सीएम हेल्पलाइन: कलेक्टर की सख्ती, राशन वितरण में देरी पर लिया संज्ञान
बलरामपुर। जिले में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी द्वारा शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर स्वयं विभिन्न प्रकरणों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर उनके प्रभावी निराकरण पर विशेष जोर दे रही हैं। इसी क्रम में, जनहित से जुड़े मामलों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राजपुर का मामला: सेवारी ग्राम पंचायत में खाद्यान्न की समस्या
इसी कड़ी में कलेक्टर ने विकासखंड राजपुर के ग्राम पंचायत सेवारी से संबंधित सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायत पर खाद्यान्न वितरण की जानकारी ली। शिकायत में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न का आवंटन एवं आपूर्ति विलंब से पहुंचने के कारण वितरण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस देरी के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले गरीब एवं पात्र हितग्राहियों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे थे, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
कलेक्टर ने स्वयं संभाली कमान
प्रकरण की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने स्वयं दूरभाष के माध्यम से शिकायतकर्ता एवं उचित मूल्य दुकान संचालक से सीधे चर्चा की। फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने राशन वितरण में हो रही बाधाओं और आपूर्ति श्रृंखला में आ रही तकनीकी दिक्कतों को समझा। चर्चा के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति में विलंब की पुष्टि होने पर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल तलब किया और समस्या के शीघ्र निराकरण के सख्त निर्देश दिए।
जनहित सर्वोपरि: कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं खाद्यान्न वितरण व्यवस्था शासन की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। यह सीधे तौर पर गरीब परिवारों के चूल्हे से जुड़ा मामला है। उन्होंने निर्देशित किया कि:
- खाद्यान्न वितरण से जुड़ी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
- शिकायतों का निराकरण केवल कागजों या औपचारिकता तक सीमित न रहे।
- समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए ताकि बार-बार शिकायत की नौबत न आए।
अधिकारियों को सख्त हिदायत
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का निराकरण केवल पोर्टल पर ‘क्लोज’ कर देने से काम नहीं चलेगा। विभागों को अब शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें वास्तविक राहत मिली है या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रशासनिक सक्रियता का बढ़ता दायरा
गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा अब सीएम हेल्पलाइन के प्रत्येक लंबित प्रकरण की विभागवार और क्षेत्रवार समीक्षा की जा रही है। विशेषकर उन मामलों पर नजर रखी जा रही है जहाँ असंतोषजनक निराकरण की रिपोर्ट मिली है। कलेक्टर का मानना है कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन ही आम नागरिकों का विश्वास जीत सकता है।
प्रदेश खबर के लिए विशेष रिपोर्ट।










