आज का पंचांग 28 जून 2026: भानु प्रदोष व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल का समय

आज का पंचांग: सनातन धर्म का संपूर्ण दैनिक ज्योतिषीय विवरण

दिनांक: 28 जून 2026 | स्थान: अंबिकापुर, छत्तीसगढ़, भारत

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

सनातन हिंदू धर्म में समय की गणना और किसी भी कार्य को प्रारंभ करने के लिए पंचांग का अत्यधिक महत्व है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज के इस विस्तृत पंचांग में हम आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी-चतुर्दशी तिथि, ज्येष्ठा-मूल नक्षत्र और आज के सभी शुभ व अशुभ मुहूर्तों की विस्तृत विवेचना करेंगे। यह पंचांग दैनिक जीवन में ग्रहों की स्थिति और उनके प्रभाव को समझने का एक प्रामाणिक माध्यम है।


पंचांग के पांच मुख्य अंग (Five Elements of Panchang)

प्रत्येक दिन का पंचांग पांच मूल तत्वों पर आधारित होता है। आज के दिन के लिए इन पांचों अंगों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

1. तिथि (Tithi)

आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो दोपहर तक रहेगी और उसके पश्चात चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। तिथि के स्वामी कामदेव और शिव हैं। आज के दिन व्रत और साधना का विशेष महत्व है, विशेषकर प्रदोष काल में की जाने वाली पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

2. वार (Vara)

आज रविवार (Sunday) है। रविवार के स्वामी प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य नारायण हैं। यह दिन मान-सम्मान, तेज, आरोग्यता और प्रशासनिक कार्यों में सफलता प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जाता है। आज के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना विशेष कल्याणकारी होता है।

3. नक्षत्र (Nakshatra)

आज का नक्षत्र ज्येष्ठा है, जो दोपहर तक रहेगा और इसके बाद मूल नक्षत्र का प्रारंभ होगा। ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं और इसकी राशि वृश्चिक है। मूल नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और इसकी राशि धनु है। ज्येष्ठा और मूल दोनों ही गण्डमूल नक्षत्रों की श्रेणी में आते हैं, इसलिए आज के दिन जन्मे जातकों के लिए नक्षत्र शांति की पूजा का विधान होता है।

4. योग (Yoga)

आज का मुख्य योग शुभ योग है, जो रात्रि तक रहेगा और इसके बाद शुक्ल योग का प्रारंभ होगा। शुभ योग को धार्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों का परिणाम चिरस्थायी और मंगलकारी होता है।

5. करण (Karana)

आज का प्रथम करण तैतिल है और द्वितीय करण गर है। करण तिथि का आधा भाग होता है और यह गतिशील कार्यों या स्थिर कार्यों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


आज की सूर्योदय और चंद्रोदय की स्थिति (Sun and Moon Timings)

ग्रहों के राजा सूर्य और मन के कारक चंद्रमा की आज की गतियां और समय सारणी नीचे तालिका में दी गई है:

खगोलीय घटना समय (भारतीय मानक समय) विशेष विवरण
सूर्योदय (Sunrise) प्रातः 05:18 AM सूर्य देव का उदय, साधना के लिए सर्वोत्तम समय।
सूर्यास्त (Sunset) सायं 06:48 PM संध्या आरती और प्रदोष पूजा का समय।
चंद्रोदय (Moonrise) शाम 05:22 PM चंद्र देव का उदय पूर्वी क्षितिज पर।
चंद्रास्त (Moonset) अगली सुबह 04:12 AM चंद्रमा का अस्त होना।
सूर्य राशि (Sun Sign) मिथुन राशि (Mithuna) सूर्य देव अभी मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं।
चंद्र राशि (Moon Sign) वृश्चिक से धनु राशि दोपहर तक वृश्चिक, तत्पश्चात धनु राशि में प्रवेश।

शुभ मुहूर्त और श्रेष्ठ समय (Auspicious Timings)

शास्त्रों के अनुसार, यदि कोई भी नया कार्य, व्यवसाय, या मांगलिक अनुष्ठान शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो उसमें सफलता की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। आज के मुख्य शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat)

समय: दोपहर 11:36 AM से 12:30 PM तक

अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है। इस समय में किया गया कोई भी कार्य निष्फल नहीं होता। यदि आपको किसी कार्य के लिए कोई अन्य विशेष मुहूर्त न मिल रहा हो, तो आप उसे बेझिझक अभिजीत मुहूर्त में संपन्न कर सकते हैं। आज रविवार होने के कारण इस मुहूर्त में सूर्य बल की प्रधानता रहेगी।

विजय मुहूर्त (Vijaya Muhurat)

समय: दोपहर 02:18 PM से 03:12 PM तक

यह मुहूर्त वाद-विवाद, न्यायालय के मामलों, खेल-कूद और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने से जुड़े कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने या बड़े व्यावसायिक समझौतों पर हस्ताक्षर करने के लिए भी यह समय उपयुक्त है।

गोधूलि और अमूर्त मुहूर्त (Godhuli & Amrit Kalam)

गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:36 PM से 07:00 PM तक
अमृत काल: रात्रि 09:15 PM से 10:48 PM तक

गोधूलि मुहूर्त संध्या वंदन और गृह शांति के पाठ के लिए उत्तम है। वहीं अमृत काल में की गई मंत्र साधना और आध्यात्मिक चिंतन का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है।


अशुभ समय और वर्जित मुहूर्त (Inauspicious Timings)

जिस प्रकार शुभ समय का लाभ उठाना आवश्यक है, उसी प्रकार अशुभ समय में नए कार्यों को प्रारंभ करने से बचना चाहिए ताकि विघ्न-बाधाओं से सुरक्षित रहा जा सके।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

राहुकाल (Rahu Kaal)

समय: शाम 05:03 PM से 06:48 PM तक

राहुकाल को ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत अशुभ माना गया है। इस समय के दौरान यात्रा की शुरुआत करना, नया व्यापार शुरू करना, धन का लेन-देन या किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करना पूरी तरह वर्जित होता है। इस काल में केवल नियमित पूजा और राहु शांति के उपाय किए जा सकते हैं।

यमगण्ड और गुलिक काल (Yamaganda & Gulika Kaal)

यमगण्ड काल: दोपहर 12:03 PM से 01:48 PM तक
गुलिक काल: दोपहर 03:33 PM से 05:03 PM तक

यमगण्ड काल में किए गए कार्यों का परिणाम विनाशकारी हो सकता है, विशेषकर मृत्यु से जुड़े कर्म या दीर्घकालिक निवेश इस समय नहीं करने चाहिए। गुलिक काल में शुरू किया गया कार्य बार-बार दोहराना पड़ता है, इसलिए नया कार्य यहाँ भी टालना श्रेयस्कर है।

वर्ज्यम (Varjyam)

समय: सुबह 10:45 AM से 12:18 PM तक। इस समय के दौरान मानसिक तनाव या निर्णयों में भ्रम की स्थिति बन सकती है।


आज का दिशाशूल और निवारण (Disha Shool)

आज की दिशा: पश्चिम (West)

रविवार के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है, इसे दिशाशूल कहते हैं। यदि आज आपको पश्चिम दिशा की ओर किसी अनिवार्य कार्य से यात्रा करनी ही पड़े, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार घर से निकलने से पहले दही या दलिया का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही भगवान सूर्य देव के मंत्र “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” का जप करते हुए पहले पूर्व दिशा की ओर कुछ कदम चलें, तत्पश्चात अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम की ओर करें। इससे यात्रा के दोष दूर होते हैं।


ग्रह गोचर स्थिति (Current Planetary Positions)

आज आकाशमंडल में ग्रहों की स्थिति इस प्रकार बनी हुई है, जो वैश्विक और व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर रही है:

  • सूर्य: मिथुन राशि में, जो बौद्धिक चर्चाओं और संचार माध्यमों को गति प्रदान कर रहे हैं।
  • चंद्रमा: मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर कर रहे हैं, जो दोपहर के बाद गुरु की राशि धनु में प्रवेश करेंगे। इससे मानसिक दृढ़ता बढ़ेगी।
  • मंगल: मेष राशि में स्वगृही होकर गोचर कर रहे हैं, जिससे समाज में साहस और पराक्रम की वृद्धि हो रही है।
  • बुध: मिथुन राशि में अपनी स्वराशि में स्थित हैं, जो व्यापार और लेखन कार्य के लिए अत्यंत शुभ संकेत है।
  • गुरु (बृहस्पति): वृषभ राशि में विराजमान हैं, जिससे आर्थिक स्थिरता और पारंपरिक मूल्यों में रुचि बढ़ेगी।
  • शुक्र: कर्क राशि में गोचररत हैं, जो कला, सौंदर्य और पारिवारिक सुख-सुविधाओं में विस्तार कर रहे हैं।
  • शनि: कुंभ राशि में मार्गी अवस्था में हैं, जो न्याय और कर्म के प्रति समाज को सचेत कर रहे हैं।
  • राहु और केतु: क्रमशः मीन और कन्या राशि में स्थित हैं, जो आध्यात्मिक और विश्लेषणात्मक प्रवृत्तियों को उभार रहे हैं।

धार्मिक महत्व, व्रत और त्योहार (Religious Significance & Fasting)

आज आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी होने के कारण प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। चूंकि आज रविवार है, इसलिए इसे भानु प्रदोष व्रत या रवि प्रदोष कहा जाएगा।

भानु प्रदोष व्रत की महिमा

भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित यह व्रत आरोग्यता और दीर्घायु प्रदान करने वाला माना गया है। जो जातक आज के दिन निराहार रहकर या फलाहार लेकर संध्या के समय भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं, उनके जीवन से समस्त प्रकार के चर्म रोग, मानसिक विकार और दरिद्रता का नाश होता है।

आज की पूजा विधि:

  1. प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त हों।
  2. तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  3. मध्याह्न काल के बाद और सूर्यास्त के समय (प्रदोष काल) शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर पंचामृत अर्पित करें।
  4. बेलपत्र, धतूरा और शमी पत्र चढ़ाकर शिव चालीसा और आरती का पाठ करें।

आज का महामंत्र और ज्योतिषीय उपाय (Daily Remedy)

आज रविवार का दिन है, जो नवग्रहों के राजा सूर्य को समर्पित है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य देव कमजोर स्थिति में हैं या आपको कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान की कमी महसूस हो रही है, तो आज के दिन निम्नलिखित उपायों को अपनाना चाहिए:

सफलता का महामंत्र: “ॐ घृणि सूर्याय नमः” अथवा “ॐ आदित्याय नमः” का 108 बार लाल चंदन की माला से जप करें।

विशेष उपाय: आज के दिन लाल रंग के वस्त्र, तांबा, गेहूं या गुड़ का दान किसी जरूरतमंद को अथवा मंदिर के पुजारी को अवश्य करें। गाय को घी लगी रोटी और गुड़ खिलाने से भाग्य के बंद दरवाजे खुलते हैं और प्रशासनिक कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।


आज का दिन ऊर्जा, पराक्रम और आध्यात्मिक चेतना का एक सुंदर मिश्रण है। शुभ योग और अभिजीत मुहूर्त का सही उपयोग करके आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों को सिद्ध कर सकते हैं, जबकि राहुकाल और दिशाशूल को ध्यान में रखकर संभावित नुकसान और बाधाओं से बच सकते हैं। भानु प्रदोष का यह पावन अवसर आपके जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, इसी कामना के साथ आज का यह दैनिक पंचांग संपूर्ण होता है।

“`