छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के धरने पर बैठे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सांसदों की गिरफ्तारी के खिलाफ सरगुजा में प्रधानमंत्री का पुतला दहन
परीक्षा और छात्रों के भविष्य पर हमला: पृष्ठभूमि
देशभर में परीक्षाओं के दौरान लगातार सामने आ रही धांधलियों और पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ छात्रों का आक्रोश चरम पर है। इसी कड़ी में परीक्षा लीक पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संसद की ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। परंतु, दिल्ली पुलिस और उनके साथ शामिल कई संदिग्ध लोगों—जिन्हें लेकर स्पष्ट तौर पर यह बात सामने आ रही है कि वे आधिकारिक सुरक्षा बल के सदस्य नहीं थे—ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए छात्रों पर लाठियों और पत्थरों से अंधाधुंध हमला कर दिया।
इस अमानवीय और क्रूर घटना में 150 से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पूरी कार्रवाई सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के इशारे पर अंजाम दी गई, जिसके प्रशासनिक नियंत्रण में दिल्ली पुलिस कार्य करती है और जिसके मुखिया गृह मंत्री अमित शाह हैं।
संसद से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक गूंजा विरोध
मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसदों ने इस राष्ट्रीय महत्व के गंभीर विषय पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की पुरजोर मांग की थी, किंतु सरकार द्वारा अकारण दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। इसके उपरांत, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घायलों का हाल जानने के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल का दौरा किया और छात्रों से मुलाकात की।
अस्पताल से लौटने के बाद राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा तथा पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता एवं सांसद सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (लोक कल्याण मार्ग) के सामने धरने पर बैठ गए। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और छात्रों पर हुई बर्बरता के लिए प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और धरना स्थल से हटा दिया।
– बालकृष्ण पाठक, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा का कड़ा रुख
दिल्ली और संसद परिसर से लेकर देश के विभिन्न राज्यों तक मचे इस राजनीतिक भूचाल के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेलने वाली इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त किया जाए, प्रधानमंत्री देश के युवाओं से माफी मांगें और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले प्रत्येक दोषी अधिकारी व व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन एवं पुतला दहन कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता













