भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, रणनीति और कर्तव्य परायणता की सीख देता है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के शहीद पार्क में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता व भजन संध्या को वर्चुअली किया संबोधित।
- भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को साहस, रणनीति निर्माण, कर्तव्य परायणता और मित्रता का परम प्रेरणास्रोत बताया।
- कहा- ‘हमारा जीवन घड़े की तरह है, जिसमें पुण्य का माखन भरा होना चाहिए’।
- मटकी फोड़ आयोजन को संगठन की शक्ति और सामूहिक एकजुटता का अनूठा उदाहरण बताया।
उज्जैन/भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के शहीद पार्क स्थित कृष्ण ग्रुप एवं कृष्णा वेल्फेयर सोसायटी द्वारा आयोजित 17वें मटकी फोड़ प्रतियोगिता और भव्य भजन संध्या को वर्चुअली संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
‘भगवान श्रीकृष्ण का जीवन रणनीति और कर्तव्य का मार्गदर्शक’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से मानव समाज को जीवन के अनेक महत्वपूर्ण पाठ सीखने को मिलते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का पूरा जीवन साहस, उत्कृष्ट रणनीति निर्माण, निष्काम कर्तव्य परायणता और निस्वार्थ मित्रता के महत्व को रेखांकित करता है। उनकी शिक्षाएं हर युग में प्रासंगिक हैं और मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी सही मार्ग दिखाने का कार्य करती हैं।
‘संगठन और सामूहिकता की शक्ति का प्रतीक’
डॉ. यादव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मटकी फोड़ स्पर्धा केवल एक खेल या उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमें सिखाती है कि समाज में मित्रता और सामूहिकता कितनी अनिवार्य है। जब लोग एक साथ मिलकर एक लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं, तो मटकी फोड़ने जैसा कठिन कार्य भी संभव हो जाता है। यह स्पर्धा संगठन की अपार शक्ति को प्रदर्शित करती है।
मुख्यमंत्री ने संस्था द्वारा विगत 17 वर्षों से निरंतर इस प्रकार के सांस्कृतिक व सामाजिक आयोजन की सराहना की और सभी युवा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम सभापति कलावती यादव समेत अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश












