गुरुप्रीत सिंह सिद्धू पर जानलेवा हमले को लेकर कांग्रेस का एसपी कार्यालय में प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और FIR में नाम जोड़ने की मांग
अंबिकापुर, 31 अगस्त 2026। कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष गुरुप्रीत सिंह सिद्धू एवं उनकी पत्नी के साथ 29 अगस्त की रात कथित रूप से घर में घुसकर की गई मारपीट और जानलेवा हमले के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक सरगुजा से मिला और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गंभीर जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष मांग रखी कि घटना की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जाए तथा जिन लोगों की भूमिका इस हमले में संदिग्ध बताई जा रही है, उनके नाम भी प्राथमिकी में शामिल कर मामले की विस्तृत जांच की जाए। कांग्रेस की ओर से विशेष रूप से भाजपा नेता प्रकाश साहू का नाम FIR में जोड़ने की मांग की गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि घटना केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े षड्यंत्र की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पार्टी ने पुलिस से घटना के दौरान संदिग्ध लोगों के बीच हुए मोबाइल संपर्क और बातचीत की भी जांच करने की मांग की है, ताकि हमले के कथित सूत्रधारों तक पहुंचा जा सके।
29 अगस्त की रात घर में घुसकर मारपीट का आरोप
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 29 अगस्त की रात कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरुप्रीत सिंह सिद्धू के घर में घुसकर उनके और उनकी पत्नी के साथ मारपीट की गई। इस घटना में गुरुप्रीत सिंह सिद्धू घायल हो गए। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए रायपुर स्थित डीकेएस सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी बताया गया है।
घटना के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में आक्रोश है। कांग्रेस का आरोप है कि हमले की घटना की जांच केवल दर्ज प्राथमिकी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि घटना के पीछे मौजूद संभावित कारणों, हमलावरों के संबंधों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पार्टी ने यह भी मांग की कि जांच में किसी भी राजनीतिक दबाव को स्थान नहीं दिया जाना चाहिए और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रकाश साहू पर आरोप, कांग्रेस ने FIR में नाम जोड़ने की मांग की
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार घायल कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरुप्रीत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे भाजपा नेता प्रकाश साहू की भूमिका है। कांग्रेस का दावा है कि हमले में शामिल बताए जा रहे कुछ लोग प्रकाश साहू के रिश्तेदार और व्यावसायिक साझेदार हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में किन लोगों की वास्तविक भूमिका थी और कथित तौर पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि प्राथमिकी में प्रकाश साहू का नाम भी शामिल किया जाए और इस दिशा में विस्तृत जांच की जाए। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की घटना में भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
पुलिस अधीक्षक से चर्चा के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने प्रकाश साहू को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। प्रेस विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया है कि प्रकाश साहू पर पहले भी आपराधिक मामले रहे हैं और उन्होंने पुलिस अधीक्षक से उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने घटना के बाद कथित तौर पर पीड़ित पक्ष से पहले थाने पहुंचने के घटनाक्रम पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस तथ्य की भी जांच की जानी चाहिए कि घटना की जानकारी संबंधित लोगों को किस प्रकार और कितनी जल्दी मिली।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पूर्व आपराधिक गतिविधियों से संबंधित दावों की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड एवं जांच के आधार पर ही की जा सकती है। इसलिए मामले में पुलिस जांच की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
विपक्ष की जवाबदेह राजनीति के लिए सुरक्षा की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक से विपक्षी दल के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के लिए आवश्यक पुलिस संरक्षण की भी मांग की। कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सरकार और प्रशासन से सवाल पूछना तथा जनता की समस्याओं को सामने रखना है। ऐसे में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमले होते हैं और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती है तो इससे कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक वातावरण को लेकर लोगों में चिंता पैदा होती है।
पार्टी ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति के राजनीतिक प्रभाव या पद को देखते हुए कार्रवाई में अंतर नहीं किया जाए और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने मोबाइल संपर्कों की जांच की मांग की
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने भी मामले की जांच को लेकर महत्वपूर्ण मांग उठाई। उन्होंने घटना के दौरान कथित हमलावरों के संपर्क में मौजूद सभी लोगों की पहचान किए जाने की मांग की।
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि यदि घटना के समय हमलावरों और अन्य व्यक्तियों के बीच लगातार मोबाइल संपर्क हुआ है तो उसकी जांच से घटना की पूरी कड़ी सामने आ सकती है। पार्टी का मानना है कि मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले और बाद में किन लोगों के बीच संपर्क हुआ था।
कांग्रेस ने पुलिस से मांग की कि जांच को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर भी आगे बढ़ाया जाए, जिससे घटना के वास्तविक कारण और कथित षड्यंत्र में शामिल लोगों का पता लगाया जा सके।
विधानसभा में उठाए जाएंगे ऐसे मामले: कांग्रेस
मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि इस मामले के साथ-साथ हाल के दिनों में सामने आए अन्य चर्चित मामलों को भी विधानसभा में प्रश्न के रूप में उठाने के लिए भेजा जाएगा।
कांग्रेस का आरोप है कि कुछ मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों की कथित संलिप्तता होने के बावजूद पुलिस राजनीतिक दबाव के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। पार्टी ने कहा कि यदि पुलिस और प्रशासन पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव है तो ऐसे मामलों को लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
कांग्रेस ने कहा कि कानून व्यवस्था किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और इसमें राजनीतिक पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
भानुप्रताप सिंह और इरफान सिद्दकी ने भी उठाई आवाज
प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद कांग्रेस नेताओं भानुप्रताप सिंह और इरफान सिद्दकी ने भी घटना में कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की संगठित गुंडागर्दी पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि घटना की जांच तेजी से पूरी की जाए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि अपराधियों के मन में कानून का भय हो और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिले।
पुलिस जांच से सामने आएगी वास्तविकता
गुरुप्रीत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में अब पुलिस जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस के सामने घटना के सभी पहलुओं की जांच करने की चुनौती है।
मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में किन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जांच के दौरान किन अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं और उपलब्ध प्रत्यक्षदर्शी, तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं।
कांग्रेस द्वारा भाजपा नेता प्रकाश साहू का नाम FIR में जोड़ने की मांग की गई है। वहीं, इस संबंध में अंतिम तथ्य पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएंगे। किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना उचित होगा।
कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने इस घटना को कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए प्रशासन से गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति पर हमला होता है और आरोपी प्रभावशाली लोगों से जुड़े होने का आरोप सामने आता है तो जांच और कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि सरगुजा में आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि घटना की जांच में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता रहे मौजूद
पुलिस अधीक्षक सरगुजा को ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। इनमें अरविंद सिंह, हेमंत तिवारी, विनय शर्मा, इंद्रजीत सिंह धंजल, विनीत विशाल जायसवाल, मैदान जायसवाल, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, आशीष वर्मा, नरेंद्र विश्वकर्मा, जमील खान, जीवन यादव, आलोक सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, निकी खान, सतीश बारी, बल्केश्वर तिर्की, सौरभ फिलिप, अमित तिवारी राजा, आशीष जायसवाल, अविनाश कुमार, अमित सिंह, विकास शर्मा, मो. इमरान, तरणराज बाबरा, शिवांशु गुप्ता, अंकित जायसवाल सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच, FIR में आवश्यक नाम जोड़ने, तकनीकी साक्ष्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
अब पुलिस कार्रवाई पर नजर
गुरुप्रीत सिंह सिद्धू पर हुए कथित हमले के बाद कांग्रेस द्वारा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपे जाने से मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह मामले को विधानसभा तक ले जाने की तैयारी कर रही है।
वहीं, पुलिस जांच के आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसमें कितने लोग शामिल थे और किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।














