छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का जन्मदिवस ग्राम मितगई में भव्यता के साथ मनाया गया: सैकड़ों ग्रामीण सम्मानित
रायपुर/मितगई: छत्तीसगढ़ की राजनीति के पुरोधा, प्रदेश के पूर्व यशस्वी मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष आदरणीय डॉ. रमन सिंह का जन्मदिवस राज्यभर में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर राजधानी से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचलों तक विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में, छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख ग्रामीण क्षेत्र ग्राम मितगई में एक ऐसा प्रेरणादायक और भव्य आयोजन देखने को मिला, जिसने समाज सेवा और जनसंवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है।
राजेश यादव के नेतृत्व में हुआ भव्य आयोजन
ग्राम मितगई में आयोजित इस भव्य जन्मोत्सव समारोह के मुख्य आयोजक पूर्व जिला पंचायत सभापति श्री राजेश यादव रहे। उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय राजनीति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में एक अनूठी छाप छोड़ी है। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई थी कि इससे न केवल डॉ. रमन सिंह के दीर्घायु जीवन की कामना की जाए, बल्कि समाज के सबसे जरूरतमंद और आदरणीय तबके को प्रत्यक्ष रूप से सम्मानित कर लाभान्वित भी किया जाए।
“डॉ. रमन सिंह ने अपने संपूर्ण राजनीतिक जीवन में गरीबों, वंचितों और किसानों के उत्थान के लिए कार्य किया है। उनके जन्मदिन पर इस प्रकार का सेवाभावी आयोजन उनके व्यक्तित्व के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि और सम्मान है।” — राजेश यादव (पूर्व जिला पंचायत सभापति)
सैकड़ों महिला एवं पुरुषों के पैर धोकर किया गया अनूठा सम्मान
इस संपूर्ण आयोजन का सबसे बड़ा और भावनात्मक आकर्षण रहा ‘पाद पूजन’ और सम्मान समारोह। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा क्षेत्र के सैकड़ों वरिष्ठ महिला एवं पुरुषों को ससम्मान मंच के समीप आमंत्रित किया गया। भारतीय संस्कृति और परंपरा के सर्वोच्च संस्कारों का पालन करते हुए, अतिथियों और आयोजकों ने इन बुजुर्गों के चरण धोए।
चरण धोने की इस प्राचीन और पवित्र परंपरा ने उपस्थित सभी लोगों की आँखें नम कर दीं और पंडाल में मौजूद हर व्यक्ति ने इस मार्मिक दृश्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। यह पल इस बात का प्रतीक था कि राजनीति और जनसेवा का मूल आधार आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त करना है।
कंबल वितरण के साथ मिली शीतकालीन राहत
मात्र औपचारिकता तक सीमित न रहकर इस जन्मोत्सव को वास्तविक जनसेवा का रूप दिया गया। चरण धोने की रस्म के पश्चात, क्षेत्र के सभी उपस्थित सैकड़ों बुजुर्ग महिला और पुरुषों को आदर सहित गर्म कंबल भेंट किए गए। मौसम में बदलाव और आने वाली ठंड के मद्देनजर यह उपहार बुजुर्गों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ। कंबलों को प्राप्त करते समय वृद्धजनों के चेहरों पर जो संतोष और प्रसन्नता दिखाई दी, उसने पूरे आयोजन के उद्देश्यों को सार्थक कर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, भव्य आतिशबाजी और विशाल सामूहिक सहभोज
दिनभर चले सेवा कार्यों के पश्चात शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सव का दौर शुरू हुआ। कार्यक्रम स्थल पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, नृत्य और संगीत पर आधारित शानदार प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें देखने के लिए दर्जनों आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण और आम नागरिक पहुंचे थे।
डॉ. रमन सिंह के दीर्घायु होने की कामना के साथ आकाश रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। आतिशबाजी की गूंज और रोशनी ने उत्सव के माहौल को चार चांद लगा दिए। इसके उपरांत, एक विशाल ‘सामूहिक सहभोज’ (भंडारे) का आयोजन किया गया, जिसमें जाति, वर्ग और उम्र के बंधनों से ऊपर उठकर दर्जनों गांवों से आए हजारों ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया। इस सहभोज ने सामाजिक समरसता और भाईचारे का एक बेहतरीन संदेश दिया।
दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीण और जनप्रतिनिधि
ग्राम मितगई में आयोजित इस कार्यक्रम की गूंज आसपास के कई जिलों और विधानसभा क्षेत्रों तक सुनाई दी। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा वर्ग और महिला समूह के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में डॉ. रमन सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण बन गया कि किस प्रकार जननेताओं के जन्मदिन को केवल पोस्टरों और भाषणों तक सीमित न रखकर, जनसेवा, बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक समरसता के एक बड़े उत्सव के रूप में बदला जा सकता है। ग्राम मितगई का यह आयोजन आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
Ashish Sinha
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