासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
यह रिपोर्ट छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की प्रेस विज्ञप्ति और प्रांतीय आह्वान पर आधारित है।











