सोनिया गांधी का इंस्टाग्राम पर ऐतिहासिक डेब्यू: आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ की पहली झलक जारी
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (@INCIndia) ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस खबर की पुष्टि करते हुए लिखा:
“CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी ने अपने Memoir- ‘Belonging: A Journey of Love’ की पहली झलक के साथ Instagram पर दस्तक दी है। इस नई शुरुआत में उनके साथ जुड़ें…”
पहले वीडियो में क्या है खास?
अपने डेब्यू वीडियो में सोनिया गांधी एक खूबसूरत व्यक्तिगत लाइब्रेरी में बैठी नजर आ रही हैं। उनके सामने उनकी आत्मकथा की पहली प्रति रखी हुई है। वीडियो में वे अपनी किताब के पन्नों को पलटती दिखती हैं।
विशेष रूप से, एक दृश्य में वे किताब में शामिल अपने बच्चों—राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा—के बचपन की पुरानी तस्वीरों वाले पन्नों पर रुकती हैं और मुस्कुराते हुए अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को तस्वीरें दिखाती हैं। वीडियो के अंत में माँ-बेटी का एक आत्मीय और भावुक क्षण भी देखने को मिलता है, जहाँ दोनों एक-दूसरे को गले लगाती हैं।
📖 किताब का नाम
Belonging: A Journey of Love
(एक ऐसा संस्मरण जो निजी जीवन, प्रेम और भारत के साथ उनके जुड़ाव को बयां करता है)
🗓️ वैश्विक रिलीज़ तारीख
10 नवंबर 2026
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Alfred A. Knopf और भारत में HarperCollins द्वारा प्रकाशित होगी।
📱 डिजिटल फॉलोइंग
अकाउंट बनने के कुछ ही घंटों में हजारों फॉलोअर्स जुड़ गए। सोनिया गांधी केवल तीन अकाउंट्स को फॉलो कर रही हैं: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस पार्टी ।
राहुल गांधी का भावुक संदेश
सोनिया गांधी के इस डिजिटल डेब्यू और किताब के अनावरण पर उनके पुत्र और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी बेहद भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी माँ के इस नए सफर का स्वागत करते हुए कहा:
“मैं जानता हूँ कि आप जैसे निजी (private) जीवन जीने वाले व्यक्ति के लिए दुनिया के सामने अपनी इतनी खूबसूरत कहानी रखना कितना कठिन रहा होगा। आज, राजीव जी के जन्मदिन/विशेष अवसर पर, मैं देख सकता हूँ कि पापा मुस्कुरा रहे होंगे और अपनी खूबसूरत सोनिया पर गर्व महसूस कर रहे होंगे।”
‘Belonging: A Journey of Love’: संस्मरण में क्या होगा खास?
सोनिया गांधी की यह आत्मकथा केवल एक राजनीतिक यात्रा का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह एक बेहद निजी और मानवीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। प्रकाशक के अनुसार, इस किताब में निम्नलिखित मुख्य पड़ावों का उल्लेख किया गया है:
| कालखंड / विषय | मुख्य विवरण व विवरण बिंदु |
|---|---|
| कैम्ब्रिज से शुरुआत (1965) | 19 वर्ष की उम्र में कैम्ब्रिज, इंग्लैंड में राजीव गांधी से उनकी पहली मुलाकात और दोनों के बीच पनपे प्रेम की शुरुआत। |
| भारत आगमन और विवाह (1968) | 25 फरवरी 1968 को विवाह के बाद भारत आना, इटली की पृष्ठभूमि से निकलकर नेहरू-गांधी परिवार का हिस्सा बनना और भारतीय संस्कृति को अपनाना। |
| व्यक्तिगत त्रासदियाँ | 1980 में संजय गांधी का प्लेन क्रैश, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में पति राजीव गांधी की दर्दनाक हत्या का उनके जीवन और मानसिक स्थिति पर असर। |
| राजनीति में अनिच्छुक प्रवेश | अपनी निजता की रक्षा करने वाली महिला का परिस्थितियों और दुखों के कारण सार्वजनिक राजनीति में आने का कठिन निर्णय। |
| 2004 का ऐतिहासिक फैसला | यूपीए (UPA) की जीत के बाद प्रधानमंत्री पद न स्वीकार करने और डॉ. मनमोहन सिंह को आगे करने के पीछे के आंतरिक विचार। |
किताब को लेकर विवाद और प्रकाशन में बदलाव
सोनिया गांधी की आत्मकथा का प्रकाशन सफर विवादों से अछूता नहीं रहा है। पहले यह पुस्तक ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ (Penguin Random House India) द्वारा प्रकाशित की जाने वाली थी। हालाँकि, पांडुलिपि (manuscript) में कुछ संपादकीय संशोधनों और बदलावों को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंगुइन द्वारा समकालीन राजनीतिक संदर्भों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कुछ हिस्सों पर बदलाव का सुझाव दिया गया था, जिसे सोनिया गांधी के पक्ष ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद भारतीय प्रकाशन के अधिकार हार्परकॉलिन्स इंडिया (HarperCollins India) ने हासिल कर लिए, जिसने बिना किसी संपादकीय कटौती के किताब को उसी रूप में छापने की सहमति दी। वैश्विक स्तर पर अमेरिका का मशहूर पब्लिशिंग हाउस ‘अल्फ्रेड ए. नोफ’ (Alfred A. Knopf) इसका प्रकाशन कर रहा है।
भारतीय राजनीति पर इस डेब्यू का असर
सोनिया गांधी हमेशा से मीडिया और सोशल मीडिया की लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती रही हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जहाँ वर्षों से एक्स और इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं, वहीं सोनिया गांधी की सोशल मीडिया से दूरी बनी हुई थी।
इस उम्र में उनका इंस्टाग्राम पर आना यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी अपनी बात को सीधे युवा पीढ़ी और डिजिटल पाठकों तक पहुँचाने के लिए नए माध्यमों को अपनाने से नहीं कतरा रही है। यह कदम केवल उनकी किताब के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके 6 दशकों के भारतीय अनुभव और नेहरू-गांधी परिवार के मानवीय पहलू को सीधे जनता के सामने रखने का एक माध्यम भी है।
‘Belonging: A Journey of Love’ के जरिए सोनिया गांधी ने अपनी जिंदगी की उन परतों को खोलने की कोशिश की है जो अब तक पर्दे के पीछे थीं। 10 नवंबर 2026 को रिलीज़ होने वाली यह किताब न केवल भारतीय राजनीति के इतिहास के कई अनसुलझे पहलुओं को उजागर करेगी, बल्कि इंस्टाग्राम पर उनकी मौजूदगी प्रशंसकों और राजनीतिक विश्लेषकों को उनके जीवन की नई झलकियों से रूबरू कराती रहेगी।














