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छत्तीसगढ़ एग्रीस्टेक पंजीयन 2026: धान बेचने के लिए किसान कराएं रजिस्ट्रेशन, जानें पूरी प्रक्रिया






छत्तीसगढ़ एग्रीस्टेक पंजीयन 2026: समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसान कराएं रजिस्ट्रेशन


बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए ‘एग्रीस्टेक पंजीयन’ अनिवार्य, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में चला विशेष अभियान

स्थान: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (छत्तीसगढ़)
दिनांक: 25 जून 2026
विभाग: कृषि एवं राजस्व विभाग, छत्तीसगढ़ शासन

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में और कृषि व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार, आगामी खरीफ विपणन वर्ष में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान का विक्रय करने के लिए सभी पात्र किसानों का एग्रीस्टेक (AgriStack) पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन के इस आदेश के बाद अब मैदानी स्तर पर किसानों को जागरूक करने और उनका शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया गया है।

इसी कड़ी में जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में व्यापक स्तर पर जागरूकता और सुगम पंजीकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। कृषि एवं राजस्व विभाग के आला अधिकारियों सहित मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर चौपालों, शिविरों और बैठकों के माध्यम से किसानों को इस डिजिटल कूटबद्धता के महत्व से अवगत करा रहा है।

ध्यान दें किसान भाइयों: यदि आपने निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना एग्रीस्टेक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन (Farmer Registry) नहीं कराया, तो आगामी खरीफ सीजन में सोसाइटी में समर्थन मूल्य पर धान बेचने में गंभीर तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

एग्रीस्टेक (AgriStack) क्या है और इससे किसानों को क्या लाभ होगा?

सरल शब्दों में कहें तो एग्रीस्टेक भारतीय कृषि और किसानों के लिए तैयार किया गया एक एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम (Digital Ecosystem) है। इसके माध्यम से प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान (Unique Farmer ID) तैयार की जा रही है। इस पंजीयन प्रक्रिया से किसानों की व्यक्तिगत जानकारी, उनकी भूमि के रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) और उनके द्वारा बोई गई फसलों से संबंधित तमाम जानकारियों का पूरी तरह से डिजिटलीकरण (Digitization) हो जाएगा।

डिजिटल किसान रजिस्ट्री से मिलने वाले मुख्य फायदे:

  • शासकीय योजनाओं का पारदर्शी लाभ: पंजीयन होने के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना और फसल बीमा जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बिचौलिए के पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचेगा।
  • सटीक गिरदावरी और फसल का ब्यौरा: डिजिटल फसल सर्वेक्षण के माध्यम से भू-खंडों की जियो-रेफरेंसिंग की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस खसरे में कौन सी फसल बोई गई है। इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म होगी।
  • ऋण प्राप्ति में सुगमता: बैंकों और सहकारी समितियों से कृषि ऋण (KCC) लेते समय बार-बार कागजी दस्तावेज जमा करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। बैंक एक क्लिक पर किसान का सत्यापित डेटा देख सकेंगे।
  • राहत और मुआवजा राशि का त्वरित भुगतान: सूखा, पाला, कीट या अतिवृष्टि के कारण फसल नुकसान होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति या बीमा क्लेम की राशि का निर्धारण और हस्तांतरण बेहद तेज और सुगम हो जाएगा।

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“एग्रीस्टेक केवल एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल धान खरीदी सुचारू होगी, बल्कि भविष्य की कृषि नीतियों को अधिक किसान-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।” – जिला प्रशासन

किसान भाई कहाँ जाकर करा सकते हैं अपना एग्रीस्टेक पंजीयन?

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण की प्रक्रिया को बेहद विकेंद्रीकृत और सुलभ बनाया गया है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार निम्नलिखित केंद्रों में से किसी भी स्थान पर जाकर अपना पंजीकरण निःशुल्क या निर्धारित शुल्क के साथ करा सकते हैं:

  1. ग्राम पंचायत कार्यालय: स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायत के सचिव और रोजगार सहायक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन और पंजीकरण का कार्य किया जा रहा है।
  2. लोक सेवा केंद्र / कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): किसान अपने नजदीकी चॉइस सेंटर या सीएससी (CSC) पर जाकर भी ऑपरेटर की मदद से ऑनलाइन फार्मर आईडी जनरेट करवा सकते हैं।
  3. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां (सोसाइटी): जहां किसान धान बेचते हैं, उन सहकारी समितियों में भी विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं।
  4. शासकीय कार्यालय: विकासखंड स्तर पर कृषि विभाग के कार्यालय, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) के माध्यम से या संबंधित तहसील कार्यालय में जाकर भी आवेदन किया जा सकता है।
  5. विशेष पंजीकरण शिविर: राजस्व और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न गांवों में तिथिवार विशेष शिविरों (Camps) का आयोजन किया जा रहा है।

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Important Documents Checklist)

शिविर या पंजीकरण केंद्र में जाते समय किसान भाइयों को अपने साथ कुछ बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर जाना अनिवार्य है, ताकि मौके पर ही उनका बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन (e-KYC) पूरा किया जा सके। आवश्यक दस्तावेजों का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

दस्तावेज का नाम विवरण और महत्वपूर्ण निर्देश
आधार कार्ड किसान का स्वयं का मूल आधार कार्ड होना अनिवार्य है, जिससे पहचान की पुष्टि हो सके।
सक्रिय मोबाइल नंबर मोबाइल नंबर का आपके आधार कार्ड से लिंक (Linked) होना जरूरी है, क्योंकि पंजीकरण के दौरान प्रमाणीकरण के लिए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा।
भूमि संबंधी दस्तावेज जमीन की नवीनतम बी-1 (B-I), खसरा पंचसाला, या भू-अभिलेख की प्रमाणित प्रतिलिपि जिसमें ऋण पुस्तिका और खाता संख्या स्पष्ट रूप से अंकित हो।
बैंक पासबुक बैंक खाते की पासबुक की प्रति (खाता सक्रिय होना चाहिए और आधार व डीबीटी से लिंक होना चाहिए)।

प्रशासनिक अमला मैदानी स्तर पर मुस्तैद, दैनिक आधार पर हो रही समीक्षा

जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के कलेक्टर और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों (आरईओ, पटवारी, और समिति प्रबंधकों) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में घर-घर पहुंचकर शत-प्रतिशत पात्र किसानों का डेटा पोर्टल पर अपलोड करवाएं।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे छूटे हुए किसानों की सूची तैयार कर पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से उन्हें शिविरों तक लाएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बरतने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आगामी धान खरीदी सीजन की शुरुआत से पहले जिले के हर छोटे-बड़े और सीमांत किसान को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है।

जिला प्रशासन की अपील: समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला प्रशासन ने जिले के समस्त सम्मानीय कृषकों से पुरजोर अपील की है कि वे अंतिम तिथियों का इंतजार किए बिना, अपने नजदीकी शिविर या केंद्र में जाकर तुरंत अपना एग्रीस्टेक पंजीयन (Farmer Registry) सुनिश्चित कराएं। शुरुआती दिनों में पंजीकरण कराने से सर्वर डाउन होने जैसी तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सकेगा और समय रहते भूमि या नाम में किसी भी प्रकार की त्रुटि का सुधार किया जा सकेगा।


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