सरगुजा: अपर कलेक्टर ने आपदा में मृतकों के आश्रितों को 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृत, लखनपुर व उदयपुर तहसील के परिवारों को मिली राहत
1. आपदा राहत स्वीकृति का पूरा विवरण
प्राकृतिक आपदाएं जीवन में अकल्पनीय पीड़ा और क्षति लेकर आती हैं। सरगुजा जिले में हाल में घटी दो अलग-अलग दुखद दुर्घटनाओं में दो नागरिकों की असमय मृत्यु हो गई। जिला प्रशासन की ओर से त्वरित संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग ने मुआवजा प्रकरण तैयार कर आर्थिक सहायता राशि की मंजूरी दे दी है।
अपर कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, दोनों मामलों में नियमानुसार आवश्यक जांच प्रक्रिया, पटवारी व तहसीलदार प्रतिवेदन और चिकित्सीय शव परीक्षण (Post Mortem) रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। स्वीकृत राशि सीधे पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
| क्र. | तहसील का नाम | ग्राम / निवास | मृतक का नाम | दुर्घटना का कारण | आश्रित/वारिस का नाम | स्वीकृत राशि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | लखनपुर | बगदर्री | सान्तनु | पानी में डूबने से मृत्यु | जमुना पैकरा | ₹ 4,00,000/- |
| 2 | उदयपुर | सानीबर्रा | तिरंगा | मिट्टी खदान धंसने से मृत्यु | बालसाय | ₹ 4,00,000/- |
2. दुर्घटनाओं का विस्तृत विवरण
लखनपुर तहसील (ग्राम बगदर्री) का मामला:
पहला मामला सरगुजा जिले की लखनपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बगदर्री का है। यहाँ के निवासी सान्तनु की मृत्यु पानी में डूबने के कारण हो गई थी। पानी में डूबने की घटना के बाद स्थानीय पुलिस एवं राजस्व अमले द्वारा तत्काल पंचनामा तैयार किया गया। शव के परीक्षण के पश्चात राजस्व अधिकारियों ने प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में मामला दर्ज करते हुए प्रकरण तैयार किया। जांच उपरांत अपर कलेक्टर सरगुजा ने मृतक सान्तनु की वारिस (आश्रित) जमुना पैकरा को 4 लाख रुपये की राहत राशि स्वीकृत की है।
उदयपुर तहसील (ग्राम सानीबर्रा) का मामला:
दूसरा मामला उदयपुर तहसील के ग्राम सानीबर्रा का है। यहाँ निवासी तिरंगा की मृत्यु मिट्टी की खदान धंसने के कारण मलबे में दबने से हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर घरेलू आवश्यकताओं या लिपाई-पुताई हेतु मिट्टी निकालते समय इस प्रकार के हादसे घटित हो जाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। इस प्राकृतिक हादसे में जान गंवाने वाले तिरंगा के कानूनी वारिस बालसाय के नाम पर 4 लाख रुपये की आर्थिक अनुदान सहायता की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
3. राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 (RBC 6-4) क्या है?
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्राकृतिक प्रकोपों और हादसों से प्रभावित नागरिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र (Revenue Book Circular) खण्ड 6 क्रमांक 4 के प्रावधान लागू किए गए हैं। इन नियमों के तहत प्राकृतिक आपदाओं में जान-माल का नुकसान होने पर सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार क्षतिपूर्ति एवं राहत राशि स्वीकृत की जाती है।
आरबीसी 6-4 के तहत आपदाओं एवं आर्थिक सहायता के प्रमुख बिंदु:
- जनहानि (मृत्यु): बाढ़, सर्पदंश, बिजली गिरना, पानी में डूबना, आगजनी, खदान धंसना, भूस्खलन आदि प्राकृतिक/आपदा हादसों में मृत्यु होने पर निकटतम आश्रित को ₹4,00,000 की सहायता।
- अंग-भंग / स्थायी अपंगता: गंभीर रूप से घायल या अपंग होने की स्थिति में ₹59,000 से लेकर ₹2,00,000 तक की सहायता राशि।
- पशु हानि: दुधारू पशु (गाय, भैंस आदि) की मृत्यु होने पर प्रति पशु ₹37,500 तक का प्रावधान।
- मकान क्षति: प्राकृतिक आपदा से मकान पूर्ण रूप से नष्ट होने पर ₹1,20,000 (मैदानी क्षेत्र) से ₹1,30,000 (पहाड़ी क्षेत्र) एवं आंशिक क्षति होने पर निर्धारित मानदेय।
- फसल नुकसान: अतिवृष्टि, बाढ़ या सूखा से 33% से अधिक फसल क्षति होने पर प्रति हेक्टेयर निर्धारित अनुदान।
4. प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता
सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा आपदा पीड़ितों के प्रकरणों को बिना किसी विलंब के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा की स्थिति में पीड़ित परिवारों के सामने आजीविका और जीवन














