PM Modi Seychelles Visit 2026: पीएम मोदी ने विक्टोरिया मंदिर में की पूजा






PM मोदी की ऐतिहासिक सेशेल्स यात्रा 2026: कूटनीतिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक महा-अपडेट

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विशेष वैश्विक कवरेज | द्विपक्षीय कूटनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक सेशेल्स यात्रा (जून 2026): सांस्कृतिक कूटनीति, रणनीतिक गठजोड़ और ‘महासागर’ विजन का नया स्वर्णिम अध्याय

अपडेटेड: 29 जून, 2026 | विक्टोरिया, माहे (सेशेल्स)

विक्टोरिया (सेशेल्स): भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंद महासागर क्षेत्र के अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक द्वीप राष्ट्र सेशेल्स की अपनी तीन दिवसीय (27 जून से 29 जून, 2026) ऐतिहासिक राजकीय यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष निमंत्रण पर आयोजित यह दौरा न केवल दोनों देशों के कूटनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, बल्कि इसने भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले) और विजन ‘MAHASAGAR’ (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) की नीति को एक अभूतपूर्व रणनीतिक गहराई प्रदान की है।

अपनी यात्रा के अंतिम दिन, प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में स्थित प्रसिद्ध और ऐतिहासिक ‘अरुलमिगु नवशक्ति विनायगर मंदिर’ (Arulmigu Navasakthi Vinayagar Temple) में विशेष पूजा-अर्चना की और भारतीय प्रवासियों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय से भावुक संवाद किया। इसके उपरांत, उन्होंने पीस पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर वैश्विक शांति का संदेश दिया। इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल भुगतान (UPI), कृषि और बुनियादी ढांचे सहित 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जो इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि भारत अब हिंद महासागर में अपनी सुरक्षात्मक और विकासात्मक उपस्थिति को संस्थागत रूप दे चुका है।

“सेशेल्स केवल एक छोटा द्वीप राष्ट्र नहीं है, बल्कि हिंद महासागर का एक विशाल और प्रबुद्ध रक्षक है—एक ‘लार्ज ओशन कंट्री’ (Large Ocean Country)। भारत और सेशेल्स की दोस्ती केवल भौगोलिक निकटता पर आधारित नहीं है, बल्कि यह हमारे साझा इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों, और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि बनाए रखने के हमारे दृढ़ संकल्प से बंधी हुई है।”

— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सेशेल्स की नेशनल असेंबली में संबोधन के अंश)

1. अरुलमिगु नवशक्ति विनायगर मंदिर में दर्शन: सांस्कृतिक कूटनीति का जीवंत उदाहरण

29 जून 2026 की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स के एकमात्र और सबसे प्रतिष्ठित हिंदू मंदिर, ‘अरुलमिगु नवशक्ति विनायगर मंदिर’ का दौरा किया। यहाँ उन्होंने भगवान श्री गणेश की विशेष आराधना की और पूरे विश्व की सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और स्थानीय हिंदू समुदाय के साथ-साथ भारतीय प्रवासियों में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।

प्रधानमंत्री ने इस यात्रा के दौरान अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) से विभिन्न भाषाओं में पोस्ट साझा कर इस मंदिर के महत्व और सेशेल्स में भारतीय संस्कृति को जीवित रखने वाले संगठनों की सराहना की। उनके आधिकारिक संदेशों के प्रमुख अंश निम्नलिखित हैं:

Narendra Modi @narendramodi (English)

Prayed at the Arulmigu Navasakthi Vinayagar Temple in Victoria, the prominent Hindu temple of Seychelles. May Bhagwan Shri Ganesh bless everyone with wisdom, strength and prosperity.

I would like to appreciate the Seychelles Hindu Kovil Sangam for their efforts towards the building of the Arulmigu Navasakthi Vinayagar Temple and for popularising different aspects of Indian culture and spirituality in Seychelles.

Narendra Modi @narendramodi (Tamil Translation)

तमिल से अनूदित

செஷல்ஸ் நாட்டின் விக்டோரியாவில் உள்ள முதன்மையான இந்து கோவிலான அருள்மிகு நவசக்தி வினாயகர் கோவிலில் பிரார்த்தனை செய்தேன். भगवान श्री गणेश அனைவருக்கும் ஞானம், வலிமை மற்றும் செழிப்பை வழங்கட்டும்.

அருள்மிகு நவசக்தி வினாயகர் கோவிலைக் கட்டுவதற்கும், செஷல்ஸில் இந்திய கலாச்சாரம் மற்றும் ஆன்மீகத்தின் பல்வேறு அம்சங்களைப் பரப்புவதற்கும் செஷல்ஸ் இந்து கோவில் சொசைட்டி (Seychelles Hindu Kovil Sangam) மேற்கொண்டு வரும் முயற்சிகளைப் பாராட்டுகிறேன்.

Narendra Modi @narendramodi (Marathi Translation)

मराठी से अनूदित

सेशेल्समधील व्हिक्टोरिया येथील प्रमुख हिंदू मंदिर असलेल्या अरुलमिगु नवशक्ती विनायगर मंदिरात दर्शन घेऊन प्रार्थना केली. भगवान श्री गणेश सर्वांना बुद्धी, शक्ती आणि समृद्धी प्रदान करोत हीच माझी प्रार्थना.

अरुलमिगु नवशक्ती विनायगर मंदिराच्या उभारणीसाठी आणि सेशेल्समध्ये भारतीय संस्कृती आणि अध्यात्माच्या विविध पैलूंचा प्रचार आणि प्रसार करण्यासाठी सेशेल्स हिंदू कोविल संघाच्या प्रयत्नांचे मी कौतुक करतो.

सेशेल्स हिंदू कोविल संगम का योगदान

इस मंदिर का प्रबंधन देखने वाली संस्था ‘सेशेल्स हिंदू कोविल संगम’ (Seychelles Hindu Kovil Sangam) की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्था सेशेल्स में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और कला के प्रसार में अद्भुत भूमिका निभा रही है। स्थानीय निवासियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों (जैसे अध्यक्ष कंडासामी नतेसन और कार्यकारी समिति की सदस्य सुंदरी जवाहर) ने बताया कि यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं है, बल्कि यह सेशेल्स की बहुसांस्कृतिक पहचान का एक अटूट हिस्सा बन चुका है। यहाँ दैनिक रूप से हजारों स्थानीय और विदेशी श्रद्धालु आते हैं।

2. पीस पार्क में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि: वैश्विक शांति और न्याय का संदेश

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मंदिर दर्शन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी विक्टोरिया के ऐतिहासिक ‘पीस पार्क’ (Peace Park) पहुंचे। वहाँ उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान पार्क में उपस्थित भारतीय प्रवासियों और स्थानीय बच्चों ने तिरंगा लहराकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। मोदी ने बच्चों से आत्मीय बातचीत की और वहाँ मौजूद कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों एवं गीतों का आनंद लिया।

Narendra Modi @narendramodi

Paid homage to Mahatma Gandhi at the Peace Park in Victoria. Bapu’s ideals transcend generations, uniting people in the pursuit of peace, justice and human dignity. His thoughts continue to inspire our collective endeavour for a better world.

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि बापू के आदर्श—सत्य, अहिंसा, न्याय और मानवीय गरिमा—किसी एक कालखंड या देश तक सीमित नहीं हैं। आज की अशांत वैश्विक परिस्थितियों में, जहां दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है, गांधी जी के विचार एक न्यायसंगत और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण के लिए हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

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3. सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) में मुख्य अतिथि

इस यात्रा का सबसे मुख्य कूटनीतिक आकर्षण सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस और उसकी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ (Golden Jubilee) का भव्य समारोह रहा। 28 जून 2026 को आयोजित इस राष्ट्रीय परेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (Guest of Honour) के रूप में शिरकत की। यह भारत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण था, क्योंकि वह सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने हैं।

सैन्य सहयोग और परेड में भारत की भागीदारी

इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए और दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ रक्षा संबंधों को प्रदर्शित करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) की एक सैन्य टुकड़ी ने सेशेल्स की राष्ट्रीय परेड में हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत—INS तरकश (INS Tarkash) और INS इक्षक (INS Ikshak)—पोर्ट विक्टोरिया पर लंगर डाले हुए थे। इन जहाजों की उपस्थिति ने न केवल भारत की नौसैनिक ताकत को दिखाया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि भारत, सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा का सबसे विश्वसनीय गारंटर है।

4. द्विपक्षीय वार्ता और ’19 ऐतिहासिक समझौते’: संबंधों को मिली नई ऊंचाई

28 जून 2026 को विक्टोरिया स्थित ‘स्टेट हाउस’ में प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई। अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति हर्मिनी के सत्ता संभालने और फरवरी 2026 में उनकी भारत यात्रा के बाद, यह बैठक दोनों नेताओं के बीच एक नए रणनीतिक युग की शुरुआत है।

वार्ता के दौरान दोनों देशों ने डिजिटल सहयोग से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान और राष्ट्रीय सुरक्षा तक फैले 19 प्रमुख समझौतों/एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। भारत ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं को गति देने के लिए 1250 करोड़ रुपये (INR 1250 Crores) की नई ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ (Line of Credit) की घोषणा की।

प्रमुख समझौतों और पहलों का विवरण:

क्र.सं. सहयोग का क्षेत्र / समझौता मुख्य प्रभाव और रणनीतिक उद्देश्य
1 डिजिटल भुगतान (UPI) सेशेल्स में भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लागू किया जाएगा, जिससे पर्यटकों और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
2 ₹1250 करोड़ की लाइन ऑफ क्रेडिट बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं, सामाजिक बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता।
3 प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) सीमा पार अपराधों, वित्तीय धोखाधड़ी और भगोड़ों पर नकेल कसने के लिए कानूनी और सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देना।
4 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहयोग उपग्रह डेटा साझाकरण, तटीय निगरानी, मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन की मैपिंग में इसरो (ISRO) द्वारा सेशेल्स को सहायता।
5 खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास हालिया पश्चिम एशिया संकट और समुद्री आपूर्ति बाधाओं के मद्देनजर भारत द्वारा खाद्य सामग्री, कृषि तकनीकी और आपातकालीन आपूर्ति की गारंटी।
6 समुद्री सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग हिंद महासागर में अवैध शिकार (Illegal Fishing), ड्रग तस्करी (Drug Trafficking) और समुद्री डकैती (Piracy) के खिलाफ साझा अभियान।

वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से एक विशेष स्मारक लोगो (Commemorative Logo) भी जारी किया, जो भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 गौरवशाली वर्षों का प्रतीक है। इसके साथ ही, सेशेल्स ने आधिकारिक तौर पर भारत के नेतृत्व वाले वैश्विक गठबंधन ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) में शामिल होने की घोषणा की।

5. नेशनल असेंबली में संबोधन: पहले भारतीय पीएम जिन्होंने रचा इतिहास

अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली (संसद) के एक असाधारण सत्र (Extraordinary Sitting) को संबोधित किया। इस गरिमामयी सदन को संबोधित करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। अपने भाषण में उन्होंने लोकतंत्र, कानून के शासन और जन-केंद्रित शासन के साझा मूल्यों पर बल दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की कूटनीति कभी भी “लेन-देन” (Transactional) वाली नहीं रही है। चीन का नाम लिए बिना उन्होंने इशारा किया कि भारत कर्ज के जाल (Debt Trap) में फंसाने वाली परियोजनाओं के बजाय क्षमता निर्माण (Capacity Building), स्थानीय कौशल विकास और अनुदान आधारित ढांचागत विकास में विश्वास रखता है। उन्होंने सेशेल्स को भरोसा दिलाया कि चाहे वह स्वास्थ्य का क्षेत्र हो, शिक्षा का हो या फिर आपदा प्रबंधन का—भारत हमेशा सेशेल्स का ‘फर्स्ट रेस्पॉन्डर’ (संकट में सबसे पहले मदद पहुंचाने वाला देश) बना रहेगा।

6. भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ आत्मीय संवाद

सेशेल्स की कुल आबादी लगभग 1,30,000 है, जिसमें भारतीय मूल के लोगों और प्रवासियों की एक बहुत ही प्रभावशाली और सक्रिय भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी ने विक्टोरिया में भारतीय समुदाय के एक विशाल समागम को संबोधित किया।

  • सेशेल्स की प्रगति में योगदान: पीएम ने कहा कि भारतीय प्रवासी सेशेल्स की अर्थव्यवस्था, निर्माण, स्वास्थ्य और व्यापार के मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से सेशेल्स में भारत का नाम ऊंचा किया है।
  • मातृभूमि से अटूट जुड़ाव: प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पीढ़ियों से सेशेल्स में रहने के बावजूद यहाँ के तमिल, गुजराती, मलयाली और अन्य भारतीय समुदायों ने अपनी जड़ों, त्योहारों और आध्यात्मिक मूल्यों को पूरी जीवंतता के साथ संजो कर रखा है।
  • विपक्षी नेता से मुलाकात: इस दौरान सेशेल्स की संसद के नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) बर्नार्ड जार्जेस (Bernard Georges) ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सर्वदलीय और राष्ट्रीय समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

7. रणनीतिक विश्लेषण: आखिर भारत के लिए क्यों बेहद खास है सेशेल्स?

यह यात्रा केवल सांस्कृतिक मेलजोल और समझौतों तक सीमित नहीं है, इसके पीछे गहरे भू-राजनीतिक (Geopolitical) और सामरिक हित छिपे हैं। पिछले कुछ वर्षों में हिंद महासागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता और बुनियादी ढांचा निवेश (जैसे बंदरगाह और ऋण कूटनीति) को देखते हुए भारत के लिए सेशेल्स का साथ अत्यंत आवश्यक हो गया है।

  1. भौगोलिक अवस्थिति (Strategic Location): सेशेल्स 115 द्वीपों का एक ऐसा समूह है जो पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित है। यह क्षेत्र अफ्रीका, खाड़ी देशों और एशिया को जोड़ने वाले वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों (Sea Lanes of Communication) के बिल्कुल केंद्र में है। इसके पास लगभग 14 लाख वर्ग किलोमीटर का एक विशाल विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) है।
  2. विजन ‘MAHASAGAR’ और तटीय निगरानी: भारत ने सेशेल्स के बाहरी द्वीपों पर एक व्यापक कोस्टल रडार सिस्टम (Coastal Radar System) स्थापित किया है। भारत द्वारा उपहार में दिए गए दो डोर्नियर (Dornier) विमान और नौसैनिक कर्मियों की उपस्थिति के माध्यम से भारत इस पूरे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा में सीधे सहयोग कर रहा है।
  3. चीन और मालदीव प्रकरण से लिया सबक: मालदीव में हुए हालिया राजनीतिक बदलावों और ‘इंडिया आउट’ अभियानों से सबक लेते हुए, भारतीय विदेश मंत्रालय ने अब हिंद महासागर के देशों के साथ अपने संबंधों को केवल तात्कालिक सरकारों तक सीमित न रखकर स्थायी संस्थानों, डिजिटल बुनियादी ढांचे (UPI) और व्यापक जन-सांस्कृतिक जुड़ाव में बदलने की रणनीति अपनाई है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री को सेशेल्स के राष्ट्रपति द्वारा दिया गया विशेष नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ (Guardian of the Blue Horizon) भारत की इसी बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाता है।

29 जून 2026 की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवासियों द्वारा दी गई भावभीनी विदाई के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनकी यह यात्रा इस बात की पुष्टि करती है कि भारत अब वैश्विक मंच पर और विशेष रूप से ग्लोबल साउथ (Global South) के देशों के लिए एक बड़े भाई और विश्वसनीय सुरक्षा भागीदार की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सांस्कृतिक कूटनीति (मंदिर दर्शन और गांधी श्रद्धांजलि) और मजबूत आर्थिक-सामरिक फैसलों (UPI, LOC, रक्षा सौदे) के इस बेजोड़ संगम ने आने वाले दशकों के लिए भारत-सेशेल्स संबंधों की एक अभेद्य नींव रख दी है।