ग्राउंड रिपोर्ट / विशेष समाचार
बलरामपुर: ग्राम महावीरगंज में प्लांट से नदी में बह रहे दूषित पानी पर हड़कंप, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर जल विशेषज्ञों ने लिए सैंपल
बलरामपुर, 12 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के अंतर्गत आने वाले सुदूर ग्राम महावीरगंज में संचालित एक प्लांट द्वारा निष्कासित अपशिष्ट जल को सीधे स्थानीय नदी में प्रवाहित किए जाने का मामला गहरा गया है। ग्रामीणों द्वारा पेयजल स्रोत और पर्यावरण को पहुंच रहे नुकसान को लेकर कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर की संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी विलंब के उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर के सख्त रुख के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और जल विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र तथा प्लांट परिसर से पानी के नमूने एकत्र किए हैं, जिनकी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप: चर्म रोग, मवेशियों को खतरा और गंभीर बीमारियों की आशंका
ग्राम महावीरगंज के निवासियों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई थी कि गांव में स्थापित औद्योगिक प्लांट से निकलने वाले विषाक्त एवं रासायनिक पानी को बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नदी धारा में छोड़ा जा रहा है। नदी का पानी गांव की दैनिक आवश्यकताओं, निस्तार और पशुओं के पीने का मुख्य आधार है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर समस्याओं को रेखांकित किया था:
- त्वचा संबंधी बीमारियां (चर्म रोग): दूषित नदी जल के संपर्क में आने से स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में खुजली, रैशेज और चर्म रोग की शिकायतें देखी जा रही हैं।
- पशुधन को भारी नुकसान: नदी का दूषित पानी पीने से गांव के मवेशियों और पालतू जानवरों के बीमार होने और असमय मृत्यु की आशंका बढ़ गई है।
- पेजल एवं भूजल संदूषण: नदी में केमिकल युक्त पानी मिलने से आसपास के हैंडपंपों और कुओं का जलस्तर भी प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।
- कृषि पर दुष्प्रभाव: इसी नदी के पानी से आसपास के खेतों की सिंचाई होती है, जिससे फसलों की पैदावार और मिट्टी की उर्वरता पर असर पड़ने की पूरी संभावना है।
कलेक्टर का त्वरित एक्शन: PHE विभाग को दिए कड़े निर्देश
जनसमस्याओं को लेकर सदैव तत्पर रहने वाली कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने महावीरगंज के ग्रामीणों का आवेदन मिलते ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) खण्ड बलरामपुर के कार्यपालन अभियंता को फोन पर हिदायत दी कि वे तत्काल मौके पर जाएं और स्थिति का निरीक्षण कर सैंपल एकत्र करें।
कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए पीएचई विभाग की एक विशेष जल विशेषज्ञ टीम और तकनीकी अमला पुलिस व राजस्व अधिकारियों के साथ ग्राम महावीरगंज स्थित प्लांट स्थल पर पहुंचा। टीम ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए विभिन्न बिंदुओं से पानी के सैंपल सील किए।
जल प्रयोगशाला में सूक्ष्म वैज्ञानिक जांच जारी
बलरामपुर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन के निर्देशानुसार प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की गई है। टीम ने प्लांट के आउटलेट (जहाँ से पानी बाहर निकल रहा है), नदी के संगम स्थल और नदी के निचले हिस्से (डाउनस्ट्रीम) से पानी के अलग-अलग नमूने (Water Samples) एकत्र किए हैं।
वर्तमान में इन नमूनों को जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला (District Water Testing Laboratory) में भेजा गया है। वैज्ञानिक लैब में पानी के भौतिक, रासायनिक और जैविक मानकों की जांच की जा रही है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- pH मान एवं घुलनशील ठोस (TDS): पानी में अम्लीयता या क्षारीयता के स्तर की माप।
- भारी धातुएं (Heavy Metals): लेड, आर्सेनिक, क्रोमियम, मर्करी आदि हानिकारक तत्वों की मौजूदगी।
- केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD) एवं बीओडी (BOD): पानी में ऑक्सीजन का स्तर और उसमें मौजूद जैविक/अजैविक प्रदूषण।
- जीवाणु परीक्षण (Bacteriological Analysis): पानी में हानिकारक बैक्टीरिया की उपस्थिति।
आवश्यकता पड़ने पर राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजे जाएंगे नमूने
कार्यपालन अभियंता ने आश्वस्त किया कि जिला स्तर पर प्राथमिक जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि जरा भी संशय या जटिल रासायनिक घटक पाए जाते हैं, तो नमूनों को तत्काल **राज्य स्तरीय विशेषज्ञ जल प्रयोगशाला (State Water Testing Laboratory, Raipur)** भेजा जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में मानक से अधिक प्रदूषण पाए जाने पर संबंधित प्लांट प्रबंधन के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (Environment Protection Act) और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
प्रशासनिक कार्रवाई का त्वरित सारांश (Action Matrix)
| क्र. | कार्रवाई का चरण | संबद्ध अधिकारी / विभाग | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1 | ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त होना | ग्रामवासी, रामचन्द्रपुर ब्लॉक | संज्ञान में लिया गया |
| 2 | जांच हेतु प्रशासनिक निर्देश | कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी | तत्काल आदेश जारी |
| 3 | स्थल निरीक्षण एवं सैंपल संग्रहण | कार्यपालन अभियंता एवं PHE जल विशेषज्ञ टीम | सफलतापूर्वक संपन्न |
| 4 | प्रयोगशाला परीक्षण | जिला जल प्रयोगशाला, बलरामपुर | जांच प्रगति पर |
| 5 | उच्चस्तरीय परीक्षण (आवश्यकतानुसार) | राज्य स्तरीय प्रयोगशाला, छत्तीसगढ़ | रिजर्व विकल्प के रूप में तैयार |
महावीरगंज में राहत की उम्मीद, ग्रामीणों ने प्रशासन को दिया धन्यवाद
प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी के कारण पिछले कई दिनों से परेशान महावीरगंज के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की इस त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर प्लांट प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगेगी और नदी का पानी पुनः स्वच्छ हो सकेगा।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि बलरामपुर जिले में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी भी उद्योग या संस्था को नहीं दी जाएगी। सरकार और प्रशासन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।













