बलरामपुर: प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला और शाला प्रवेश उत्सव का सफल आयोजन
बलरामपुर: केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत, बलरामपुर मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती विषयक एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित करना और प्राकृतिक खेती के लाभों के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यशाला में जन-भागीदारी और जागरूकता
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा उपस्थित थीं। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहकारी बैंक के संभागीय अध्यक्ष रामकिशुन सिंह, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल सहित गणमान्य नागरिक भानु प्रकाश दीक्षित और बी.पी. सिंह उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर विशेष रूप से मौजूद रहीं।
पौधरोपण का संदेश: कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आम के पौधे रोपे। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ी के लिए एक हरित भविष्य सुनिश्चित करने के संकल्प को दर्शाती है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक संदेश
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशामुक्ति, बाल विवाह निषेध और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन जैसे गंभीर विषयों पर जन-जागरूकता का संदेश दिया गया। बच्चों के उत्साह और प्रतिभा ने उपस्थित सभी अतिथियों और ग्रामीणों का मन मोह लिया।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर जोर
सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा ने किसानों से ‘खेत बचाओ अभियान’ से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि का संरक्षण हमारे भविष्य की सुरक्षा है। उन्होंने जैविक खेती अपनाने और ‘5 प्रतिशत मॉडल’ के तहत खेतों में जल संचयन संरचनाएं विकसित करने की सलाह दी।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि बलरामपुर का ‘चांगरो चावल’ अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के संतुलित उपयोग पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाती है, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा भी करती है।
शाला प्रवेश उत्सव: बच्चों का उत्साहपूर्ण स्वागत
इस अवसर पर विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भी आयोजन किया गया। नवप्रवेशी बच्चों का फूल-माला पहनाकर और लड्डू खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। बच्चों को स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
भानु प्रकाश दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। कृषि और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जिन्हें प्राकृतिक खेती के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन एक सुखद वातावरण में हुआ, जहाँ किसान और ग्रामीण नई सीख के साथ अपने घरों को लौटे।














