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सरगुजा जिले में शहीद STF जवान के बुजुर्ग माता-पिता ने अपनी बहू पर उन्हें बेसहारा छोड़ने का आरोप लगाया

सरगुजा जिले में शहीद STF जवान के बुजुर्ग माता-पिता ने अपनी बहू पर उन्हें बेसहारा छोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि, बेटे की शहादत के बाद बहू को ASI के पोस्ट पर अनुकंपा नियुक्ति और 84 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी मिली, लेकिन अब वह उनकी देखभाल नहीं कर रही है।

नौकरी मिलने के बाद बहू अपना अलग घर बनवाकर रह रही है। बेटे के मकान में ताला लगा दी है। अब ससुराल भी नहीं आती जाती है। बुजुर्ग माता-पिता ने सरगुजा कलेक्टर और एसपी को शिकायत देकर अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों के उल्लंघन, घर से बेदखल करने और शहीद परिवार को मिली आर्थिक सहायता की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में पदस्थ रामशंकर 3 अप्रैल 2021 को बीजापुर में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत के बाद पत्नी को परिवार के भरण-पोषण और देखभाल की शर्त पर एसपी कार्यालय अंबिकापुर में ASI के पोस्ट पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। रामशंकर की कोई संतान नहीं है।

नौकरी मिलने के बाद बहू ने तोड़ा नाता

शहीद जवान के पिता दुखराम (76) और मां दुलारी बाई (68) का आरोप है कि, बहू ने नौकरी मिलने के बाद उनसे संबंध तोड़ लिए। वह उनकी कोई आर्थिक मदद भी नहीं करती है। फिलहाल दोनों बुजुर्ग अपने छोटे बेटे के साथ रह रहे हैं।

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माता-पिता के मुताबिक, रामशंकर ने अंबिकापुर में मकान बनवाया था, लेकिन उस मकान पर भी ताला लगा दिया गया है। इस कारण उन्हें छोटे बेटे जय सिंह और उसके परिवार के साथ रहने को मजबूर होना पड़ रहा है

84 लाख मिलने की जानकारी, बहू ने 25 लाख बताए

बुजुर्ग माता-पिता ने आरोप लगाया है कि बेटे की शहादत के बाद शासन से करीब 84 लाख रुपए मिलने की जानकारी दी गई थी, जबकि बहू ने केवल 25 लाख रुपए मिलने की बात बताई।

उनका आरोप है कि शहादत के बाद मिली राशि और वेतन से बहू ने कार, स्कूटी, ट्रैक्टर, बाइक, जमीन और बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी संपत्तियां बनाई हैं, लेकिन उनकी आर्थिक मदद नहीं की।

शहीद बेटे के जरूरी दस्तावेज भी नहीं देने का आरोप

माता-पिता का कहना है कि उनके पास शहीद बेटे का आधार कार्ड, शहीद प्रमाण पत्र और आश्रित परिवार सूची जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं हैं। बहू से इन दस्तावेजों की प्रतियां मांगी गईं, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया।

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