एविएशन इंडस्ट्री की कई रिपोर्ट्स और एयरलाइंस के सीट मैप के एनालिसिस के मुताबिक 1980-90 के दशक में इकोनॉमी क्लास में सीटों के बीच की दूरी (सीट पिच) 34-35 इंच होती थी।
आज अधिकांश एयरलाइंस में यह 30-31 इंच रह गई है। भारत में लो-कॉस्ट एयरलाइंस में यह अंतर 28-29 इंच है। पिछले चार-पांच दशक में दुनिया भर में एयरलाइंस ने सीटों की जगह लगातार घटाई है, जबकि इसी दौरान लोगों की औसत मोटाई बढ़ी है।
यानी औसतन 4-7 इंच लेगरूम कम हो गया। वहीं सीटों की चौड़ाई भी घटकर 18 से 16.5 इंच तक कर दी गई है। पहले सीट की चौड़ाई 19 इंच तक होती थी। साइंस मैग्जीन अप्लाइड एर्गोनॉमिक्स और एसएई इंटरनेशनल के अनुसार 4 दशकों में इंसानों के बैठने पर औसत चौड़ाई (मोटापा) लगभग 8-13 फीसदी बढ़ी है।















