आज का पंचांग (16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार): शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि, मां कात्यायनी पूजन, राहुकाल, चौघड़िया व शुभ मुहूर्त
1. आज के पंचांग का मुख्य विवरण (Key Panchang Details)
वैदिक पंचांग काल-गणना की वह प्राचीन प्रणाली है जिसके आधार पर तिथियों, नक्षत्रों और ग्रहों की चाल का सटीक विश्लेषण किया जाता है। आज का मुख्य पंचांगीय ढांचा इस प्रकार है:
| पंचांग अंग | विशिष्ट विवरण (16 अक्टूबर 2026) |
|---|---|
| दिन / वार | शुक्रवार (Friday) – देवी लक्ष्मी एवं शुक्र ग्रह का दिन |
| मास (महीना) | आश्विन (पूर्णिमांत व अमान्त दोनों) |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष (Waxing Moon) |
| तिथि | षष्ठी तिथि (सुबह 05:54 बजे तक [17 अक्टूबर तड़के], तत्पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ) |
| नवरात्रि पूजन | शारदीय नवरात्रि छठा दिन – माँ कात्यायनी पूजन |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा नक्षत्र (प्रातः 06:47 बजे तक), तत्पश्चात मूल नक्षत्र प्रारंभ |
| योग | शोभन योग (रात्रि 10:06 बजे तक), तत्पश्चात अतिगण्ड योग |
| करण | कौलव (सायं 04:36 बजे तक), तत्पश्चात तैतिल करण |
| सूर्य राशि | कन्या राशि (Virgo) |
| चंद्र राशि | वृश्चिक राशि (प्रातः 06:47 तक), तत्पश्चात धनु राशि में प्रवेश |
2. सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)
धार्मिक अनुष्ठानों और दैनिक गतिविधियों के लिए सूर्य और चंद्र देव के उदय तथा अस्त का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
सूर्य और चंद्रमा का समय सारणी
- सूर्योदय (Sunrise): प्रातः 06:22 बजे
- सूर्यास्त (Sunset): सायं 05:51 बजे
- चंद्रोदय (Moonrise): पूर्वाह्न 11:39 बजे
- चंद्रास्त (Moonset): रात्रि 09:36 बजे
- दिनमान: लगभग 11 घंटे 29 मिनट
- रात्रिमान: लगभग 12 घंटे 31 मिनट
3. शुभ मुहूर्त और अमृत काल (Shubh Muhurat) शुभ समय
शुभ मुहूर्त में किया गया कोई भी मांगलिक कार्य, नया व्यवसाय, पूजा-अनुष्ठान अथवा यात्रा सफल एवं फलदायी मानी जाती है।
| शुभ मुहूर्त का नाम | प्रारंभ समय | समापन समय | महत्व |
|---|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त (Abhijit) | पूर्वाह्न 11:43 बजे | दोपहर 12:29 बजे | दिन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त, सभी दोषों का निवारण करता है। |
| ब्रह्म मुहूर्त (Brahma) | प्रातः 04:42 बजे | प्रातः 05:32 बजे | ईश्वर ध्यान, योगाभ्यास व पढ़ाई के लिए उत्तम समय। |
| विजय मुहूर्त (Vijaya) | दोपहर 02:02 बजे | दोपहर 02:48 बजे | शत्रु विजय, मुकदमों व नए उपक्रमों हेतु उपयुक्त। |
| गोधूलि मुहूर्त (Godhuli) | सायं 05:51 बजे | सायं 06:16 बजे | संध्या पूजन व दीपदान के लिए अत्यंत मंगलकारी। |
| अमृत काल (Amrit Kaal) | रात्रि 08:58 बजे | रात्रि 10:45 बजे | धार्मिक कार्य, अनुष्ठान व विशेष संकल्प हेतु श्रेष्ठ। |
4. अशुभ समय व राहुकाल (Ashubh Muhurat & Rahu Kaal) वर्जित समय
अशुभ समय में नए काम की शुरुआत, यात्रा, बड़े वित्तीय निर्णय अथवा मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
वर्जित व अशुभ समयावधि
- राहुकाल (Rahu Kaal): प्रातः 10:40 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक
*(राहुकाल में कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू न करें)* - यमगण्ड काल (Yamaganda): दोपहर 02:59 बजे से सायं 04:24 बजे तक
- गुलिक काल (Gulika Kaal): प्रातः 07:48 बजे से प्रातः 09:14 बजे तक
- दुर्मुहूर्त (Dur Muhurat): प्रातः 08:42 से 09:28 बजे तक एवं दोपहर 12:29 से 01:15 बजे तक
- वर्ज्यम् (Varjyam): प्रातः 10:16 बजे से दोपहर 12:03 बजे तक
- दिशाशूल (Disha Shool): पश्चिम दिशा (West)
*(यदि यात्रा अनिवार्य हो तो दही या घी खाकर घर से निकलें।)*
5. आज का दैनिक चौघड़िया (Today’s Choghadiya Timings)
यात्रा, व्यापारिक सौदों और किसी विशेष कार्य को शुरू करने के लिए चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है:
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya – 16 अक्टूबर 2026)
| समय अवधि | चौघड़िया का प्रकार | प्रकृति / फल |
|---|---|---|
| 06:22 AM – 07:48 AM | चर (Char) | सामान्य (यात्रा के लिए शुभ) |
| 07:48 AM – 09:14 AM | लाभ (Laabh) | उन्नति कारक (व्यापार हेतु शुभ) |
| 09:14 AM – 10:40 AM | अमृत (Amrit) | अत्यंत शुभ (पूजा व नए कार्य हेतु श्रेष्ठ) |
| 10:40 AM – 12:06 PM | काल (Kaal) | अशुभ (राहुकाल समय – कार्य टालें) |
| 12:06 PM – 01:32 PM | शुभ (Shubh) | मंगलकारी (सभी कार्यों के लिए अनुकूल) |
| 01:32 PM – 02:58 PM | रोग (Rog) | अशुभ (स्वास्थ्य का ध्यान रखें) |
| 02:58 PM – 04:24 PM | उद्वेग (Udveg) | अशुभ (तनाव देने वाला समय) |
| 04:24 PM – 05:51 PM | चर (Char) | सामान्य (यात्रा हेतु उपयुक्त) |
रात का चौघड़िया (Night Choghadiya – 16-17 अक्टूबर 2026)
| समय अवधि | चौघड़िया का प्रकार | प्रकृति / फल |
|---|---|---|
| 05:51 PM – 07:25 PM | रोग (Rog) | अशुभ |
| 07:25 PM – 08:58 PM | काल (Kaal) | अशुभ |
| 08:58 PM – 10:32 PM | लाभ (Laabh) | शुभ (लक्ष्मी पूजन व अध्ययन हेतु उत्तम) |
| 10:32 PM – 12:05 AM | उद्वेग (Udveg) | अशुभ |
| 12:05 AM – 01:39 AM | शुभ (Shubh) | शुभ |
| 01:39 AM – 03:13 AM | अमृत (Amrit) | अत्यंत श्रेष्ठ |
| 03:13 AM – 04:47 AM | चर (Char) | सामान्य |
| 04:47 AM – 06:23 AM | रोग (Rog) | अशुभ |
6. नवरात्रि छठा दिन: माँ कात्यायनी की पूजा एवं महत्व
देवी कात्यायनी की स्वरूप कथा व पूजा विधि
शारदीय नवरात्रि के छठे दिन (षष्ठी तिथि) माँ दुर्गा के ‘कात्यायनी’ स्वरूप की पूजा की जाती है। महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवती उनके घर पुत्री रूप में प्रकट हुई थीं, इसलिए इन्हें कात्यायनी कहा गया।
- स्वरूप: देवी कात्यायनी का वाहन सिंह है। इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें शस्त्र और कमल पुष्प सुशोभित हैं।
- आज्ञा चक्र: योग साधना में इनका संबंध ‘आज्ञा चक्र’ से माना जाता है।
- प्रिय भोग व पुष्प: माँ कात्यायनी को शहद (Honey) का भोग अत्यंत प्रिय है। इन्हें पीले या लाल रंग के गेंदे/कमल का फूल अर्पित करना चाहिए।
- विवाह बाधा निवारण: जिन जातकों के विवाह में देरी या बाधाएं आ रही हों, उन्हें आज देवी कात्यायनी के सम्मुख पीले वस्त्र पहनकर सरसों के तेल या घी का दीपक जलाना चाहिए।
- मंत्र: “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥” एवं “चन्द्रहासोज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥”
7. आज का चंद्र-बल और चंद्र राशि प्रभाव
आज प्रातः 06:47 बजे तक चंद्रमा वृश्चिक राशि (मंगल स्वामी) में रहेंगे। इसके बाद चंद्रमा का प्रवेश गुरु की स्वराशि धनु (Sagittarius) में होगा। धनु राशि में चंद्रमा के आने से मन में उत्साह, धार्मिक प्रवृत्ति, उच्च शिक्षा के प्रति रुचि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज मेष, मिथुन, सिंह, तुला, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए चंद्रबल अनुकूल रहेगा।
अस्वीकरण: यह पंचांग वैदिक ज्योतिषीय गणित तथा भारतीय मानक समय (IST) की प्रामाणिक गणनाओं पर आधारित है। विभिन्न शहरों के सूर्योदय समय में 1 से 5 मिनट का अंतर संभव है।













