बेलगाम महंगाई से आम आदमी परेशान, बिगड़ा घर का बजट: प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत का सरकार पर हमला
रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की बेतहाशा बढ़ती कीमतों पर प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल, शक्कर, प्याज, दालों और सब्जियों के आसमान छूते दामों ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। राशन सामग्री, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और भारी-भरकम बिजली बिलों के कारण आम परिवारों के घर का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
“100 दिन में महंगाई कम करने और ‘अच्छे दिन’ लाने का वादा करने वाली सरकार के शासनकाल में जनता सबसे बदतर दौर में जीवन काटने को मजबूर है।” — वंदना राजपूत, मुख्य प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस
“त्योहारों का मजा हुआ फीका, रसोई का बजट ध्वस्त”
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर शक्कर और खाद्य तेलों की बढ़ी कीमतों ने आम जनता का उत्साह फीका कर दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक पखवाड़े में शक्कर के दामों में 40 से 50 प्रतिशत तक का उछाल आया है, जबकि खाद्य तेल की कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं।
कांग्रेस द्वारा रेखांकित महंगाई के आंकड़े
- लहसुन: ₹400 प्रति किलो तक पहुंचा।
- प्याज व टमाटर: प्याज ₹50 प्रति किलो, सब्जियां आसमान पर।
- शक्कर व तेल: शक्कर 40-50% महंगी, खाद्य तेल के दाम दोगुने।
- दालें व राशन: दालों और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतें दोगुनी।
गलत आर्थिक नीतियों से चरमराई व्यवस्था
वंदना राजपूत ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ गिरती आय और बढ़ती बेरोजगारी से लोग पहले ही परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ दैनिक उपभोग की वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम नागरिक की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने और केंद्र की नीतिगत विफलताओं के कारण महंगाई बेकाबू हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेट्रोल-डीजल पर भारी कर वसूल रही है और रसोई गैस की कीमतें अत्यधिक बढ़ा दी गई हैं। इसके अलावा दूध, दही, पनीर, आटा, मैदा, सूजी, कपड़े और यहां तक कि दवाओं व अस्पतालों में इलाज भी महंगा हो चुका है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की यह नीतियां आम जनता की जेब पर सीधा डाका डालने के समान हैं।













