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मूर्तिकार यशवंत ने बताया कि AI से बनी तस्वीरें आकर्षक लगती हैं, लेकिन पूजा के लिए प्रतिमा बनाते समय धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी

14 सितंबर से गणेश चतुर्थी के साथ गणेश उत्सव की शुरुआत होगी। रायपुर में भी बप्पा के स्वागत की तैयारियां जारी हैं। शहर के मोहल्लों, चौक-चौराहों और घरों में करीब 15 हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। मूर्तिकार दिन-रात प्रतिमाओं को रूप देने का काम कर रहे हैं।

इस बार भगवान गणेश के शिव, श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाल गणेश, बालाजी और अर्धनारीश्वर जैसे कई स्वरूपों की प्रतिमाएं बनाई गई हैं। हालांकि, एक बात सबसे अलग है। इस बार अधिकांश मूर्तिकार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार डिजाइन वाली प्रतिमाएं बनाने से बच रहे हैं।

पिछले साल हुए विवाद के बाद बढ़ी सतर्कता

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मूर्तिकारों का कहना है कि पिछले साल रायपुर के लाखे नगर में एक गणेश प्रतिमा के स्वरूप को लेकर विवाद हुआ था। हिंदू संगठनों ने प्रतिमा के डिजाइन पर आपत्ति जताई थी। मामला इतना बढ़ गया कि विरोध प्रदर्शन हुआ और पुलिस तक शिकायत पहुंची। इस घटना के बाद अधिकांश मूर्तिकारों ने तय किया कि धार्मिक प्रतिमाओं में AI जैसे प्रयोग नहीं करेंगे, जिससे किसी तरह का विवाद खड़ा न हो।

AI की तस्वीरें लेकर पहुंच रहे ग्राहक

मूर्तिकार यशवंत ने बताया कि AI से बनी तस्वीरें आकर्षक लगती हैं, लेकिन पूजा के लिए प्रतिमा बनाते समय धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है। इसलिए हम ऐसे डिजाइन नहीं बनाते, जिन पर बाद में विवाद की आशंका हो।

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