मेरठ के पास के गांव से IIT पहुंचे प्रशांत चौधरी अब ग्रामीण बच्चों को मोबाइल पर मुफ्त में कोडिंग और AI सिखा रहे हैं। इस पहल के लिए प्रशांत को 31 अक्टूबर को 5वां रोहिणी नैयर पुरस्कार मिला। इसके तहत उन्हें 10 लाख रुपए, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र दिया गया। उनके CodeYogi Foundation से 9 राज्यों के 120 जिलों में 3 लाख 50 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स जुड़ चुके हैं।
प्रशांत को ये पुरस्कार ग्रामीण इलाकों में टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए मिला है। नई दिल्ली में हुए समारोह में नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत ने उन्हें सम्मानित किया।
क्या है CodeYogi Foundation CodeYogi Foundation एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है, जो सरकारी स्कूलों और गरीब परिवारों के बच्चों को मोबाइल के जरिए मुफ्त में कोडिंग और AI सिखाती है। साल 2020 में IIT दिल्ली के पूर्व छात्र प्रशांत चौधरी, प्रियंका सेठी और राकेश सहगल ने इसकी शुरुआत की थी। इस प्रोग्राम में बच्चों को कोडिंग सीखने के लिए महंगे कंप्यूटर या लैपटॉप की जरूरत नहीं होती। वे अपने घर के सामान्य एंड्रॉयड फोन से ही पढ़ाई और प्रैक्टिस कर सकते हैं। इसकी क्लास हिंदी और दूसरी स्थानीय भाषाओं में होती हैं, ताकि भाषा या पैसों की कमी के कारण कोई बच्चा टेक्नोलॉजी सीखने से पीछे न रह जाए।

















