आज का इतिहास: 28 जून की वे बड़ी घटनाएं जिन्होंने बदल दी दुनिया की तस्वीर
ऐतिहासिक दृष्टिकोण से 28 जून का दिन मानव इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है। इस तारीख का संबंध वैश्विक स्तर पर एक ऐसी विनाशकारी घटना से है जिसने पूरी दुनिया का नक्शा बदल दिया, और ठीक पांच साल बाद इसी तारीख को उस विनाश का औपचारिक अंत भी हुआ। इसके अलावा, भारत के राजनीतिक और आर्थिक इतिहास में भी इस दिन का एक खास मुकाम है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 28 जून को इतिहास के पन्नों में कौन-कौन सी बड़ी घटनाएं दर्ज हैं।
1. प्रथम विश्व युद्ध की चिंगारी: सारायेवो हत्याकांड (1914)
28 जून 1914 को बोस्निया की राजधानी सारायेवो में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरी दुनिया को प्रथम विश्व युद्ध की आग में झोंक दिया। ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य के सिंहासन के उत्तराधिकारी आर्कड्यूक फ्रांस फर्डिनेंड और उनकी पत्नी सोफी की एक सर्बियाई राष्ट्रवादी गैवरिलो प्रिंसिप ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस हत्याकांड से आक्रोशित होकर ऑस्ट्रिया ने सर्बिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। देखते ही देखते दुनिया की तमाम महाशक्तियां दो गुटों में बंट गईं और प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई, जिसमें करोड़ों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
2. महायुद्ध का अंत: वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर (1919)
इतिहास का एक अद्भुत संयोग देखिए कि जिस 28 जून को प्रथम विश्व युद्ध की नींव पड़ी थी, ठीक पांच साल बाद यानी 28 जून 1919 को उसी युद्ध का आधिकारिक समापन भी इसी तारीख को हुआ। फ्रांस के पेरिस में वर्साय के महल (Palace of Versailles) में ऐतिहासिक वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर किए गए।
यह संधि मित्र राष्ट्रों (ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका) और पराजित जर्मनी के बीच हुई थी। हालांकि, इस संधि में जर्मनी पर इतने कड़े और अपमानजनक प्रतिबंध लगाए गए थे कि कई इतिहासकार इसे द्वितीय विश्व युद्ध का मुख्य कारण मानते हैं, क्योंकि इसी अपमान की कोख से आगे चलकर एडोल्फ हिटलर का उदय हुआ।
3. आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था के जनक: पी. वी. नरसिम्हा राव का जन्म (1921)
भारत के इतिहास में 28 जून का दिन राजनीतिक और आर्थिक सुधारों के दृष्टिकोण से बेहद खास है। 28 जून 1921 को भारत के नौवें प्रधानमंत्री पामुलापति वेंकट नरसिम्हा राव का जन्म आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) में हुआ था। उन्हें बहुभाषाविद और कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में जाना जाता है।
1991 में जब देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था, तब उन्होंने कमान संभाली और तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ मिलकर देश में ऐतिहासिक आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) नीतियों की शुरुआत की। उन्होंने भारत में ‘लाइसेंस राज’ को खत्म कर वैश्विक निवेश के रास्ते खोले, जिसके कारण उन्हें ‘आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था का जनक’ कहा जाता है।
4. आपातकाल का क्रूर प्रहार: प्रेस पर पूर्ण सेंसरशिप (1975)
भारत में आपातकाल (Emergency) की घोषणा 25 जून 1975 को की गई थी, लेकिन इसके ठीक तीन दिन बाद यानी 28 जून 1975 को आजाद भारत के इतिहास में पहली बार प्रेस की स्वतंत्रता पर पूरी तरह से ताला लगा दिया गया। इस दिन सरकार ने प्रेस सेंसरशिप के कड़े नियम लागू किए, जिसके तहत अखबारों में कोई भी खबर छपने से पहले सरकारी अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया। इसके विरोध में कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों ने अपने संपादकीय (Editorial) पन्ने खाली छोड़ दिए थे।
📊 28 जून की अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं (एक नजर में)
| वर्ष | घटनाक्रम |
|---|---|
| 1838 | लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में महारानी विक्टोरिया की ताजपोशी की गई। |
| 1846 | बेल्जियम के संगीतकार एडोल्फ सैक्स ने आधुनिक वाद्य यंत्र ‘सेक्सोफोन’ (Saxophone) को पेटेंट कराया। |
| 1857 | प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नाना साहेब ने बिठूर में स्वयं को पेशवा घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह को तेज किया। |
| 1926 | दो बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों का विलय हुआ और दुनिया को मशहूर कार ब्रांड ‘मर्सिडीज-बेंज’ (Mercedes-Benz) मिला। |
| 1952 | दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ आंदोलन करने के कारण महान नेता नेल्सन मंडेला को पहली बार गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। |
| 1981 | चीन ने भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा का रास्ता दोबारा खोला। |
| 1997 | बॉक्सिंग के इतिहास की एक अजीबोगरीब घटना में माइक टायसन ने हेवीवेट चैंपियनशिप मैच के दौरान प्रतिद्वंद्वी बॉक्सर इवांडर होलीफील्ड का कान काट लिया था। |
Ashish Sinha
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