आज का इतिहास: 26 जून की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं
नई दिल्ली: इतिहास के पन्नों में 26 जून की तारीख कई ऐसी घटनाओं के साथ दर्ज है, जिन्होंने भारत सहित पूरी दुनिया की राजनीतिक और सामाजिक दिशा बदल दी। आज ही के दिन सन 1975 में भारत में औपचारिक रूप से ‘आपातकाल’ (Emergency) की घोषणा की गूंज सुनाई दी थी, जिसने देश के लोकतंत्र को हिलाकर रख दिया। वहीं वैश्विक स्तर पर, आज का दिन विश्व शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है क्योंकि इसी दिन संयुक्त राष्ट्र (UN) के घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे। आइए विस्तार से जानते हैं 26 जून के इस ऐतिहासिक घटनाक्रम को।
1. भारत का इतिहास: लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर (1975)
26 जून 1975
भारत में आपातकाल की औपचारिक शुरुआत और इंदिरा गांधी का संबोधन
यूं तो आंतरिक अशांति के आधार पर देश में आपातकाल (Emergency) लगाने के दस्तावेज पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने 25 जून की रात को ही हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन 26 जून की सुबह ऑल इंडिया रेडियो पर देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी आवाज में इसका औपचारिक ऐलान किया। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा, “भाइयों और बहनों, राष्ट्रपति जी ने देश में आपातकाल की घोषणा की है। इससे आम नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।” इस घोषणा के साथ ही नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। यह भारतीय राजनीतिक इतिहास का सबसे विवादास्पद अध्याय माना जाता है।
1539
चौसा का युद्ध – शेरशाह सूरी ने हुमायूं को पराजित किया
भारतीय मध्यकालीन इतिहास में 26 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिन बिहार के बक्सर के पास ‘चौसा का युद्ध’ लड़ा गया था। इस भीषण ऐतिहासिक युद्ध में अफगान शासक शेरशाह सूरी ने मुग़ल सम्राट हुमायूं को बुरी तरह पराजित किया था। हुमायूं को अपनी जान बचाने के लिए गंगा नदी में घोड़ा कुदाना पड़ा था, जहाँ एक भिश्ती (निज़ाम) ने उसकी जान बचाई थी। इस जीत के बाद शेरशाह ने ‘सूरी साम्राज्य’ की नींव को और मजबूत किया और ‘शेरशाह’ की उपाधि धारण की।
2. वैश्विक मील का पत्थर: संयुक्त राष्ट्र चार्टर (1945)
द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका और तबाही को देखने के बाद दुनिया को एक ऐसे संगठन की जरूरत थी जो भविष्य में तीसरे विश्व युद्ध को रोक सके। 26 जून 1945 को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में दुनिया के 50 देशों के प्रतिनिधियों ने ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर’ (UN Charter) पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक दस्तावेज के साथ ही आधुनिक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव पड़ी। हालांकि, यह चार्टर आधिकारिक रूप से 24 अक्टूबर 1945 को लागू हुआ, जिसे हम आज संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत भी उन शुरुआती देशों में शामिल था जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए थे।
3. अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं (क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर)
1483
रिचर्ड तृतीय ने इंग्लैंड की गद्दी संभाली
इंग्लैंड के इतिहास में एक बड़ा उलटफेर हुआ जब रिचर्ड, ड्यूक ऑफ ग्लूसेस्टर ने खुद को इंग्लैंड का राजा घोषित किया और रिचर्ड तृतीय के रूप में गद्दी पर बैठा। उसने अपने भतीजे एडवर्ड पंचम को सिंहासन से बेदखल कर दिया था।
1843
हांगकांग बना ब्रिटिश क्राउन कॉलोनी
प्रथम अफीम युद्ध के बाद हुई संधियों के परिणामस्वरूप, हांगकांग को आधिकारिक तौर पर एक ब्रिटिश क्राउन कॉलोनी (ब्रिटिश उपनिवेश) घोषित किया गया। इसके बाद हांगकांग अगले 150 से अधिक वर्षों तक ब्रिटिश नियंत्रण में रहा, जिसे अंततः 1997 में चीन को वापस सौंपा गया।
1894
कार्ल बेंज को मिला ऑटोमोबाइल का अमेरिकी पेटेंट
जर्मनी के महान आविष्कारक कार्ल बेंज को उनकी गैस से चलने वाली कार (Gasoline-powered automobile) के लिए अमेरिका से आधिकारिक पेटेंट प्राप्त हुआ। यह ऑटोमोबाइल क्रांति और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की शुरुआत का एक बड़ा मोड़ था।
1914
दक्षिण अफ्रीका में ‘इंडियन रिलीफ एक्ट’ पास हुआ
महात्मा गांधी द्वारा दक्षिण अफ्रीका में चलाए गए लंबे अहिंसक आंदोलन और सत्याग्रह के दबाव के बाद वहां की सरकार ने ‘इंडियन रिलीफ एक्ट’ पास किया। इस कानून के जरिए भारतीय शादियों को कानूनी मान्यता मिली और प्रवासियों पर लगाए गए कई अनुचित करों को खत्म किया गया। यह गांधी जी के सत्याग्रह की एक बड़ी शुरुआती जीत थी।
1936
दुनिया के पहले व्यावहारिक हेलीकॉप्टर का सफल परीक्षण
जर्मनी में दुनिया के पहले पूरी तरह से काम करने वाले व्यावहारिक हेलीकॉप्टर ‘Focke-Wulf Fw 61’ ने अपनी पहली उड़ान भरी। इस विमानन तकनीक ने भविष्य में मिलिट्री और रेस्क्यू ऑपरेशन्स की परिभाषा बदल दी।
1963
जॉन एफ. कैनेडी का प्रसिद्ध भाषण – “इश बिन आइन बर्लीनर”
शीत युद्ध (Cold War) के चरम दौर में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने पश्चिम बर्लिन में बर्लिन की दीवार के पास एक ऐतिहासिक और बेहद प्रभावशाली भाषण दिया था। उन्होंने जर्मन भाषा में कहा था- “Ich bin ein Berliner” (मैं एक बर्लिनवासी हूँ)। इस भाषण ने कम्युनिस्ट ताकतों के खिलाफ पश्चिमी बर्लिन के लोगों का हौसला कई गुना बढ़ा दिया था।
1992
भारत ने बांग्लादेश को ‘तीन बीघा गलियारा’ पट्टे पर दिया
भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा विवाद को सुलझाने और आपसी संबंधों को सुधारने के लिए भारत ने पश्चिम बंगाल में स्थित ‘तीन बीघा गलियारा’ (Tin Bigha Corridor) को 999 वर्षों के लिए बांग्लादेश को पट्टे (Lease) पर सौंप दिया। इससे बांग्लादेशी नागरिक अपने अंतःक्षेत्रों (enclaves) तक आसानी से पहुंच सके।
1997
हैरी पॉटर सीरीज की पहली किताब का प्रकाशन
साहित्य और बच्चों की दुनिया में क्रांति लाने वाली ब्रिटिश लेखिका जे.के. रोलिंग की पहली किताब ‘हैरी पॉटर एंड द फिलॉसफर्स स्टोन’ (Harry Potter and the Philosopher’s Stone) आज ही के दिन लंदन में प्रकाशित हुई थी। इस किताब ने जादू की एक नई दुनिया खड़ी की और इतिहास की सबसे सफल बुक और मूवी फ्रेंचाइजी बनी।
2000
मानव जीनोम का पहला रफ ड्राफ्ट तैयार
विज्ञान और चिकित्सा की दुनिया में इस दिन को ‘महा-सफलता’ का दिन कहा जाता है। ‘ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट’ से जुड़े वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से घोषणा की कि उन्होंने मानव आनुवंशिक कोड (Human Genetic Code) का पहला मोटा खाका यानी रफ ड्राफ्ट सफलतापूर्वक तैयार कर लिया है। इसने आनुवंशिक बीमारियों के इलाज की नई राहें खोलीं।
4. 26 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व
- 1874 (छत्रपति शाहू महाराज): कोल्हापुर रियासत के प्रसिद्ध राजा और समाज सुधारक, जिन्होंने भारत में शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए आरक्षण की पहली व्यवस्था लागू की थी।
- 1908 (साल्वाडोर अलेंदे): चिली के पहले मार्क्सवादी राष्ट्रपति, जिन्होंने लैटिन अमेरिकी राजनीति में लोकतांत्रिक समाजवाद का एक नया अध्याय शुरू किया था।
- 1918 (सिख गुरुद्वारों के इतिहासकार): पंजाब के प्रसिद्ध विद्वान और इतिहासकार डॉ. गंडा सिंह का जन्म हुआ, जिन्होंने सिख इतिहास पर गहरा शोध किया।
- 1993 (अरियाना ग्रांडे): समकालीन पॉप संगीत की दुनिया की सबसे मशहूर अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री का जन्म हुआ।
5. 26 जून को हुए प्रमुख निधन
- 1718 (त्साल्विच अलेक्सी पेत्रोविच): रूस के महान शासक पीटर द ग्रेट के बेटे अलेक्सी पेत्रोविच की रहस्यमयी परिस्थितियों और यातना के कारण मृत्यु हुई, उन पर अपने ही पिता के खिलाफ साजिश रचने का आरोप था।
- 1830 (जॉर्ज चतुर्थ): यूनाइटेड किंगडम और हैंनोवर के राजा जॉर्ज चतुर्थ का निधन हुआ था, उनके शासनकाल को रीजेंसी काल के रूप में जाना जाता है।
- 1961 (गोविंद दास): भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, साहित्यकार और हिंदी के प्रबल समर्थक सेठ गोविंद दास का निधन आज ही के दिन हुआ था।
- 2004 (यश जौहर): बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता और धर्मा प्रोडक्शंस के संस्थापक यश जौहर का मुंबई में निधन हुआ था।
6. आज का विशेष दिवस (Important Days)
अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking)
संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में हर साल 26 जून को पूरी दुनिया में ‘अंतरराष्ट्रीय नशा और मादक पदार्थ निषेध दिवस’ मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और इसके अवैध व्यापार पर लगाम लगाना है। आज ही के दिन संयुक्त राष्ट्र ‘नशीली दवाओं के पीड़ितों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय दिवस’ भी मनाता है।