मध्य प्रदेश में पारस डिफेंस का 6,200 करोड़ का मेगा निवेश, उज्जैन में सेमीकंडक्टर प्लांट से 2500 को रोजगार






मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को ऐतिहासिक बढ़ावा: पारस डिफेंस लगाएगी 6,200 करोड़ रुपये की मेगा यूनिट, 2500 युवाओं को मिलेगा रोजगार

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मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को ऐतिहासिक बढ़ावा: पारस डिफेंस लगाएगी 6,200 करोड़ रुपये की मेगा यूनिट, 2500 युवाओं को मिलेगा रोजगार

प्रकाशन तिथि: जुलाई 2026 | श्रेणी: विशेष रिपोर्ट / मध्य प्रदेश समाचार / औद्योगिक विकास

भोपाल: देश के उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में अपनी पहचान बना रहे मध्य प्रदेश ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल और दूरदर्शी औद्योगिक नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य में देश के रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र के दिग्गज प्रतिष्ठान ‘मेसर्स पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड’ ने बड़ा निवेश करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मंजुल शरद शाह और उनके वरिष्ठ सहयोगियों ने सौजन्य भेंट की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मध्य प्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और पारस डिफेंस की सहायक इकाई के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए और दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ।

इस बड़े निवेश समझौते के तहत कंपनी मध्य प्रदेश के इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में लगभग 6,200 करोड़ रुपये का विशाल निवेश कर एक ग्रीनफील्ड एडवांस इंटीग्रेटेड सर्किट पैकेजिंग और ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test – OSAT) यूनिट स्थापित करेगी। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल राज्य के तकनीकी परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, बल्कि प्रदेश के 2,500 से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के बेहतरीन अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • कुल प्रस्तावित निवेश: लगभग 6,200 करोड़ रुपये (लगभग 644 मिलियन अमेरिकी डॉलर)।
  • रोजगार सृजन: 2,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और सहायक उद्योगों के माध्यम से अप्रत्यक्ष अवसर।
  • प्रस्तावित स्थल: उज्जैन-इंदौर निवेश क्षेत्र के अंतर्गत डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड (फेज-2), जहां लगभग 40 से 50 एकड़ भूमि का प्रारंभिक चयन कर लिया गया है।
  • प्रमुख तकनीक: एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, 3डी हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन, चिपलेट इंटीग्रेशन, और ओएसएटी ऑपरेशंस।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: “निवेशकों के लिए हरसंभव मदद को तत्पर है सरकार”

निवेशकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मध्य प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए सबसे अनुकूल और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों से आह्वान किया कि वे खुले मन से मध्य प्रदेश में आएं और निवेश करें; राज्य सरकार उनकी हर संभव और समयबद्ध मदद के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निवेशकों का पारंपरिक रूप से सम्मान भी किया।

बैठक में उपस्थित कंपनी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे मध्य प्रदेश में अपनी अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करने को लेकर पूरी तरह उत्साहित हैं। शुरुआती दौर में कंपनी लगभग 6,200 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए भूमि का चयन भी कर लिया है और जल्द ही भूमि औपचारिक आवंटन के लिए विस्तृत प्रस्ताव शासन को सौंपेगी। इस परियोजना के स्थापित होने से मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर, उच्च प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को तीव्र गति मिलेगी।

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मध्य प्रदेश की ‘सेमीकंडक्टर पॉलिसी’ ने खींचा निवेशकों का ध्यान

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेंद्र कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि पारस डिफेंस कंपनी को मध्य प्रदेश की आधुनिक और निवेशक-अनुकूल सेमीकंडक्टर नीति बेहद पसंद आई है, जिसके चलते कंपनी ने राज्य में अपनी यूनिट लगाने का यह बड़ा कदम उठाया है। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेलवेंद्रम, प्रबंध निदेशक, मप्र औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (MPIDC) चन्द्रमौली शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

“मध्य प्रदेश की पारदर्शी नीतियां और लॉजिस्टिक सुगमता देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। पारस डिफेंस का यह कदम राज्य को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।”

मेसर्स पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड: एक नजर में

एमडी एकेवीएन एवं एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक चन्द्रमौली शुक्ला ने कंपनी की साख और कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि मेसर्स पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड भारत की अग्रणी रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Defence and Space Technology) कंपनियों में शुमार है। यह कंपनी रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए स्वदेशी तकनीकों और उच्चस्तरीय इंजीनियरिंग समाधानों को विकसित एवं विनिर्मित करती है।

कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस (कन्ट्री हेड क्वार्टर) नवी मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है। पारस डिफेंस भारतीय शेयर बाजार में एक सूचीबद्ध (Listed) सार्वजनिक कंपनी है, जिसके इक्विटी शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर ट्रेड करते हैं। रक्षा एवं उच्च परिशुद्धता विनिर्माण (High-Precision Manufacturing) क्षेत्र में कंपनी के पास 40 वर्षों से अधिक का लंबा और समृद्ध अनुभव है। वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

कंपनी के प्रमुख कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

पारस डिफेंस द्वारा निम्नलिखित रणनीतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है:

  • ऑप्टिक्स एवं ऑप्ट्रॉनिक सिस्टम (Optics and Optronic Systems)
  • डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ईओ/आईआर सिस्टम (Defense Electronics & EO/IR Systems)
  • एंटी ड्रोन सिस्टम्स एवं आरएफ एंड माइक्रोवेव सिस्टम (Anti-Drone Systems & RF/Microwave Systems)
  • ईएमपी प्रोटेक्शन सिस्टम एवं क्वान्टम टेक्नोलॉजी (EMP Protection & Quantum Technology)
  • स्पेस टेक्नोलॉजी एवं हेवी इंजीनियरिंग (Space Technology & Heavy Engineering)

कंपनी के विनिर्माण और इंजीनियरिंग प्रतिष्ठान पहले से ही महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं। यह कंपनी रक्षा मंत्रालय, डीआरडीओ (DRDO), इसरो (ISRO), रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और देश-विदेश की प्रमुख संस्थाओं को अपने उन्नत तकनीकी समाधान प्रदान करती आ रही है। अब इसी तकनीकी विशेषज्ञता का विस्तार करते हुए कंपनी ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में कदम रखा है।

उज्जैन-इंदौर कॉरिडोर के विक्रम उद्योगपुरी में आकार लेगी ओएसएटी (OSAT) यूनिट

एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक चन्द्रमौली शुक्ला ने बताया कि अपने बिजनेस एक्स्टेंशन (व्यापार विस्तार) की रणनीति के तहत कंपनी की योजना मध्य प्रदेश में अपनी विश्वस्तरीय ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) इकाई स्थापित करने की है। इस परियोजना के सुचारू संचालन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कंपनी को लगभग 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।

इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए एमपीआईडीसी के उज्जैन क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा कंपनी के प्रतिनिधियों को डीएमआईसी (Delhi Mumbai Industrial Corridor) के अंतर्गत आने वाले विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड (फेज-2) में लगभग 40 से 50 एकड़ क्षेत्रफल की बेहद उपयुक्त और सुसज्जित भूमि दिखाई गई। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा इस भूमि स्थल का प्रत्यक्ष मौका मुआयना (Site Inspection) कर लिया गया है। अधिकारियों ने इस भूमि को सेमीकंडक्टर परियोजना की स्थापना के लिए पूरी तरह अनुकूल मानते हुए प्रारंभिक रूप से इसका चयन कर लिया है।

सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और तकनीकी खूबियां

पारस डिफेंस की इस सब्सिडियरी इकाई (पारस सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा स्थापित होने वाली इस ग्रीनफील्ड ओएसएटी सुविधा में आधुनिक चिप पैकेजिंग और परीक्षण का कार्य किया जाएगा। इस इकाई के माध्यम से निम्नलिखित अत्याधुनिक तकनीकों पर काम होगा:

  • 3डी हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन (3D Heterogeneous Integration)
  • 2.5डी और 3डी एडवांस्ड पैकेजिंग (2.5D and 3D Advanced Packaging)
  • हाइब्रिड बॉन्डिंग और वेफर बंपिंग (Hybrid Bonding & Wafer Bumping)
  • अल्ट्रा-हाई-डेंसिटी फैन-आउट पैकेजिंग और चिपलेट इंटीग्रेशन (Ultra-High-Density Fan-Out Packaging & Chiplet Integration)
  • फ्लिप-चिप असेंबली (Flip-Chip Assembly)

यह परियोजना न केवल भारत सरकार के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के विजन को मजबूती देगी, बल्कि आने वाले समय में घरेलू स्तर पर सेंसर प्रौद्योगिकियों, ऑप्टिकल और ऑप्ट्रॉनिक प्रणालियों के लिए सेमीकंडक्टर उपकरणों की मांग को भी पूरा करेगी। भविष्य में इस इकाई के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स के उत्पादन तक अपनी पहुंच बढ़ाने की भी योजना है।

औद्योगिक विकास और आर्थिक समृद्धि का नया सूर्योदय

पारस डिफेंस के इस विशाल निवेश से मध्य प्रदेश में एक मजबूत सप्लायर नेटवर्क और सहायक उद्योगों (Ancillary Industries) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। उज्जैन-इंदौर क्षेत्र आने वाले समय में देश के सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, कुशल प्रशासनिक समन्वय और पारस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के जुड़ाव से मध्य प्रदेश आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन के नए आयाम छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।