राज्य सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के विकास और औद्योगिक भूमि के आवंटन के लिए नए नियम तय किए हैं।
इनके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट आधारित आवासीय विकास, रो-हाउसिंग, स्वतंत्र आवासीय भूखंड और भूखंडों के उप-विभाजन की अनुमति नहीं होगी। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। हालांकि ये नियम सिर्फ नई परियोजनाओं के लिए होंगे। पहले से चल रही योजनाएं या निर्माण इससे प्रभावित नही होंगे।
यहां केवल फ्लैट या बहुमंजिला समूह आवास परियोजनाएं विकसित की जा सकेंगी। इन परियोजनाओं में सिंगल और डबल बेडरूम आवासीय इकाइयों के साथ छात्रावास तथा उनसे जुड़ी सामाजिक सुविधाएं भी बनाई जा सकेंगी।
नियम अधिसूचित आवासीय भूमि पर विकसित होने वाली परियोजनाओं के साथ औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूमि पर बनाई जाने वाली कैप्टिव आवासीय सुविधाओं पर भी लागू होंगे।













