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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2024 का है। पुलिस की मजबूत जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), धमतरी ने ग्राम पावद्वार, थाना सिहावा निवासी किशन यादव (19 वर्ष) को दोषी करार दिया। आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 332, धारा 64(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत सजा सुनाई गई।

अलग-अलग धाराओं में मिली सजा

कोर्ट ने धारा 332 बीएनएस के तहत आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास और 1,000 रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास और 3,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं भरने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

वैज्ञानिक जांच से हुआ अपराध साबित

इस मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) दुलाल नाथ ने की। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और मजबूत विवेचना की। पुलिस ने अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए, जिसके आधार पर आरोपी का अपराध साबित हुआ।

पुलिस की जांच बनी सजा की वजह

धमतरी पुलिस ने बताया कि मजबूत जांच, सही साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी को कड़ी सजा दिलाने में सफलता मिली। यह फैसला गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक जांच की अहमियत को भी दर्शाता है।

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