भोपाल इस्कॉन मंदिर में बोले सीएम मोहन यादव: शहरों में ‘गीता भवन’ और गांवों में बनेंगे ‘वृंदावन ग्राम’, दुग्ध उत्पादन में नंबर 1 बनेगा MP
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में हुए शामिल।
- राज्य के नगरीय क्षेत्रों में ‘गीता भवन’ और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘वृंदावन ग्राम’ प्रारंभ करने की घोषणा।
- ‘घर-घर गोपाल’ की अवधारणा के साथ गोपालन को बढ़ावा, दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश का नंबर 1 राज्य बनाने का लक्ष्य।
- समान नागरिक संहिता (UCC) पर बोले सीएम- संविधान की दृष्टि से सभी नागरिक समान हैं।
- भोपाल में नागर शैली में बन रहे नए इस्कॉन मंदिर की वास्तुकला की सराहना की और प्रोजेक्ट का लिया जायजा।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और इस्कॉन संस्था के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा पर नमन कर विशेष पूजा-अर्चना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कष्टों के बीच जीवन को किस प्रकार सार्थक और अनुशासित बनाया जा सकता है, यह केवल भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन से सीखा जा सकता है।
शहरों में ‘गीता भवन’ और गांवों में ‘वृंदावन ग्राम’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की बड़ी सांस्कृतिक योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में ‘गीता भवन’ और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘वृंदावन ग्राम’ की शुरुआत की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश की गोशालाओं के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष सहायता राशि दी जा रही है, ताकि गोवंश का संरक्षण प्रभावी ढंग से हो सके।
श्रीकृष्ण पाथेय और शिक्षा का महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के आश्रम से शिक्षा ग्रहण कर भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा और निस्वार्थ मित्रता के महत्व को विश्व पटल पर स्थापित किया। वे अपने जीवनकाल में ही ‘जगतगुरु’ के रूप में पूजे गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में की गई पहल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के संविधान की दृष्टि से सभी नागरिक पूर्णतः समान हैं।
नागर शैली में बनेगा नया इस्कॉन मंदिर
भोपाल में निर्मित किए जा रहे नए इस्कॉन मंदिर के प्रोजेक्ट की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने इसकी वास्तुकला और नागर शैली के अनुरूप हो रहे निर्माण कार्य की भरपूर सराहना की। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) के अध्यक्ष थे, तब मध्यप्रदेश का पहला इस्कॉन मंदिर उज्जैन में प्रारंभ हुआ था और आज यह श्रृंखला भोपाल तक विस्तृत हो चुकी है।
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश













