एमपी में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा अब गांवों से निकलकर सियासी गलियारों तक पहुंच गया है। मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, बड़वानी, धार, झाबुआ, खंडवा, आगर मालवा, नर्मदापुरम और बुरहानपुर समेत एक दर्जन से ज्यादा जिलों में पिछले एक हफ्ते के दौरान किसानों, ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली ग्रिडों का घेराव किया, चक्काजाम लगाया और ज्ञापन सौंपे।
कई जगह ग्रामीणों ने रात में बिजली नहीं मिलने की शिकायत की, तो किसानों ने सिंचाई प्रभावित होने की बात कही। भाजपा के विधायक भी मुख्यमंत्री और अधिकारियों को पत्र लिखकर कटौती रोकने की मांग कर रहे हैं।
मामला कैबिनेट बैठक में भी उठा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अगली बैठक में समाधान निकालने का आश्वासन दिया। इस बीच ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकारियों को रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।













