PM मोदी की सेशेल्स यात्रा 2026: भारतीय समुदाय और महत्वपूर्ण समझौते






PM मोदी की ऐतिहासिक सेशेल्स यात्रा 2026: भारतीय समुदाय और द्विपक्षीय संबंधों पर विशेष रिपोर्ट

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PM मोदी की ऐतिहासिक सेशेल्स यात्रा: भारतीय समुदाय के योगदान को सराहा; द्विपक्षीय संबंधों में नए युग की शुरुआत

मुख्य समाचार | लाइव अपडेट | नई दिल्ली – विक्टोरिया (सेशेल्स) | जून 2026

विक्टोरिया/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2026 में सेशेल्स गणराज्य की अपनी तीन दिवसीय ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान वहां रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय (डायलॉग विद डायस्पोरा) के साथ एक बेहद आत्मीय और विहंगम बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की प्रसन्नता साझा करते हुए कहा कि भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ उनका संवाद अद्भुत रहा। उन्होंने सेशेल्स की प्रगति और विकास में प्रवासी भारतीयों द्वारा किए जा रहे प्रभावी और सक्रिय योगदान की जमकर सराहना की।

🌐 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक सोशल मीडिया संदेश (@narendramodi)
“मैंने सेशेल्स में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ एक अद्भुत बातचीत की। वे सेशेल्स की प्रगति में प्रभावी योगदान दे रहे हैं। हालांकि, अपनी जड़ों (भारत) के साथ उनका जुड़ाव आज भी बेहद मजबूत और जीवंत है।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष आमंत्रण पर सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ (गोल्डन जुबली) और राष्ट्रीय दिवस समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (मुख्य अतिथि) के रूप में शामिल होने विक्टोरिया पहुंचे थे। 1976 में यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद सेशेल्स के इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच गहरे और अटूट संबंधों को दर्शाती है।

भारतीय समुदाय का सेशेल्स में ऐतिहासिक और अटूट प्रभाव

सेशेल्स में भारतीय प्रवासियों का इतिहास सदियों पुराना है। प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की संसद (नेशनल असेंबली) को संबोधित करते हुए इस बात का विशेष उल्लेख किया कि भारत और सेशेल्स का रिश्ता केवल 50 साल पुराना राजनयिक संबंध नहीं है, बल्कि यह सदियों पुराने जन-केन्द्रित संबंधों पर आधारित है। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए याद दिलाया कि अगस्त 1770 में ‘द थिलेमैक’ (Thelemaque) नामक जहाज से जो पांच शुरुआती नागरिक सेंट ऐन द्वीप पर पहुंचे थे, उनमें भारतीय भी शामिल थे। उन्हीं शुरुआती कदमों ने आधुनिक सेशेल्स के निर्माण में प्रवासियों के योगदान की नींव रखी थी।

आज सेशेल्स की कुल आबादी में भारतीय मूल के लोगों और भारतीय नागरिकों की एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। यहाँ का व्यापार, निर्माण क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाएं, आईटी और शिक्षा क्षेत्र मुख्य रूप से भारतीय पेशेवरों और व्यवसायियों की कर्मठता के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि वे भारत के ‘राष्ट्रदूत’ हैं, जो न केवल सेशेल्स की अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं, बल्कि अपनी संस्कृति, त्योहारों और जीवंतता से दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं।

💡 मुख्य बिंदु: महासागर विजन (Vision MAHASAGAR)

सेशेल्स भारत की समुद्री सुरक्षा और ‘विजन महासागर’ (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) नीति का एक बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ है। हिंद महासागर में स्थित यह रणनीतिक द्वीप देश वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा और समुद्री डकैती रोधी अभियानों में भारत का सबसे भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है।

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ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता और 1250 करोड़ रुपये का सहयोग पैकेज

इस राजकीय यात्रा के दौरान केवल सांस्कृतिक संबंध ही मजबूत नहीं हुए, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर भी भारत-सेशेल्स ने नए आयाम छुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच स्टेट हाउस में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता आयोजित हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

वार्ता के बाद भारत सरकार द्वारा सेशेल्स के विकास के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1250 करोड़ रुपये) के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई। इस पैकेज के तहत एक बड़ा हिस्सा ऋण सहायता (Line of Credit) और अनुदान के रूप में दिया जाएगा, जिसका उपयोग सेशेल्स में सोशल हाउसिंग, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, ई-मोबिलिटी और युवाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के निर्माण में किया जाएगा।

डिजिटल क्रांति: अब सेशेल्स में भी चलेगा भारत का UPI

भारत की तकनीकी प्रगति का लोहा अब हिंद महासागर के इस द्वीपीय देश में भी देखा जाएगा। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को सेशेल्स में लॉन्च करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके लागू होने से सेशेल्स के स्थानीय नागरिकों और वहां जाने वाले भारतीय पर्यटकों को त्वरित, सुरक्षित और कैशलेस भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन क्षेत्र को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा सहयोग: भारत ने सौंपा ‘मेड इन इंडिया’ फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’

सुरक्षा के मोर्चे पर भारत ने हमेशा की तरह सेशेल्स का साथ निभाते हुए अपनी स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने औपचारिक रूप से सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत निर्मित आधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’ (Lespwar) सौंपा। यह गश्ती जहाज सेशेल्स की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करने, अवैध शिकार (Illegal Fishing) को रोकने, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों से निपटने में वहां की सुरक्षा एजेंसियों की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा।

सहयोग का क्षेत्र मुख्य परियोजना / समझौता (MoU) प्रभाव और लाभ
वित्तीय सहायता ₹1250 करोड़ ($175M) का पैकेज सामाजिक आवास, बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास।
डिजिटल तकनीक UPI (Unified Payments Interface) कैशलेस भुगतान, व्यापार में सुगमता और पर्यटन को बढ़ावा।
समुद्री सुरक्षा गश्ती जहाज ‘लेस्पवार’ (Lespwar) हिंद महासागर में सुरक्षा, ड्रग तस्करी और समुद्री डकैती पर लगाम।
पर्यावरण CDRI में सेशेल्स की भागीदारी जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ संयुक्त लड़ाई।

PM मोदी को मिला सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान – ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक पर्यावरण लीडरशिप, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उनकी मुहिम और विकासशील देशों तथा लघु द्वीपीय देशों (Small Island Developing States) के हितों की निरंतर वकालत करने के लिए सेशेल्स सरकार ने उन्हें अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द… ब्लू होराइजन’ (Guardian of the Blue Horizon) से विभूषित किया। सेशेल्स के इतिहास में पहली बार यह सम्मान किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को दिया गया है।

इस सम्मान को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद विनम्रता से इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों और दुनिया के उन सभी देशों को समर्पित किया जो जलवायु परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति पर खड़े होकर पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारत और सेशेल्स की 50 वर्षों की अटूट दोस्ती और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह सेशेल्स यात्रा केवल एक कूटनीतिक दौरा नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच के भावनात्मक रिश्तों का पुनर्जागरण है। भारतीय समुदाय के साथ हुआ जीवंत संवाद यह साफ करता है कि सात समंदर पार रहने के बाद भी प्रवासी भारतीय अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हुए हैं। इस यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि ‘हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि आपस में जोड़ता है।’ आने वाले समय में UPI, सुरक्षा सहयोग और आर्थिक पैकेज के माध्यम से दोनों देशों के संबंध विकास के एक नए क्षितिज को छुएंगे।

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