ऑन्कोस्फीयर 2.0: रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स का भव्य शैक्षणिक ऑन्कोलॉजी सम्मेलन
रायपुर, 13 जून 2026: मध्य भारत के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों में से एक, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर, अपने प्रमुख शैक्षणिक ऑन्कोलॉजी सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ का आयोजन 13 और 14 जून 2026 को होटल बैबिलोन इंटरनेशनल, रायपुर में करने जा रहा है। यह सम्मेलन देशभर से प्रमुख ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों को एक मंच पर लाएगा, जहाँ कैंसर देखभाल के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और नवाचारों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
कैंसर देखभाल का भविष्य: एक सामूहिक प्रयास
यह सम्मेलन भारत के प्रतिष्ठित ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों का संगम होगा, जो उभरती उपचार पद्धतियों, जटिल क्लिनिकल मामलों और कैंसर के निदान एवं उपचार को पुनर्परिभाषित करने वाले महत्वपूर्ण नवाचारों पर विचार-विमर्श करेंगे।
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स का मानना है कि कैंसर देखभाल में प्रगति केवल चिकित्सा उपलब्धियों से नहीं, बल्कि ज्ञान, विशेषज्ञता और अनुभव के निरंतर आदान-प्रदान से भी संभव होती है। अपने प्रमुख शैक्षणिक पहल ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ के माध्यम से, अस्पताल विशेषज्ञों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने, बहु-विषयक सहयोग को प्रोत्साहित करने और कैंसर उपचार के मानकों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं और विषय
दो दिवसीय इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वैज्ञानिक सत्र, मुख्य व्याख्यान, बहु-विषयक पैनल चर्चाएँ और केस-आधारित शिक्षण सत्र शामिल होंगे। सम्मेलन के मुख्य केंद्र बिंदु निम्नलिखित रहेंगे:
- मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं इम्यूनोथेरेपी
- सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की आधुनिक तकनीकें
- रेडिएशन ऑन्कोलॉजी में सटीकता
- हेमेटोलॉजिकल मैलिग्नेंसी का प्रबंधन
- प्रिसिजन मेडिसिन (व्यक्तिगत उपचार)
- रोगी-केंद्रित कैंसर देखभाल और जीवन की गुणवत्ता
विशेषज्ञों की राय
डॉ. संदीप दवे, प्रबंध निदेशक एवं क्लिनिकल डायरेक्टर, रामकृष्ण CARE अस्पताल ने कहा: “भारत में कैंसर देखभाल के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन देखने को मिल रहा है। ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ देश के अग्रणी विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करता है, जहाँ वे क्लिनिकल अनुभव साझा कर सकते हैं और कैंसर उपचार के मानकों को आगे बढ़ा सकते हैं।”
डॉ. रवि जायसवाल, वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट ने कहा: “प्रिसिजन मेडिसिन, इम्यूनोथेरेपी और मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स ने उपचार की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ चिकित्सकों के लिए नए उपचार तरीकों से अपडेट रहने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।”
सम्मेलन का महत्व और प्रभाव
इस सम्मेलन से स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच ज्ञान का प्रसार होगा, जो अंततः मरीजों के परिणामों में सुधार लाने में सहायक होगा। उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में ऑन्कोलॉजिस्ट, सर्जन, चिकित्सक और स्नातकोत्तर छात्र इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान करेगा, बल्कि भविष्य की कैंसर देखभाल के लिए नई दिशाएँ भी तय करेगा।









